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नौकरी करते हैं तो जरूर जानें EPS का ये नियम! 10 साल की सर्विस के बाद ऐसे मिलेगी आजीवन मंथली पेंशन

Employees' Pension Scheme (EPS) निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद नियमित मासिक पेंशन का लाभ देती है। EPFO द्वारा संचालित इस योजना का लाभ लेने के लिए कम से कम 10 साल की सेवा और 58 वर्ष की आयु जरूरी है। यह योजना परिवार और दिव्यांग सदस्यों को भी वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है।

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AI Generated Image

In Short

  • EPS पेंशन का लाभ पाने के लिए कर्मचारी को कम से कम 10 साल तक EPF सदस्य रहते हुए नौकरी करनी होती है।
  • पात्र कर्मचारी रिटायरमेंट के बाद EPFO के जरिए मासिक पेंशन का दावा कर सकते हैं।
  • सदस्य की मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में परिवार और आश्रितों को भी पेंशन का फायदा मिल सकता है।

Employees' Pension Scheme: निजी क्षेत्र में नौकरी करने वाले लाखों कर्मचारी हर महीने कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) में योगदान करते हैं, लेकिन कई लोगों को यह जानकारी नहीं होती कि वे कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत रिटायरमेंट के बाद मंथली पेंशन के भी हकदार हो सकते हैं।

यदि आपने संगठित क्षेत्र में कम से कम 10 साल तक नौकरी की है और EPF सदस्य रहे हैं, तो आपको रिटायरमेंट के बाद आजीवन पेंशन मिल सकती है।

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कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) की शुरुआत 1995 में हुई थी और इसका संचालन कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) करता है। इस योजना का उद्देश्य कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद नियमित आय उपलब्ध कराना है।

कौन ले सकता है EPS पेंशन?

EPS का लाभ पाने के लिए कर्मचारियों को कम से कम 10 साल तक नौकरी करना जरूरी है। इसके साथ ही उसकी आयु 58 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।

इन दोनों शर्तों को पूरा करने के बाद कर्मचारी EPFO के माध्यम से मंथली पेंशन के लिए आवेदन कर सकता है। हालांकि, यदि कोई सदस्य 50 वर्ष की आयु के बाद पेंशन लेना चाहता है, तो उसे कम राशि वाली यानी रिड्यूस्ड पेंशन का ऑप्शन भी मिलता है।

कैसे तय होती है पेंशन?

EPS के तहत पेंशन की गणना एक तय फॉर्मूले के आधार पर की जाती है:

मंथली पेंशन = (पेंशन योग्य वेतन × पेंशन योग्य सेवा) ÷ 70

यहां पेंशन योग्य वेतन का मतलब रिटायरमेंट से पहले के निर्धारित अवधि के औसत मंथली वेतन से है। वर्तमान नियमों के अनुसार इसे अधिकतम 15,000 रुपये तक माना जाता है।

वहीं, पेंशन योग्य सेवा का अर्थ उन कुल वर्षों से है, जिनके दौरान EPS में योगदान किया गया।

उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी का पेंशन योग्य वेतन 15,000 रुपये है और उसने 10 वर्ष तक सेवा की है, तो उसकी मासिक पेंशन होगी:

(15,000 × 10) ÷ 70 = 2,143 रुपये प्रति माह**

सिर्फ रिटायरमेंट तक सीमित नहीं है योजना

EPS सिर्फ रिटायरमेंट पेंशन तक सीमित नहीं है। सदस्य की मृत्यु होने पर उसके परिवार को भी लाभ मिल सकता है।

योजना के तहत पात्र पति या पत्नी और बच्चों को फैमिली पेंशन दी जाती है। इसके अलावा, नौकरी के दौरान स्थायी रूप से दिव्यांग होने वाले सदस्यों के लिए भी पेंशन का प्रावधान है।

न्यूनतम पेंशन कितनी है?

वर्तमान में EPS के तहत न्यूनतम मंथली पेंशन 1,000 रुपये है।

हाल के समय में सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर 7,500 रुपये किया जाएगा। हालांकि EPFO ने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है।

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कर्मचारियों के लिए क्यों अहम है EPS?

कई कर्मचारी केवल EPF में जमा होने वाली राशि पर ध्यान देते हैं, जबकि EPS उन्हें रिटायरमेंट के बाद नियमित आय का एक अतिरिक्त स्रोत उपलब्ध कराता है। इसलिए नौकरीपेशा लोगों के लिए यह जानना जरूरी है कि उनकी सेवा अवधि, EPS योगदान और भविष्य की पेंशन कितनी हो सकती है।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।