
सोना-चांदी के भाव में आगे और आएगी तेजी? फेस्टिव सीजन से पहले एक्सपर्ट ने बताई निवेश की रणनीति
सोने और चांदी में निवेश करने वालों के लिए अहम संकेत सामने आया है। नवनीत दमानी के मुताबिक, अभी कीमतों में ज्यादा हलचल नहीं दिख रही, लेकिन आगे तेजी की उम्मीद बनी हुई है। महंगाई और वैश्विक हालात को देखते हुए मौजूदा समय धीरे-धीरे निवेश बढ़ाने का मौका हो सकता है।

In Short
- नवनीत दमानी के मुताबिक, सोने और चांदी में मौजूदा स्थिरता मध्यम अवधि के निवेशकों के लिए खरीदारी का मौका हो सकती है।
- पिछली रणनीति के बाद सोने में करीब 10 फीसदी और चांदी में लगभग 15 फीसदी की तेजी देखने को मिली है।
- महंगाई का दबाव, ऊंचे तेल भाव और अमेरिका में ब्याज दरों के बदलते रुख से सोना-चांदी आगे भी मजबूत रह सकते हैं।
सोने और चांदी में निवेश करने वाले लोगों को आने वाले समय में कीमतों में नरमी का इंतजार करने के बजाय मजबूती के लिए तैयार रहना पड़ सकता है। बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के हेड ऑफ कमोडिटी रिसर्च नवनीत दमानी ने कहा कि बुलियन मार्केट में हालिया स्थिरता को चिंता की तरह नहीं, बल्कि मध्यम अवधि के निवेशकों के लिए मौके के तौर पर देखना चाहिए।
सोने-चांदी में जारी है मजबूती का रुख
नवनीत दमानी के मुताबिक, पिछले कुछ समय से सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और स्थिरता देखने को मिली है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि तेजी खत्म हो गई है।
उन्होंने बताया कि पहले दी गई निवेश रणनीति के बाद सोने में करीब 10 फीसदी और चांदी में लगभग 15 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। यह प्रदर्शन कीमती धातुओं में निवेश के प्रति भरोसा बनाए रखने का संकेत देता है।
अगले 3 से 12 महीने में बढ़ सकते हैं दाम
दमानी ने कहा कि सोने की चाल फिलहाल थोड़ी असमंजस वाली दिख रही है, लेकिन अगले तीन, छह और 12 महीने के समय में इसमें ऊपर जाने की संभावना बनी हुई है।

उनके मुताबिक, पिछले एक महीने से चल रही कीमतों की स्थिरता मध्यम अवधि के निवेशकों के लिए सोने और चांदी में धीरे-धीरे निवेश बढ़ाने का मौका हो सकती है।
महंगाई और ब्याज दरों पर रहेगी नजर
कीमती धातुओं के लिए वैश्विक माहौल को अहम बताते हुए दमानी ने कहा कि अमेरिका में ब्याज दरों का चक्र अब एक स्तर पर पहुंच सकता है। इससे सोने जैसे गैर-ब्याज वाले एसेट्स को समर्थन मिल सकता है।
इसके अलावा, लंबे समय से चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और ऊंचे तेल भावों के कारण महंगाई का दबाव बना हुआ है। ऐसे माहौल में सोना निवेशकों के लिए सुरक्षा देने वाले विकल्प के रूप में महत्वपूर्ण हो जाता है।
फेस्टिव सीजन में बढ़ सकती है मांग
भारत में त्योहारों के सीजन से पहले सोने और चांदी की मांग बढ़ने की उम्मीद रहती है। इस बार फेस्टिव डिमांड के साथ-साथ महंगाई से बचाव और केंद्रीय बैंकों की नीतियों का असर भी बाजार पर दिखाई दे सकता है।
दमानी के मुताबिक, ऐसे समय में निवेशकों को सिर्फ बड़ी गिरावट का इंतजार करने के बजाय धीरे-धीरे निवेश करने की रणनीति अपनानी चाहिए।
कीमतों में मजबूती बने रहने की उम्मीद
दमानी ने कहा कि आने वाले समय में सोने और चांदी की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती हैं। उनके अनुसार, अभी बाजार में तेजी का दौर अचानक खत्म होने के संकेत नहीं दे रहा है और निवेशकों के लिए धीरे-धीरे पोर्टफोलियो में कीमती धातुओं की हिस्सेदारी बढ़ाना एक विकल्प हो सकता है।

