
पहली बार Gautam Adani के मामले पर बोले GQG पार्टनर्स के राजीव जैन
गौतम अडानी घूसकांड का असर दूसरे दिन भी अडानी ग्रुप के शेयरों पर देखा जा रहा है। Adani Enterprises और Adani Ports में 10 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। इसके अलावा दूसरे स्टॉक्स पर भी दबाव देखने को मिला। इन तमाम खबरों के बीच अदाणी ग्रुप के प्रमुख निवेशक GQG पार्टनर्स के राजीव जैन का बयान आया है।

गौतम अडानी घूसकांड का असर दूसरे दिन भी अडानी ग्रुप के शेयरों पर देखा जा रहा है। Adani Enterprises और Adani Ports में 10 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। इसके अलावा दूसरे स्टॉक्स पर भी दबाव देखने को मिला। इन तमाम खबरों के बीच अदाणी ग्रुप के प्रमुख निवेशक GQG पार्टनर्स के राजीव जैन का बयान आया है।
अदाणी ग्रुप के प्रमुख निवेशकों में से एक अमेरिकी निवेश फर्म GQG पार्टनर्स इंक के राजीव जैन का कहना है कि अमेरिकी जिला न्यायालय, SEC के आदेशों के बाद 'अपने निवेश की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी टीम यह तय कर रही है कि हमारे पोर्टफोलियो के लिए क्या करना है और आगे का क्या प्लान होगा? साथ ही उनका ये भी कहना है कि वह ऑस्ट्रेलिया में लिस्टेड अपने शेयरों को वापस खरीदने की योजना बना रही है, क्योंकि गुरुवार को भारतीय ग्रुप की इकाइयों में अपने निवेश के बारे में चिंताओं के कारण शेयरों में गिरावट आई थी.
एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, फ्लोरिडा स्थित एसेट मैनेजर सिडनी में सूचीबद्ध डिपॉजिटरी के 100 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (65 मिलियन डॉलर) वैल्यू के पुनर्खरीद की योजना बना रहा है।
अमेरिकी कोर्ट के जरिए अरबपति गौतम अडानी पर 250 मिलियन डॉलर की रिश्वतखोरी योजना को आगे बढ़ाने में मदद करने का आरोप लगाने के बाद गुरुवार को GQG के शेयरों में 19% की गिरावट आई। बायबैक घोषणा पर GQG 16% तक बढ़ गया, लेकिन अब यह ऊंचाई से नीचे है।
आपको बात दें कि जनवरी 2023 में जब अडानी ग्रुप पर हिंडनबर्ग ने रिपोर्ट पेश की थी। इस रिपोर्ट के आने के बाद गौतम अडानी की नेटवर्थ में तगड़ी गिरावट हुई थी। ऐसे वक्त में GQG पार्टनर्स इंक के राजीव जैन ने अडानी ग्रुप के शेयरों में जमकर खरीदारी की थी और इस मौके पर भुनाया था।
आइये नजर डालते हैं उन स्टॉक्स और हिस्सेदारी पर जहां GQG ने निवेश किया हुआ है। आपको बता दें कि ये 30 सितंबर तक की जानकारी है।

30 सितंबर को समाप्त तिमाही के अनुसार, GQG पार्टनर्स ने अडानी ग्रुप की 6 कंपनियों में हिस्सेदारी रखी थी, जो 1.5% से 2% के बीच थी। इस खबर के आने के बाद से शेयरों में भारी गिरावट देखी जा रही है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। निवेश निर्णय लेने से पहले एक वित्तीय सलाहकार से परामर्श करने की सिफारिश की जाती है।