Gold Jewellery vs Gold ETF: सोने में निवेश के लिए कौन सा ऑप्शन है बेहतर?
सोने-चांदी में निवेश का तरीका तेजी से बदल रहा है। अब युवा ज्वेलरी और सिक्कों के बजाय Gold ETF और Silver ETF में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं। लेकिन क्या फिजिकल गोल्ड खरीदना फायदे का सौदा नहीं है? वेल्थ एक्सपर्ट सुगंधा सचदेवा ने निवेश के अलग-अलग विकल्पों पर अपनी राय दी है।

In Short
- सोने के गहनों पर मेकिंग चार्ज और दोबारा बेचने पर कटौती के कारण निवेशकों को नुकसान हो सकता है।
- युवा निवेशक फिजिकल गोल्ड के मुकाबले Gold ETF और Silver ETF जैसे डिजिटल विकल्पों में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
- एक्सपर्ट के मुताबिक, Silver ETF का AUM करीब ₹89,000 करोड़ तक पहुंच गया है।
सोना और चांदी खरीदने के कई तरीके हैं। कुछ लोग ज्वेलरी खरीदना पसंद करते हैं, तो कुछ लोग सोने के सिक्कों और बार में पैसा लगाते हैं। वहीं, अब नई पीढ़ी यानी Gen Z के बीच Gold ETF और Silver ETF को लेकर दिलचस्पी बढ़ रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि फिजिकल गोल्ड और सिल्वर कब खरीदना चाहिए और निवेश के लिहाज से कौन सा विकल्प बेहतर हो सकता है? बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए SS WealthStreet की फाउंडर सुगंधा सचदेवा ने कहा कि सोने की ज्वेलरी और निवेश के लिए खरीदे जाने वाले सोने में फर्क समझना जरूरी है।
ज्वेलरी खरीदना कब सही है?
सुगंधा सचदेवा का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति सोना सिर्फ इस्तेमाल करने या पहनने के लिए खरीदना चाहता है, तो ज्वेलरी एक विकल्प हो सकती है। सोने के गहनों की अपनी वैल्यू होती है और समय के साथ इनमें सोने की कुछ कीमत बनी रहती है।
हालांकि, ज्वेलरी खरीदते समय ग्राहकों को मेकिंग चार्ज देना पड़ता है। इसके अलावा, जब आप गहने दोबारा बेचने जाते हैं, तो उनकी कीमत में कई तरह की कटौतियां हो सकती हैं।
यही वजह है कि ज्वेलरी को केवल निवेश के नजरिए से नहीं देखना चाहिए। गहने सोने की कुछ वैल्यू जरूर बचाकर रखते हैं, लेकिन इन्हें खरीदने और बेचने में अतिरिक्त खर्च भी होता है।
गोल्ड बार और सिक्कों में निवेश कितना बेहतर?
सुगंधा सचदेवा के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति फिजिकल गोल्ड में निवेश करना चाहता है, तो ज्वेलरी के मुकाबले सोने के बार और सिक्के बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
पारंपरिक रूप से गोल्ड बार और सिक्कों को सोने में निवेश का अच्छा तरीका माना जाता रहा है। लंबे समय से लोग इन विकल्पों के जरिए सोने में पैसा लगाते आए हैं।
Gen Z के बीच क्यों बढ़ रहा Gold ETF का क्रेज?
सुगंधा सचदेवा का कहना है कि नई पीढ़ी यानी Gen Z का रुझान अब डिजिटल तरीके से निवेश करने की तरफ ज्यादा दिखाई दे रहा है।
यही वजह है कि Gold ETF जैसे निवेश के विकल्पों में दिलचस्पी बढ़ रही है। गोल्ड ETF में निवेशकों को फ्लेक्सिबिलिटी और ट्रांसपेरेंसी मिलती है, जो नई पीढ़ी को आकर्षित कर रही है।
Silver ETF में भी तेजी से बढ़ रहा निवेश
सिर्फ Gold ETF ही नहीं, बल्कि Silver ETF में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। सुगंधा सचदेवा के मुताबिक, इन निवेश विकल्पों के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है।
उन्होंने बताया कि ताजा आंकड़ों के मुताबिक, Silver ETF का AUM करीब ₹89,000 करोड़ तक पहुंच गया है।
सुगंधा सचदेवा का मानना है कि सोने में निवेश के लिए डिजिटल विकल्पों की बढ़ती लोकप्रियता आगे भी बनी रह सकती है। निवेशकों को मिलने वाली सुविधा, फ्लेक्सिबिलिटी और पारदर्शिता के चलते Gold ETF और Silver ETF में दिलचस्पी आने वाले समय में और बढ़ सकती है।

