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महिलाएं उम्र के हिसाब से कितना करें निवेश? राधिका गुप्ता ने बताया 10-30-50 फॉर्मूला

कमाई का कितना हिस्सा निवेश में जाना चाहिए इसे लेकर राधिका गुप्ता ने आसान 10 30 50 फॉर्मूला बताया है। उन्होंने उम्र के हिसाब से निवेश बढ़ाने के साथ SIP हेल्थ इंश्योरेंस कर्ज और छह महीने के खर्च की तैयारी पर भी जोर दिया। जानिए उनका पूरा निवेश मंत्र।

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In Short

  • राधिका गुप्ता ने 20s में 10 फीसदी 30s में 30 फीसदी और 40s में 50 फीसदी निवेश का फॉर्मूला बताया।
  • निवेश से पहले हेल्थ इंश्योरेंस कर्ज और कम से कम छह महीने के खर्च की सुरक्षित व्यवस्था जरूरी बताई।
  • पोर्टफोलियो में इक्विटी डेट और गोल्ड का संतुलन रखने और SIP के जरिए निवेश ऑटोमैटिक करने की सलाह दी।

महिलाओं को अक्सर जल्दी निवेश शुरू करने और रिटायरमेंट की तैयारी करने की सलाह दी जाती है, लेकिन सवाल यह है कि कमाई का कितना हिस्सा निवेश किया जाए। Edelweiss Mutual Fund की MD और CEO राधिका गुप्ता ने इसके लिए एक आसान फॉर्मूला बताया है। India Today Woman Summit 2026 में उन्होंने कहा कि 20 की उम्र में पोस्ट टैक्स इनकम का 10 फीसदी, 30 की उम्र में 30 फीसदी और 40 की उम्र में 50 फीसदी तक निवेश का लक्ष्य रखा जा सकता है।

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निवेश को ऑटोमैटिक बनाएं

राधिका गुप्ता के मुताबिक सिर्फ रकम तय करना काफी नहीं है, निवेश की आदत बनाना ज्यादा जरूरी है। उन्होंने कहा कि 20 की उम्र में कम से कम 10 फीसदी पोस्ट टैक्स सैलरी SIP के जरिए निवेश करनी चाहिए।

उनका कहना है कि जैसे सैलरी से टैक्स अपने आप कट जाता है, वैसे ही निवेश भी ऑटोमैटिक होना चाहिए ताकि महीने के आखिर में बची रकम पर निर्भर न रहना पड़े।

निवेश से पहले इन चीजों को ठीक करें

राधिका गुप्ता ने कहा कि निवेश शुरू करने से पहले अपनी आर्थिक कमजोरियों को समझना जरूरी है। परिवार और खुद के लिए पर्याप्त हेल्थ इंश्योरेंस होना चाहिए और कर्ज की स्थिति भी साफ होनी चाहिए।

खासकर महंगे कर्ज जैसे क्रेडिट कार्ड डेट को नजरअंदाज करके निवेश बढ़ाना सही तरीका नहीं है।

पोर्टफोलियो को थाली की तरह देखें

उन्होंने निवेश के पोर्टफोलियो को भारतीय थाली से समझाया। उनके मुताबिक एक आसान पोर्टफोलियो में इक्विटी, डेट और गोल्ड का संतुलन हो सकता है।

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इक्विटी ग्रोथ के लिए है, डेट स्थिरता और जरूरत के समय पैसे की उपलब्धता देता है, जबकि गोल्ड पोर्टफोलियो में विविधता लाने का काम करता है।

Mutual Fund को बताया आसान रास्ता

राधिका गुप्ता ने शेयर चुनने की तुलना घर पर बिरयानी बनाने से की। उनका कहना है कि हर निवेश खुद चुनना आसान नहीं होता। Mutual Fund निवेशकों को अलग-अलग निवेश का एक बास्केट देता है।

उन्होंने आसान विकल्पों पर जोर दिया और इन्हें “दाल चावल म्यूचुअल फंड” जैसा बताया। इक्विटी के लिए फ्लेक्सी कैप और ज्यादा सावधान निवेशकों के लिए हाइब्रिड या मल्टी एसेट फंड जैसे विकल्पों का जिक्र किया।

छह महीने का खर्च सुरक्षित रखें

राधिका गुप्ता ने कहा कि हर निवेशक के पास कम से कम छह महीने के खर्च के बराबर पैसा सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध निवेश में होना चाहिए। इसमें फिक्स्ड डिपॉजिट, PPF या दूसरी फिक्स्ड इनकम वाली जगह शामिल हो सकती हैं।

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उनका साफ संदेश है कि निवेश में सिर्फ ज्यादा रिटर्न देखना जरूरी नहीं है। जरूरत के समय पैसा उपलब्ध होना भी उतना ही अहम है।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।