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₹2 लाख तक पहुंच सकता है सोना! एक्सपर्ट ने बताया कब आएगी बड़ी तेजी

सोने की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों के लिए बड़ी खबर है। मार्केट एक्सपर्ट सुगंधा सचदेवा ने अगले एक से दो साल में सोने में जबरदस्त तेजी की संभावना जताई है। हालांकि, इससे पहले कीमतों में गिरावट भी आ सकती है। जानिए निवेशकों को किन स्तरों पर नजर रखनी चाहिए।

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In Short

  • सोने की कीमत अगले एक से दो साल में ₹2 लाख तक पहुंचने की संभावना, एक्सपर्ट ने बताया पूरा अनुमान।
  • सोने में फिलहाल और गिरावट की आशंका, ₹1.27 लाख से ₹1.50 लाख का दायरा निवेशकों के लिए अहम।
  • सुगंधा सचदेवा ने Gold ETF और Gold Mutual Funds को निवेश का बेहतर विकल्प बताया।

सोने की कीमतों में इन दिनों उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। हालांकि, आने वाले समय में सोना निवेशकों को अच्छा रिटर्न दे सकता है। बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए SS WealthStreet की फाउंडर सुगंधा सचदेवा ने कहा कि अगले एक से दो साल में सोने की कीमत 2 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि, इससे पहले सोने की कीमतों में कुछ और गिरावट देखने को मिल सकती है। उन्होंने निवेशकों को सोने में लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करने की सलाह दी है।

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₹1.27 लाख से ₹1.50 लाख के बीच रह सकता है सोना

सुगंधा सचदेवा के मुताबिक, फिलहाल सोने की कीमतें 1.27 लाख रुपये से 1.50 लाख रुपये के दायरे में स्थिर हो सकती हैं। निवेशकों के लिए यह स्तर खरीदारी का मौका बन सकता है। उन्होंने बताया कि पहले सोने के लिए 1.45 लाख और 1.27 लाख रुपये के स्तर बताए गए थे। कीमतें करीब 1.29 लाख रुपये तक गिरने के बाद वापस ऊपर आई थीं।

हालांकि, आने वाले समय में सोना एक बार फिर 1.27 लाख रुपये के स्तर तक फिसल सकता है।

₹2 लाख तक कब पहुंचेगा सोना?

सुगंधा सचदेवा का कहना है कि अगर सोना 1.65 लाख रुपये के स्तर को पार कर जाता है, तो इसमें बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है। इसके बाद कीमतें पहले 1.72 लाख रुपये और फिर 1.82 लाख रुपये तक पहुंच सकती हैं।

अगर तेजी जारी रहती है, तो अगले एक से दो साल में सोना 2 लाख रुपये के स्तर को भी छू सकता है।

सोने की कीमतों में क्यों आ रही गिरावट?

सोने की कीमतों में मौजूदा गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण हैं। पहले अमेरिकी फेडरल रिजर्व से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद थी, लेकिन बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, महंगाई और केंद्रीय बैंकों की सख्त नीतियों ने बाजार का माहौल बदल दिया है।

इन वजहों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने पर दबाव बना है। हालांकि, सचदेवा का मानना है कि लंबी अवधि में सोने की तेजी की संभावना अभी भी बनी हुई है।

पोर्टफोलियो में कितना सोना रखना चाहिए?

सुगंधा सचदेवा के मुताबिक, निवेशकों को सोने को केवल छोटी अवधि में मुनाफा कमाने का जरिया नहीं समझना चाहिए। यह पोर्टफोलियो को स्थिरता देने वाला निवेश भी है।

उन्होंने सोने और चांदी में मिलाकर पोर्टफोलियो का करीब 10-15% हिस्सा निवेश करने की सलाह दी है। वहीं, निवेश के लक्ष्य के आधार पर अकेले सोने में 5-10% निवेश भी किया जा सकता है।

Gold ETF या ज्वेलरी, कहां निवेश करना बेहतर?

निवेश के लिए सुगंधा सचदेवा ने Gold ETF और Gold Mutual Funds को बेहतर विकल्प बताया है। उनके मुताबिक, ये निवेश के ज्यादा स्थापित और रेगुलेटेड तरीके हैं।

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वहीं, डिजिटल गोल्ड में निवेश करते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने साफ कहा कि सोने की ज्वेलरी को मुख्य रूप से इस्तेमाल के लिए खरीदी जाने वाली चीज समझना चाहिए, निवेश का जरिया नहीं।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।