बाजार गिरा लेकिन 3% उछला Adani Green का शेयर! जानिए ट्रिगर और टारगेट प्राइस
Adani Green Energy के शेयरों में बुधवार को तेजी देखने को मिली। कंपनी ने गुजरात के खावड़ा में 139 MW का नया सोलर प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिससे उसकी रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता और बढ़ गई है। चेक करें टारगेट प्राइस

Adani Green Energy Ltd के शेयरों में आज करीब 3% की तेजी देखने को मिली है। हालांकि दोपहर 12:25 बजे तक शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिल रही है।
दरअसल कंपनी ने बीते मंगलवार को अपने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया था कि उसने गुजरात के खावड़ा में 139 मेगावाट का सोलर पावर प्रोजेक्ट चालू किया है।
दोपहर 12:25 बजे तक कंपनी का शेयर बीएसई पर 2.06% या 26 रुपये चढ़कर 1286 रुपये पर कारोबार कर रहा था और एनएसई पर स्टॉक 1.66% या 21 रुपये चढ़कर 1,286 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।
कंपनी ने अपने फाइलिंग में बताया कि यह प्रोजेक्ट कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली स्टेप-डाउन सब्सिडियरी Adani Green Energy Twenty Six A Limited ने ऑपरेशनल किया है। इसके साथ Adani Green Energy की कुल ऑपरेशनल रिन्यूएबल जनरेशन क्षमता बढ़कर 20,280.80 MW हो गई है। कंपनी की ऑपरेशनल BESS क्षमता 3,551 MWh है।
कंपनी ने क्या कहा?
Adani Green Energy ने स्टॉक एक्सचेंजों को बताया कि जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद 1 सितंबर 2026 को दोपहर 2:05 बजे इस प्लांट को व्यावसायिक रूप से चालू करने का फैसला किया गया।
खावड़ा में नए प्रोजेक्ट के ऑपरेशनल होने से कंपनी की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता में एक और इजाफा हुआ है। कंपनी लगातार अपने रिन्यूएबल पावर पोर्टफोलियो को बढ़ा रही है।
₹1,570 का टारगेट, 10 Buy कॉल
12 महीने का Bloomberg consensus टारगेट प्राइस Adani Green Energy के लिए ₹1,570.45 है। मौजूदा स्तर से इसमें करीब 25% की संभावित तेजी का संकेत मिलता है। स्टॉक पर 10 Buy और एक Sell रेटिंग है।
DOJ मामले पर भी रही नजर
पिछले महीने Adani Green Energy का शेयर अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) से जुड़े मामले को लेकर भी चर्चा में रहा था। कंपनी ने बताया था कि DOJ ने गौतम एस. अडानी, सागर आर. अडानी और वनीत एस. जैन के खिलाफ आरोप हटाने के लिए कदम उठाया था।
इसके बाद US Eastern District of New York ने 10 अगस्त 2026 के आदेश के तहत उनके खिलाफ indictment को prejudice के साथ खारिज कर दिया। कंपनी ने कहा कि DOJ ने आरोपों की आगे समीक्षा की और अपने अभियोजन संबंधी विवेकाधिकार के तहत मामला खारिज करने का फैसला किया।

