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UPI पर 741 बैंक! भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम ने कैसे बनाई दुनिया में सबसे बड़ी पहचान?

UPI ने 10 साल में भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम की तस्वीर बदल दी है। 2016 में सिर्फ 21 बैंकों से शुरू हुआ नेटवर्क जुलाई 2026 तक 741 बैंकों तक पहुंच गया। ट्रांजैक्शन वॉल्यूम और वैल्यू में भी जबरदस्त उछाल आया है। जानिए UPI का यह पूरा सफर।

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AI Generated Image

In Short

  • अगस्त 2016 में UPI से सिर्फ 21 बैंक जुड़े थे, जुलाई 2026 तक यह संख्या बढ़कर 741 हो गई।
  • FY2025-26 में UPI पर 24,162 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी वैल्यू करीब 314 लाख करोड़ रुपये रही।
  • UPI अब 11 देशों में उपलब्ध है और 2025 में ग्लोबल रियल-टाइम पेमेंट वॉल्यूम में इसकी हिस्सेदारी करीब 49 फीसदी रही।

अगस्त 2016 में जब यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI की शुरुआत हुई थी, तब इसके नेटवर्क में सिर्फ 21 बैंक शामिल थे। करीब 10 साल बाद जुलाई 2026 तक यह संख्या बढ़कर 741 बैंक हो गई है। यह आंकड़ा बताता है कि भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम में UPI का दायरा कितनी तेजी से बढ़ा है।

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21 से 741 बैंक तक पहुंचा नेटवर्क

UPI को नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी NPCI ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की निगरानी में लॉन्च किया था। इसका सिस्टम ऐसा बनाया गया कि अलग-अलग बैंकों के ग्राहक एक ही प्लेटफॉर्म के जरिए तुरंत पैसे भेज और प्राप्त कर सकें।

FY2016-17 में UPI पर 44 बैंक लाइव थे। FY2025-26 तक यह संख्या बढ़कर 703 हो गई और जुलाई 2026 तक 741 बैंक नेटवर्क से जुड़ चुके थे।

इनमें सरकारी बैंक, प्राइवेट बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, पेमेंट बैंक और कोऑपरेटिव बैंक शामिल हैं।

ट्रांजैक्शन में भी जबरदस्त उछाल

UPI के साथ बैंकों की संख्या बढ़ने के अलावा इसका इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ा है। FY2016-17 में सालभर में 1.78 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए थे। FY2025-26 में यह संख्या बढ़कर 24,162 करोड़ हो गई।

इसी दौरान ट्रांजैक्शन वैल्यू 0.07 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 314 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

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2026 में UPI पर रोजाना औसतन 66 करोड़ ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए गए।

जुलाई में बना नया रिकॉर्ड

जुलाई 2026 में UPI ने 2,366 करोड़ ट्रांजैक्शन का मासिक रिकॉर्ड बनाया। इनकी कुल वैल्यू 29.88 लाख करोड़ रुपये रही।

FY2025-26 में भारत के कुल डिजिटल पेमेंट्स में UPI की हिस्सेदारी 84 फीसदी रही।

छोटे पेमेंट में UPI का ज्यादा इस्तेमाल

मर्चेंट पेमेंट यानी P2M ट्रांजैक्शन कुल वॉल्यूम का 63 फीसदी रहे। इनमें से 86 फीसदी ट्रांजैक्शन 500 रुपये से कम के थे।

Image Credit : Aaj Tak

दूसरी ओर P2P यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले पेमेंट कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू का 71 फीसदी रहे।

विदेशों तक पहुंचा UPI

सरकारी रिलीज के मुताबिक 2025 में दुनिया के रियल टाइम पेमेंट ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में UPI की हिस्सेदारी करीब 49 फीसदी थी।

UPI फिलहाल 11 देशों में काम कर रहा है। इनमें UAE, फ्रांस, सिंगापुर, श्रीलंका, नेपाल और मॉरीशस शामिल हैं।

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सरकार के मुताबिक UPI के दूसरे दशक में ज्यादा यूजर्स और व्यापारियों को इससे जोड़ने, तकनीक बढ़ाने और वित्तीय पहुंच को मजबूत करने पर फोकस रहेगा।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।