₹2,500 मासिक SIP से बनें करोड़पति : इस फंड ने 25 साल में ₹1 करोड़ का दिया रिटर्न
सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) ने निवेश के क्षेत्र में एक नई क्रांति ला दी है, जिससे निवेशकों को अनुशासित तरीके से म्यूचुअल फंड में निवेश करने का अवसर मिला है। SIP के जरिए छोटे लेकिन नियमित निवेशों को लंबे समय तक बनाए रखते हुए बड़ा धन संचय किया जा सकता है। इसका एक बेहतरीन उदाहरण SBI हेल्थकेयर ऑपर्च्युनिटीज फंड है, जिसने छोटी राशि के निवेश को समय के साथ बड़ा रिटर्न देने में मदद की।

सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) ने निवेश के क्षेत्र में एक नई क्रांति ला दी है, जिससे निवेशकों को अनुशासित तरीके से म्यूचुअल फंड में निवेश करने का अवसर मिला है। SIP के जरिए छोटे लेकिन नियमित निवेशों को लंबे समय तक बनाए रखते हुए बड़ा धन संचय किया जा सकता है। इसका एक बेहतरीन उदाहरण SBI हेल्थकेयर ऑपर्च्युनिटीज फंड है, जिसने छोटी राशि के निवेश को समय के साथ बड़ा रिटर्न देने में मदद की।
धन संचय की सफलता की कहानी
म्यूचुअल फंड अपनी सुलभता और लचीलेपन के कारण एक लोकप्रिय निवेश विकल्प बन गए हैं। SIP निवेशकों को ₹100 या ₹200 जैसी छोटी रकम से शुरुआत करने और चक्रवृद्धि ब्याज के माध्यम से बड़े रिटर्न अर्जित करने का अवसर प्रदान करता है।
उदाहरण के लिए, SBI हेल्थकेयर ऑपर्च्युनिटीज फंड में यदि 25 साल पहले ₹2,500 का मासिक SIP शुरू किया गया होता, तो आज यह राशि ₹1.18 करोड़ तक पहुंच जाती। इसमें कुल ₹7.50 लाख का योगदान किया गया होता और बाकी ₹1.10 करोड़ चक्रवृद्धि ब्याज और रिटर्न के माध्यम से अर्जित हुआ होता।
SBI हेल्थकेयर ऑपर्च्युनिटीज फंड के बारे में
जुलाई 1999 में लॉन्च किया गया यह फंड स्वास्थ्य सेवा और फार्मा सेक्टर पर केंद्रित है।
वार्षिक रिटर्न: लॉन्च से अब तक 18% का शानदार वार्षिक रिटर्न।
पिछले साल का रिटर्न: 37% का जबरदस्त रिटर्न।
पोर्टफोलियो संरचना: 93.23% का निवेश हेल्थकेयर सेक्टर में।
फंड के शीर्ष निवेश
सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड
मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट लिमिटेड
डिवीज लैबोरेटरीज लिमिटेड
पॉली मेडिक्योर लिमिटेड
ल्यूपिन लिमिटेड
फंड का प्रबंधन तनमय देसाई और प्रदीप केसवन द्वारा किया जाता है, जो हेल्थकेयर और संबंधित क्षेत्रों में दीर्घकालिक अवसरों पर केंद्रित हैं।
यह फंड क्यों है खास?
शानदार प्रदर्शन: यह फंड लगातार अपने साथियों से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, SIP और एकमुश्त निवेशकों के लिए एक लोकप्रिय विकल्प बनकर।
उच्च क्षमता: यह फंड उन निवेशकों के लिए उपयुक्त है जो अधिक जोखिम उठाकर उच्च रिटर्न की उम्मीद करते हैं।
सेक्टोरल फोकस: हेल्थकेयर पर मजबूत ध्यान इसे एक विशेष लाभ देता है, जो इस सेक्टर के विकास के अवसरों का लाभ उठाने में मदद करता है।
रिटर्न का पूरा विवरण
SIP प्रदर्शन: यदि 1999 में ₹2,500 मासिक SIP शुरू किया गया होता, तो आज इसकी कुल वैल्यू ₹1.18 करोड़ हो जाती।
एकमुश्त निवेश: 1999 में ₹1 लाख का एकमुश्त निवेश आज लगभग ₹55 लाख हो गया होता, 17.12% के वार्षिक रिटर्न के साथ।
अन्य संबंधित फंड
हेल्थकेयर सेक्टर में रुचि रखने वाले निवेशक इन फंडों पर भी विचार कर सकते हैं:
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल फार्मा हेल्थकेयर एंड डायग्नोस्टिक्स फंड (PHD)
डीएसपी हेल्थकेयर फंड रेगुलर ग्रोथ
निप्पॉन इंडिया फार्मा फंड - ग्रोथ
मिराए एसेट हेल्थकेयर फंड रेगुलर ग्रोथ
इनमें से, SBI हेल्थकेयर ऑपर्च्युनिटीज फंड अपने शार्प अनुपात 1.19 और मानक विचलन 14.27% के कारण सबसे अलग है।
निवेशकों के लिए प्रमुख बातें
यह कहानी निवेशकों के लिए धैर्य और अनुशासन के महत्व को रेखांकित करती है। SIP के माध्यम से लंबे समय तक अनुशासित निवेश और सेक्टोरल फोकस के कारण निवेशकों को शानदार रिटर्न मिल सकता है।
SBI हेल्थकेयर ऑपर्च्युनिटीज फंड म्यूचुअल फंड क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित कर रहा है और साबित करता है कि छोटे लेकिन नियमित निवेश लंबे समय में बड़े वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करने में मदद कर सकते हैं।