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रिटायरमेंट के बाद हर महीने चाहिए नियमित कमाई? जानिए कौन सी सरकारी बचत योजनाएं आ सकती हैं आपके काम

रिटायरमेंट के बाद नियमित सैलरी बंद हो जाती है लेकिन घर के खर्च कम नहीं होते। ऐसे में पहले से की गई बचत आपके काम आ सकती है। सरकार की कुछ योजनाएं बड़ा फंड बनाने में मदद करती हैं तो कुछ नियमित कमाई का विकल्प देती हैं। जानिए कौन सी योजना आपके लिए उपयोगी हो सकती है।

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In Short

  • रिटायरमेंट के बाद नियमित कमाई के लिए पहले से बचत और निवेश की योजना बनाना जरूरी है।
  • SCSS में निवेश करने पर हर तीन महीने में ब्याज के रूप में नियमित कमाई हो सकती है।
  • PPF और NPS जैसी योजनाओं की मदद से रिटायरमेंट के लिए लंबी अवधि में फंड तैयार किया जा सकता है।

नौकरी के दौरान हर महीने सैलरी आती है तो घर के खर्च आसानी से पूरे हो जाते हैं। लेकिन रिटायरमेंट के बाद नियमित कमाई का जरिया नहीं होने पर पैसों की परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में जरूरी है कि नौकरी के दौरान ही रिटायरमेंट के लिए बचत शुरू कर दी जाए। सरकार की कई ऐसी बचत योजनाएं हैं जिनकी मदद से आप रिटायरमेंट के लिए पैसा जमा कर सकते हैं। वहीं कुछ योजनाएं रिटायरमेंट के बाद नियमित कमाई का विकल्प भी देती हैं। आइए जानते हैं इन योजनाओं के बारे में।

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सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)

सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम यानी SCSS रिटायरमेंट के बाद नियमित कमाई का एक विकल्प है। इस योजना में आमतौर पर 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोग निवेश कर सकते हैं। कुछ शर्तों के साथ रिटायर होने वाले कर्मचारियों को कम उम्र में भी निवेश की सुविधा मिलती है।

इस योजना में अधिकतम 30 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है। इसकी मैच्योरिटी अवधि 5 साल है और ब्याज का भुगतान हर तीन महीने में किया जाता है। ऐसे में रिटायरमेंट के बाद नियमित खर्चों के लिए यह योजना काम आ सकती है।

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)

अगर आप नौकरी के दौरान रिटायरमेंट के लिए बड़ा फंड तैयार करना चाहते हैं तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF एक विकल्प हो सकता है।

इस योजना में हर वित्त वर्ष कम से कम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं। इसकी मैच्योरिटी अवधि 15 साल है। इसमें मिलने वाला ब्याज कंपाउंडिंग के आधार पर जुड़ता है।

PPF में निवेश करने पर पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत निर्धारित सीमा में टैक्स छूट का फायदा भी मिल सकता है। इसके अलावा योजना की शर्तों के अनुसार मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम टैक्स फ्री होती है।

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)

नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS भी रिटायरमेंट के लिए पैसा जमा करने का एक विकल्प है। इसमें नौकरी के दौरान नियमित निवेश करके रिटायरमेंट फंड तैयार किया जा सकता है।

NPS में निवेश की गई रकम का एक हिस्सा शेयर बाजार से जुड़ी संपत्तियों में भी लगाया जा सकता है। इसलिए इसका रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है और निश्चित नहीं होता।

रिटायरमेंट के समय लागू नियमों के अनुसार जमा रकम का एक हिस्सा निकाला जा सकता है और बाकी रकम से एन्युटी खरीदकर पेंशन की व्यवस्था की जा सकती है।

निवेश करने से पहले किन बातों का रखें ध्यान?

रिटायरमेंट के लिए कोई भी योजना चुनने से पहले अपनी उम्र, हर महीने के खर्च, निवेश की अवधि और भविष्य की जरूरतों को जरूर देखें।

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साथ ही अलग-अलग योजनाओं की ब्याज दर, टैक्स नियम और पैसे निकालने की शर्तों की जानकारी लेना भी जरूरी है। इससे आप अपनी जरूरत के हिसाब से रिटायरमेंट के लिए बचत और नियमित कमाई की योजना बना सकते हैं।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।