
नौकरी करने वाले भी शर्मा जाएं! 15 साल की उम्र में सिंचना संतोष ने बनाया ₹13.9 लाख का पोर्टफोलियो
बेंगलुरु की 15 साल की छात्रा सिंचना संतोष ने छोटी उम्र में ही निवेश की दुनिया में खास पहचान बनाई है। कभी गुल्लक में पैसे जमा करने वाली सिंचना आज लाखों का पोर्टफोलियो संभाल रही हैं। आखिर उन्होंने निवेश की शुरुआत कैसे की और कौन सा फॉर्मूला अपनाया? जानिए उनकी कहानी।

In Short
- बेंगलुरु की 15 साल की छात्रा सिंचना संतोष का निवेश पोर्टफोलियो करीब ₹13.9 लाख का है।
- 12 साल की उम्र में गुल्लक में जमा कर लिए थे ₹10,000।
- निवेश के लिए अपनाती हैं GDP फॉर्मूला, 10 लाख छात्रों को फाइनेंशियल लिटरेसी सिखाने का लक्ष्य।
बेंगलुरु की एक 15 साल की छात्रा ने छोटी उम्र में ही निवेश की दुनिया में अपनी पहचान बनाई है। जब ज्यादातर बच्चे पैसे बचाने और खर्च करने की आदत सीख रहे होते हैं, तब सिंचना संतोष करीब ₹13.9 लाख का निवेश पोर्टफोलियो संभाल रही हैं। खास बात यह है कि उनकी शुरुआत एक छोटी सी गुल्लक से हुई थी।
बेंगलुरु के आरआर नगर स्थित स्वर्गरानी स्कूल में 10वीं कक्षा की छात्रा सिंचना संतोष ने पावर अप मनी को बताया कि उन्हें बचपन से ही पैसे बचाने में दिलचस्पी थी।
गुल्लक में जमा किए थे ₹10,000
सिंचना ने बताया कि 12 साल की उम्र तक उन्होंने अपनी गुल्लक में करीब ₹10,000 जमा कर लिए थे। उस समय उनके लिए यह बहुत बड़ी रकम थी। हर बार गुल्लक में पैसे डालकर उन्हें खुशी होती थी।
उनके मुताबिक, छोटी-छोटी रकम लगातार बचाने से भी बड़ी बचत तैयार हो सकती है। यही उनकी जिंदगी में पैसे से जुड़ी पहली सीख थी।
सिंचना के माता-पिता संतोष कुमार और कीर्ति रायकर ने भी उन्हें पैसों की अहमियत समझाई। एक बार सिंचना को टेलीस्कोप खरीदना था। उनके पिता ने कहा कि इसमें उन्हें भी पैसे लगाने होंगे। इसके बाद सिंचना ने रिश्तेदारों से ₹10,000 जुटाए और बाकी ₹2,000 माता-पिता ने दिए।
अब ₹13.9 लाख का निवेश पोर्टफोलियो
आज सिंचना अपने माता-पिता की देखरेख में करीब ₹13.9 लाख का निवेश पोर्टफोलियो संभाल रही हैं। उनका पैसा भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के शेयरों और म्यूचुअल फंड में लगा है।
उन्होंने अगले सात साल तक निवेश बनाए रखने की योजना बनाई है। उनका मकसद इस रकम का इस्तेमाल मास्टर्स की पढ़ाई के लिए करना है।

निवेश के लिए अपनाती हैं GDP फॉर्मूला
म्यूचुअल फंड चुनने के लिए सिंचना अपना GDP फॉर्मूला अपनाती हैं। इसका मतलब Growth, Direct और Passive है।
वह ग्रोथ वाले फंड पसंद करती हैं, क्योंकि उन्हें फिलहाल पैसों की जरूरत नहीं है। डायरेक्ट प्लान से बीच में लगने वाली लागत कम होती है, जबकि पैसिव फंड बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स को ट्रैक करते हैं।
सिंचना दो NISM और एक SEBI सर्टिफिकेशन भी पूरा कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि निवेश और पर्सनल फाइनेंस सीखने में यूट्यूब ने उनकी काफी मदद की।
10 लाख बच्चों को सिखाना चाहती हैं पैसों की समझ
सिंचना की दिलचस्पी सिर्फ निवेश तक सीमित नहीं है। उन्होंने 14 साल की उम्र में NCERT सिलेबस पर आधारित इतिहास का कार्ड गेम 'ITIHASA – The Royal Game' बनाया था।
इसके 170 सेट बेंगलुरु के 36 सरकारी स्कूलों में दान किए गए। उन्होंने स्कूल प्रिंसिपलों को इसे इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग भी दी।
अब वह फाइनेंशियल कार्ड गेम तैयार कर रही हैं, जिसमें बजट, बैंकिंग, ब्याज, महंगाई, निवेश, बीमा, कर्ज, जोखिम और धोखाधड़ी से बचने जैसी बातें शामिल होंगी।
उनका लक्ष्य देश के 10 लाख छात्रों को खेल-खेल में पैसों की समझ देना है।

