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140 साल से ज्यादा पुरानी PLI अब क्यों बनी चर्चा का विषय? जानिए किन लोगों के लिए बदल सकती है तस्वीर

Postal Life Insurance देश की सबसे पुरानी बीमा व्यवस्था में से एक है, लेकिन इसकी पॉलिसी हर कोई नहीं खरीद सकता। इसमें अलग-अलग जरूरतों के लिए कई विकल्प मिलते हैं। कौन लोग इसके लिए एलिजिबल हैं और किस स्कीम में क्या सुविधा मिलती है, जानिए पूरी जानकारी।

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AI Generated Image

In Short

  • Postal Life Insurance की शुरुआत 1 फरवरी 1884 को हुई थी और यह देश का सबसे पुराना लाइफ इंश्योरर है।
  • PLI में सुरक्षा, सुविधा, संतोष, युगल सुरक्षा, सुमंगल और बाल जीवन बीमा समेत 6 पॉलिसी विकल्प मिलते हैं।
  • केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी, डिफेंस, बैंक, PSU, प्रोफेशनल्स और NSE-BSE में लिस्टेड कंपनियों के कर्मचारी PLI ले सकते हैं।

Postal Life Insurance: PLI की शुरुआत 1 फरवरी 1884 को पोस्टल कर्मचारियों के लिए एक वेलफेयर स्कीम के तौर पर हुई थी। साल 1888 में इसका दायरा बढ़ाकर टेलीग्राफ डिपार्टमेंट के कर्मचारियों तक कर दिया गया।

इसके बाद 1894 में PLI ने उस समय के P&T डिपार्टमेंट की महिला कर्मचारियों को भी इंश्योरेंस कवर देना शुरू किया, जबकि उस दौर में दूसरी इंश्योरेंस कंपनियां महिलाओं को जीवन बीमा नहीं देती थीं। इसी वजह से PLI को पूरे देश का सबसे पुराना लाइफ इंश्योरर माना जाता है। अब सवाल यह है कि कुछ सौ पॉलिसियों से शुरू हुआ PLI समय के साथ कितने लोगों तक पहुंच गया?

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समय के साथ तेजी से बढ़ा PLI का दायरा

PLI की शुरुआत साल 1884 में केवल कुछ सौ पॉलिसियों के साथ हुई थी। शुरुआत में इसका फायदा बहुत कम कर्मचारियों को मिलता था, लेकिन धीरे-धीरे इस इंश्योरेंस स्कीम का दायरा बढ़ता चला गया।

ज्यादा कर्मचारियों को इससे जोड़ने और अलग-अलग जरूरतों के लिए पॉलिसी विकल्प उपलब्ध होने से इसकी पॉलिसियों की संख्या भी लगातार बढ़ी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 31 मार्च 2021 तक PLI की पॉलिसियों की संख्या 50 लाख से ज्यादा हो गई थी।

इससे पता चलता है कि समय के साथ यह स्कीम देश के लाखों लोगों तक पहुंच चुकी है। अब सवाल है कि PLI में लोगों की अलग-अलग जरूरतों के लिए कितनी पॉलिसी मिलती हैं?

पीएलआई में मिलती हैं 6 तरह की पॉलिसी

पीएलआई में लोगों की अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से 6 तरह की पॉलिसी मिलती हैं:

  • होल लाइफ एश्योरेंस–सुरक्षा: इस पॉलिसी को सुरक्षा के नाम से जाना जाता है।
  • कन्वर्टिबल होल लाइफ एश्योरेंस–सुविधा: यह होल लाइफ पॉलिसी है, जिसे बाद में दूसरी तय पॉलिसी में बदला जा सकता है।
  • एंडोमेंट एश्योरेंस–संतोष: यह सेविंग और लाइफ इंश्योरेंस से जुड़ी पॉलिसी है।
  • जॉइंट लाइफ एश्योरेंस–युगल सुरक्षा: यह पति-पत्नी के लिए जॉइंट लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी है।
  • एंटिसिपेटेड एंडोमेंट एश्योरेंस–सुमंगल: इस पॉलिसी को सुमंगल के नाम से पेश किया जाता है।
  • चिल्ड्रन पॉलिसी–बाल जीवन बीमा: यह बच्चों के लिए बनाई गई पॉलिसी है।

पीएलआई में कई तरह की पॉलिसी मिलती हैं, लेकिन अब सवाल है कि इन्हें खरीदने के लिए किन लोगों को मौका मिलता है?

इन लोगों को मिल सकती है पीएलआई पॉलिसी

पीएलआई अब केवल पोस्टल कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी इसकी पॉलिसी खरीद सकते हैं। डिफेंस और पैरा-मिलिट्री सर्विसेज में काम करने वाले लोग भी पीएलआई के लिए एलिजिबल हैं।

इसके अलावा पब्लिक सेक्टर कंपनियों, बैंकों, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन और लोकल बॉडीज में काम करने वाले कर्मचारी भी इसकी पॉलिसी ले सकते हैं। डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, एमबीए और वकील जैसे प्रोफेशनल्स को भी पीएलआई खरीदने का मौका मिलता है।

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एनएसई या बीएसई में लिस्टेड कंपनियों के कर्मचारी भी तय नियमों के तहत पीएलआई की पॉलिसी ले सकते हैं।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।