10% सैलरी इंक्रीमेंट के भरोसे बैठे हैं? टियर-1 शहरों की ये कड़वी सच्चाई उड़ा देगी आपके होश
बिजनेस टुडे के रिपोर्ट के मुताबिक चार्टर्ड अकाउंटेंट नितिन कौशिक ने कहा कि अगर आपकी कमाई में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हो रही है और न ही आप नई स्किल सीख रहे हैं, तो सालों तक एक ही पोस्ट पर टिके रहना आपकी आर्थिक तरक्की को धीरे-धीरे खत्म कर सकता है।

क्या आप भी लंबे समय से एक ही पोजिशन पर नौकरी कर जाने-अनजाने में अपने करियर और आर्थिक भविष्य को दांव पर लगा रहे है? एक्सपर्ट्स ने इसे आर्थिक आत्महत्या (Financial suicide) का नाम दिया है। आइए जानते हैं एक्सपर्ट ने इसे लेकर और क्या-क्या बातें बताई है, जिससे आप अपने करियर में अपनाकर आगे बढ़ सकेंगे।
बिजनेस टुडे के रिपोर्ट के मुताबिक चार्टर्ड अकाउंटेंट नितिन कौशिक ने कहा कि अगर आपकी कमाई में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हो रही है और न ही आप नई स्किल सीख रहे हैं, तो सालों तक एक ही पोस्ट पर टिके रहना आपकी आर्थिक तरक्की को धीरे-धीरे खत्म कर सकता है।
10% सैलरी इंक्रीमेंट के भरोसे बैठे हैं?
आजकल जब शहरों में रहने वाले परिवारों पर घर, इलाज और बच्चों की पढ़ाई का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है ऐसे में एक्सपर्ट ने बताया कि जो लोग सिर्फ हर साल मिलने वाले 10% सैलरी इंक्रीमेंट पर भरोसा कर रहे हैं, वे एक बड़ी आर्थिक सच्चाई को नजरअंदाज कर रहे हैं। उनके मुताबिक, टियर-1 शहरों में शिक्षा, हेल्थकेयर और रियल एस्टेट की लागत हर साल 12% से 14% तक बढ़ रही है।
स्किल डेवलपमेंट के बिना कमाई अधूरी
कौशिक ने जोर दिया कि नौकरी पेशा लोगों को अपनी स्किल डेवलपमेंट को समय-समय पर चेक करना चाहिए कि क्या आपकी स्किल्स बाजार की बदलती मांगों के साथ तालमेल बिठा पा रही है या नहीं ? अधिकतर नौकरीपेशा लोग अपने कम्फर्ट जोन में सुरक्षित महसूस करते हैं लेकिन वो यह नहीं जानते कि इस AI के दौर में बाजार में उनकी स्किल्स पुरानी होती जा रही है।
सीए कौशिक के अनुसार, कमाई में इजाफा न होने का मुख्य कारण स्कील की कमी है। यदि आप 2026 में वही काम कर रहे हैं जो आपने 2023 में किया था तो आप स्किल की रफ्तार में पिछड़ चुके हैं।
कमाई कैसी होगी बेहतर
सीए ने बताया कि जब आप सोच-समझकर अपने काम, एरिया या नौकरी की जिम्मेदारियां बदलते हैं ताकि आपका करियर और कमाई दोनों बेहतर होते हैं। अगर आप ऐसा करेंगे तो इससे आपकी सैलेरी बढ़ने की काफी उम्मीद है।
कंपनियां अक्सर नए टैलेंटेड लोगों को भर्ती करने के लिए अधिक पैसा खर्च करती हैं। यदि आप हर 24 महीने में अपने मार्केट वैल्यू का आकलन नहीं करते, तो हर साल आप करियर में लाखों रुपये गंवा रहे हैं।

