सोमवार को रडार पर रहेगा ये डिफेंस स्टॉक! ₹52,000 करोड़ के डिफेंस प्रपोजल से बढ़ सकती है रफ्तार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली परिषद ने बीते शुक्रवार को इन प्रस्तावों को Acceptance of Necessity (AoN) दी। हालांकि AoN केवल खरीद प्रक्रिया का शुरुआती औपचारिक फेज है। इसका मतलब सरकार की खरीद की मंशा है, लेकिन इससे तुरंत किसी कंपनी को ऑर्डर या राजस्व नहीं मिलता।

Stock in Focus: डिफेंस सेक्टर की कंपनी Apollo Micro Systems का शेयर सोमवार को निवेशकों के रडार पर रह सकता है। इसकी वजह रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने करीब 52,000 करोड़ रुपये के कैपिटल पर्चेज प्रस्तावों को मंजूरी देना है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली परिषद ने बीते शुक्रवार को इन प्रस्तावों को Acceptance of Necessity (AoN) दी। हालांकि AoN केवल खरीद प्रक्रिया का शुरुआती औपचारिक फेज है। इसका मतलब सरकार की खरीद की मंशा है, लेकिन इससे तुरंत किसी कंपनी को ऑर्डर या राजस्व नहीं मिलता।
किन वजहों से बढ़ी उम्मीदें?
Apollo Micro Systems के लिए सबसे बड़ा अवसर भारतीय नौसेना के Multi-Influence Ground Mine (MIGM) कार्यक्रम से जुड़ा माना जा रहा है। कंपनी इस सिस्टम के लिए DRDO की Development-cum-Production Partner व्यवस्था के तहत स्वीकृत प्रोडक्शन एजेंसी है। कंपनी से जुड़ी उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उसे अगस्त 2025 में MIGM-Vighana की टेक्नोलॉजी ट्रांसफर भी मिल चुकी है।
DAC की मंजूरी में सेना से जुड़े कई ऐसे कार्यक्रम भी शामिल हैं, जिनका संबंध कंपनी की मौजूदा क्षमताओं से है। इनमें Man Portable Anti-Tank Guided Missile, Very Short Range Air Defence System, AKASH TARANG एंटी-यूएवी इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, Jet-Based Kamikaze Drones और Medium Range Surface-to-Air Missile जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। इन प्रणालियों में इलेक्ट्रॉनिक्स, एवियोनिक्स, कंट्रोल यूनिट, एक्ट्यूएशन और मिशन-क्रिटिकल सब-सिस्टम की अहम भूमिका होती है।
अप्रैल 2026 में मिली DPIIT की लाइफटाइम आर्म्स मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस ने भी कंपनी की स्थिति मजबूत की है। इस लाइसेंस में मिसाइल, एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल, टॉरपीडो और लोइटरिंग म्यूनिशंस जैसे क्षेत्रों में निर्माण की अनुमति शामिल है।
रिकॉर्ड वित्तीय प्रदर्शन से मिला सहारा
DAC की मंजूरी ऐसे समय आई है, जब Apollo Micro Systems ने FY26 में अपना अब तक का सबसे मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया। कंपनी का राजस्व 60.9% बढ़कर 904 करोड़ रुपये पहुंच गया। चौथी तिमाही का मुनाफा 168.7% बढ़ा, जबकि उसका कंसो ऑर्डर बुक 1,432 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो उसके पिछले 12 महीनों के राजस्व का करीब 1.6 गुना है।

