
प्याज और चीनी की बढ़ती कीमतों पर दिल्ली सरकार अलर्ट, सीएम रेखा गुप्ता ने बुलाई अहम बैठक
दिल्ली में प्याज और चीनी की बढ़ती कीमतों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मुद्दे पर अहम बैठक बुलाई है। इसमें कीमतों के साथ बाजार में सप्लाई और उपलब्धता की समीक्षा होगी।

In Short
- प्याज और चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर CM रेखा गुप्ता ने दिल्ली सचिवालय में अहम बैठक बुलाई।
- बैठक में कीमतों के साथ बाजार में प्याज और चीनी की सप्लाई और उपलब्धता की समीक्षा की जाएगी।
- अधिकारियों से मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट ली जा सकती है और आगे के कदमों पर फैसला हो सकता है।
दिल्ली में प्याज और चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अहम बैठक बुलाई है। यह बैठक मंगलवार दोपहर 3 बजे दिल्ली सचिवालय में होगी। बैठक में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। माना जा रहा है कि इसमें प्याज और चीनी की कीमतों के साथ बाजार में इनकी उपलब्धता की भी समीक्षा की जाएगी।
आम लोगों के बजट पर असर
प्याज और चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी से आम लोगों की रसोई का बजट प्रभावित हो सकता है। ऐसे में दिल्ली सरकार बाजार की मौजूदा स्थिति की जानकारी लेगी।
बैठक में अधिकारियों से यह रिपोर्ट भी मांगी जा सकती है कि बाजार में प्याज और चीनी की सप्लाई कितनी है और कीमतों में अचानक बढ़ोतरी की वजह क्या है।
सप्लाई पर भी होगी चर्चा
सरकार यह भी देख सकती है कि दिल्ली के बाजारों में प्याज और चीनी की पर्याप्त सप्लाई है या नहीं। अगर किसी स्तर पर कमी या दूसरी समस्या सामने आती है तो बैठक के बाद आगे के कदमों पर फैसला लिया जा सकता है।

फिलहाल सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि बैठक के बाद दिल्ली सरकार कीमतों को लेकर क्या फैसला करती है।
बैठक से पहले CM की प्रेस कॉन्फ्रेंस
इस बैठक से पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। इस दौरान उन्होंने दिल्ली में चल रहे विकास कार्यों और सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि दिल्ली अब सही दिशा में आगे बढ़ रही है और सरकार पुरानी समस्याओं को दूर करने पर काम कर रही है।
सीवर और पानी से जुड़े कामों का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई इलाकों में 50 साल पुरानी सीवर लाइनों की समस्या थी और अब इन समस्याओं को दूर करने का काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि वित्त मंत्रालय के माध्यम से एडीबी से 2,500 करोड़ रुपये का लोन मिला है। इसके अलावा डीएमए मीटरिंग का काम भी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के मुताबिक साउथ वेस्ट जोन में करीब 7,096 करोड़ रुपये के वाटर नेटवर्क से जुड़े काम किए जाएंगे। इस दौरान पानी की सप्लाई में होने वाले नुकसान का भी पता लगाया जाएगा।
जल बोर्ड के काम पर भी चर्चा
मुख्यमंत्री ने दिल्ली जल बोर्ड के काम की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि विभाग के करीब 18 हजार कर्मचारियों को कैशलेस व्यवस्था से जोड़ा गया है।
वहीं मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि पिछले डेढ़ साल में जल बोर्ड से जुड़ी हजारों करोड़ रुपये की योजनाओं को मंजूरी मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन इलाकों में लोगों को बिल नहीं मिलते थे वहां एलपीएस-ई योजना शुरू की गई है।
अब प्याज और चीनी की कीमतों पर होने वाली बैठक के बाद सरकार के अगले कदम पर नजर रहेगी।

