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PF निकालने से पहले कर लें ये काम, EPFO 3.0 आने के बाद भी गलत KYC से अटक सकता है पैसा

PF निकालना जल्द पहले से तेज हो सकता है, लेकिन EPFO 3.0 हर क्लेम को अपने आप पास नहीं करेगा। पिछले साल लाखों क्लेम रिजेक्ट हुए और बड़ी वजह KYC की गड़बड़ी रही। अगर नाम, आधार, PAN या बैंक डिटेल गलत हैं, तो आपका पैसा फिर भी अटक सकता है।

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In Short

  • EPFO 3.0 से PF निकासी तेज हो सकती है, लेकिन हर क्लेम अपने आप पास नहीं होगा।
  • 2024-25 में करीब 796 लाख क्लेम में से लगभग 174 लाख क्लेम रिजेक्ट हुए।
  • KYC, आधार, PAN, बैंक डिटेल और UAN में गड़बड़ी होने पर पैसा अटक सकता है।

EPFO 3.0 को लेकर उम्मीद है कि आने वाले समय में PF निकालने की प्रक्रिया तेज और आसान हो सकती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर अटका हुआ क्लेम अपने आप पास हो जाएगा। अगर सदस्य की KYC या रिकॉर्ड में गड़बड़ी है, तो तेज पेमेंट सिस्टम भी पैसा दिलाने में मदद नहीं कर पाएगा।

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2024-25 में करीब 796 लाख क्लेम दाखिल हुए थे। इनमें से लगभग 174 लाख क्लेम खारिज हो गए। पिछले 5 साल में औसत रिजेक्शन रेट करीब 26 फीसदी रहा है। यानी PF क्लेम में देरी या रिजेक्शन की बड़ी वजह सिर्फ सिस्टम की स्पीड नहीं, बल्कि रिकॉर्ड और दस्तावेजों की गड़बड़ी भी है।

EPFO 3.0 से क्या बदलेगा?

EPFO 3.0 असल में एक तकनीकी अपग्रेड है। इसके तहत अलग-अलग रीजनल डेटाबेस को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाने की तैयारी है। इसका मकसद क्लेम, ट्रांसफर और पेंशन पेमेंट को बैंकिंग-स्टाइल सिस्टम की तरह तेज और आसान बनाना है।

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इस सुधार के तहत ऑटो-सेटलमेंट की सीमा को ₹5 लाख तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसका मतलब है कि पात्र क्लेम बिना मैनुअल दखल के निपट सकते हैं। इससे सही रिकॉर्ड वाले सदस्यों को फायदा मिल सकता है।

UPI निकासी अभी लाइव नहीं

नई UPI निकासी सुविधा को लेकर भी चर्चा है, लेकिन यह सुविधा अभी लाइव नहीं है। EPFO ने इसकी लॉन्च डेट का कोई ऐलान नहीं किया है। UPI या ATM ट्रांजैक्शन के लिए कोई अलग निकासी सीमा भी तय नहीं की गई है।

सदस्य अभी वही रकम निकाल पाएंगे, जिसके लिए वे मौजूदा EPF नियमों और योजना के तहत पात्र हैं। तेज पेमेंट सुविधा आने का मतलब यह नहीं होगा कि निकासी की शर्तें ढीली हो जाएंगी या ज्यादा रकम निकालने की छूट मिल जाएगी।

क्लेम रिजेक्ट क्यों होते हैं?

PF क्लेम खारिज होने की बड़ी वजह KYC और रिकॉर्ड में गड़बड़ी होती है। आधार, पैन और EPFO रिकॉर्ड में नाम अलग होना, जन्मतिथि न मिलना या बैंक खाता वेरिफाई न होना आम दिक्कतें हैं।

इसके अलावा कई UAN होना या पुराने नियोक्ता की ओर से एग्जिट डेट अपडेट न किया जाना भी क्लेम रोक सकता है। इसलिए EPF सदस्य के लिए सबसे जरूरी तैयारी अपने रिकॉर्ड को सही रखना है।

क्या तैयारी करनी चाहिए?

सदस्य को देख लेना चाहिए कि सिर्फ एक सक्रिय UAN हो। आधार, पैन और EPFO में नाम, जन्मतिथि और बाकी निजी जानकारी एक जैसी हो। बैंक खाता और IFSC सही लिंक हों। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर OTP के लिए चालू हो। पुराने नियोक्ता ने एग्जिट डेट अपडेट की है या नहीं, यह भी जांचना जरूरी है।

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नई निकासी प्रक्रिया में आधार आधारित OTP ऑथेंटिकेशन के बाद पात्र रकम NPCI नेटवर्क से भेजे जाने की उम्मीद है। लेकिन अगर KYC गलत या अधूरी रही, तो UPI जैसी तेज सुविधा भी क्लेम को नहीं बचा पाएगी। यानी सिस्टम आने का इंतजार बाद में करें, पहले रिकॉर्ड सही करना जरूरी है।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।