scorecardresearch

EPFO Nominee Update: पीएफ खाते में नॉमिनी जोड़ना क्यों है जरूरी? जानिए ऑनलाइन और ऑफलाइन तरीके

अगर आप कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सदस्य हैं, तो सिर्फ पीएफ में पैसा जमा करना ही काफी नहीं है। आपके ईपीएफ खाते में सही नॉमिनी का नाम भी होना चाहिए। ईपीएफओ ने ई-नामांकन की सुविधा दी है, जिसके जरिए सदस्य घर बैठे ऑनलाइन नॉमिनी जोड़ या अपडेट कर सकते हैं। इससे किसी मौत के बाद पीएफ, पेंशन और बीमा की राशि सही व्यक्ति तक बिना कानूनी अड़चनों के मिल जाएगी। आगे पढ़ें...

Advertisement
AI IMAGE
AI IMAGE

In Short

  • EPFO Nominee Update: पीएफ खाते में नॉमिनी जोड़ना है जरूरी, जानिए पूरी प्रक्रिया
  • PF Account में नॉमिनी नहीं जोड़ा? क्लेम के समय हो सकती है परेशानी
  • EPFO e-Nomination: ऑनलाइन घर बैठे ऐसे जोड़ें PF खाते में नॉमिनी
  • पीएफ, पेंशन और बीमा का पैसा सही व्यक्ति तक पहुंचे, तुरंत अपडेट करें नॉमिनी

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सदस्य अपने भविष्य निधि (PF) खाते के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन के जरिए एक या एक से अधिक नॉमिनी जोड़ सकते हैं। इससे सदस्य की मृत्यु के बाद पीएफ, कर्मचारी पेंशन योजना और कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा रकम आसानी से बिना कानूनी जटिलताओं के नॉमिनी को मिलेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि पीएफ बैलेंस बढ़ाने के साथ-साथ समय-समय पर नॉमिनी की जानकारी अपडेट करना भी जरूरी है।

advertisement

EPFO ई-नामांकन क्या है और क्यों जरूरी?

ईपीएफओ की ई-नामांकन (e-Nomination) सुविधा सदस्यों को अपने नॉमिनी व्यक्ति का विवरण ऑनलाइन दर्ज या अपडेट करने की सुविधा देती है। यह डिजिटल प्रक्रिया आधार-सत्यापित यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) धारकों के लिए उपलब्ध है। इसके जरिए पीएफ, ईपीएस और ईडीएलआई से जुड़े लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचाए जा सकते हैं।

ऐसे जोड़ें EPF खाते में नॉमिनी

ई-नामांकन के लिए सदस्य को EPFO सदस्य पोर्टल पर लॉग इन करना होगा। इसके बाद नॉमिनी व्यक्ति का आधार नंबर, नाम, लिंग, जन्मतिथि, संबंध, पता और फोटो जैसी जानकारी दर्ज करानी होंगी। यदि नॉमिनी व्यक्ति नाबालिग है तो अभिभावक का विवरण देना अनिवार्य होगा, जबकि बैंक खाते की जानकारी देना वैकल्पिक है।

सदस्य एक से अधिक नॉमिनी जोड़ सकते हैं, लेकिन सभी नामांकित व्यक्तियों का कुल हिस्सा 100% होना चाहिए। प्रक्रिया पूरी करने के लिए आधार नंबर या वर्चुअल आईडी (VID) के जरिए ई-साइन करना होगा और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करना होगा। जो सदस्य ऑफलाइन आवेदन करना चाहते हैं, वे EPFO में फॉर्म-2 जमा कर सकते हैं। इस फॉर्म में ईपीएफ, ईपीएस और ईडीएलआई योजनाओं के लिए परिवार और नामांकन से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाती है।

आधार Virtual ID का भी कर सकते हैं इस्तेमाल

यदि कोई सदस्य अपना आधार नंबर साझा नहीं करना चाहता, तो वह UIDAI की वेबसाइट से 16 अंकों की वर्चुअल आईडी (VID) जनरेट कर सकता है। इसके लिए UIDAI पोर्टल पर जाकर 'Virtual ID Generator' विकल्प चुनना होगा। आधार नंबर और ओटीपी दर्ज करने के बाद नई VID बनाई जा सकती है या पुरानी VID प्राप्त की जा सकती है। नई VID बनने पर पुरानी VID स्वतः अमान्य हो जाती है।

किसे बनाया जा सकता है नॉमिनी?

ईपीएफ नियमों के अनुसार, विवाहित सदस्यों के लिए पति या पत्नी और बच्चे परिवार का हिस्सा माने जाते हैं। इसलिए विवाहित सदस्य को अपने जीवनसाथी को नामांकन में शामिल करना अनिवार्य है। विवाहित सदस्य, जिनके पति-पत्नी या बच्चे नहीं हैं, वे किसी भी व्यक्ति को नॉमिनी बना सकते हैं। पुरुष सदस्य अपनी पत्नी, बच्चों, आश्रित माता-पिता और मृत पुत्र की विधवा एवं बच्चों को नामांकित कर सकते हैं। वहीं महिला सदस्य अपने पति, बच्चों, आश्रित माता-पिता, आश्रित सास-ससुर और मृत पुत्र की विधवा एवं बच्चों को नामांकित कर सकती हैं।

समय-समय पर अपडेट करना भी जरूरी

ईपीएफओ सदस्यों को सलाह देता है कि विवाह, बच्चे के जन्म या किसी नामांकित व्यक्ति की मृत्यु जैसी पारिवारिक परिस्थितियों में बदलाव होने पर नॉमिनी की जानकारी तुरंत अपडेट करें। इससे भविष्य में पीएफ, पेंशन और बीमा से जुड़े दावों के निपटान में देरी और विवाद की संभावना कम हो जाती है।

advertisement

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।