बजट में हुआ एक ऐलान और धड़ाम हुए कैपिटल मार्केट स्टॉक! 16% टूटा भाव - Details
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने के ऐलान के बाद रविवार के ट्रेडिंग सेशन में कैपिटल मार्केट से जुड़े शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। Angel One, Groww, BSE समेत कई शेयर 16 फीसदी तक लुढ़क गए।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने के ऐलान के बाद रविवार के ट्रेडिंग सेशन में कैपिटल मार्केट से जुड़े शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। Angel One, Groww, BSE समेत कई शेयर 16 फीसदी तक लुढ़क गए।
STT बढ़ोतरी से बढ़ी ट्रेडिंग लागत
वित्त मंत्री ने कहा कि फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स पर STT बढ़ाकर 0.05 फीसदी किया जाएगा, जबकि ऑप्शंस प्रीमियम पर STT 0.10 फीसदी से बढ़ाकर 0.15 फीसदी कर दिया गया है। इस फैसले से डेरिवेटिव मार्केट में ट्रेड करने वाले ट्रेडर्स, हेजर्स और आर्बिट्रेजर्स की लागत सीधे तौर पर बढ़ेगी।
BSE, Groww और Angel One में तेज गिरावट
ऐलान के बाद BSE Ltd के शेयर 15 फीसदी से ज्यादा टूटकर 2,377.40 रुपये तक आ गए। Billionbrains Garage Ventures Ltd (Groww) के शेयर दिन के हाई से 14 फीसदी गिरकर 158.35 रुपये तक फिसल गए। दोनों कंपनियों का कुल मार्केट कैप 1 लाख करोड़ रुपये से नीचे चला गया।
Angel One Ltd के शेयर 10 फीसदी टूटकर 2,284.70 रुपये पर बंद हुए और कंपनी का मार्केट कैप मुश्किल से 20,000 करोड़ रुपये के आसपास टिक पाया।
डिपॉजिटरी शेयर भी दबाव में
डिपॉजिटरी कंपनियों पर भी असर दिखा। Central Depository Services (India) Ltd (CDSL) के शेयर 9 फीसदी से ज्यादा टूटकर 1,196.30 रुपये तक आए, जबकि National Securities Depository Ltd (NSDL) करीब 3 फीसदी कमजोर हुआ। वहीं, IIFL Capital Services Ltd के शेयर लगभग 18 फीसदी टूट गए।
वॉल्यूम घटाने का इरादा?
Kotak Securities के MD & CEO श्रिपाल शाह के मुताबिक, STT में बढ़ोतरी से इम्पैक्ट कॉस्ट बढ़ेगी और डेरिवेटिव वॉल्यूम ठंडे पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसका मकसद राजस्व बढ़ाने से ज्यादा वॉल्यूम को कंट्रोल करना लगता है।
Choice Equity Broking के आकाश शाह का कहना है कि इससे FPI की टैक्टिकल भागीदारी भी प्रभावित हो सकती है और निवेशक टैक्स पॉलिसी की स्थिरता पर ज्यादा नजर रखेंगे।
कैपिटल मार्केट इकोसिस्टम पर दबाव
SAMCO Securities के राज गैकर ने कहा कि फ्यूचर्स पर STT बढ़ाना स्ट्रक्चरल तौर पर F&O-ड्रिवन बिजनेस के लिए नेगेटिव है। इससे ब्रोकिंग कंपनियों, एक्सचेंज, AMC और डिपॉजिटरी की कमाई पर असर पड़ सकता है।
बायबैक टैक्स में भी बदलाव
इसके अलावा वित्त मंत्री ने यह भी ऐलान किया कि अब शेयर बायबैक पर सभी कैटेगरी के शेयरहोल्डर्स के लिए कैपिटल गेन टैक्स लगेगा। इससे कंपनियों के लिए बायबैक के जरिए रिटर्न देना महंगा हो सकता है।
Ski Capital Services के MD & CEO नरेंद्र वाधवा के मुताबिक, यह कदम लॉन्ग टर्म और डिलीवरी-बेस्ड निवेशकों को प्रभावित नहीं करता, लेकिन यह साफ संकेत देता है कि सरकार अत्यधिक लीवरेज और सट्टेबाजी पर लगाम लगाना चाहती है।

