
दिल्ली में सोलर पैनल लगवाना होगा आसान, सरकार उठाएगी खर्च... जानें पूरी डिटेल
दिल्ली सरकार ने सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। नई योजना के तहत 400 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वाले घरों में 3 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर सिस्टम का खर्च सरकार उठाएगी। सरकार का लक्ष्य मार्च 2027 तक लाखों घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ना है।

In Short
- दिल्ली सरकार 3 किलोवाट तक के सोलर रूफटॉप सिस्टम का खर्च उठाएगी।
- सरकार मार्च 2027 तक दो लाख से ज्यादा घरों को सोलर योजना से जोड़ना चाहती है।
- सोलर सिस्टम की नेट मीटरिंग का समय 75 दिन से घटाकर 25 दिन कर दिया गया है।
दिल्ली सरकार ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि कैबिनेट ने दिल्ली सोलर पॉलिसी 2023 में बदलाव को मंजूरी दे दी है। सरकार का लक्ष्य लोगों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के साथ ही दिल्ली को ग्रीन दिल्ली की दिशा में आगे बढ़ाना है।
नई योजना के तहत घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि लोग सिर्फ बिजली इस्तेमाल करने वाले नहीं बल्कि बिजली बनाने वाले भी बन सकें।
400 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वालों को फायदा
दिल्ली सोलर एनर्जी की नई स्कीम के तहत ऐसे घर जो हर महीने 400 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करते हैं, उन्हें 3 किलोवाट तक के सोलर रूफटॉप सिस्टम का पूरा खर्च सरकार उठाएगी।
इन उपभोक्ताओं को शुरुआत में कोई शुल्क नहीं देना होगा। सरकार का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ना है।
दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि मार्च 2027 तक दो लाख से ज्यादा घरों को इस योजना से जोड़ा जाए और दिल्ली में 500 मेगावाट सोलर क्षमता तैयार की जाए।
नेट मीटरिंग की प्रक्रिया होगी तेज
सरकार ने घरेलू रूफटॉप सोलर सिस्टम के लिए नेट मीटरिंग की प्रक्रिया को भी आसान बनाया है। अब इसकी समय सीमा 75 दिन से घटाकर 25 दिन कर दी गई है।
सोलर पैनल से बनने वाली अतिरिक्त बिजली बिजली कंपनियों को दी जाएगी। इसके बदले उपभोक्ताओं को भुगतान किया जाएगा।
इस योजना को लागू करने के लिए दिल्ली सरकार IPGCL के माध्यम से बोली प्रक्रिया अपनाएगी।
बिजली उपभोक्ता नहीं उत्पादक बनेंगे
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ बिजली बिल कम करना या सब्सिडी देना नहीं है। सरकार चाहती है कि दिल्ली के घर बिजली उत्पादन में भी भागीदार बनें।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ता अब सिर्फ बिजली का इस्तेमाल करने वाला नहीं रहेगा, बल्कि बिजली का उत्पादक भी बन सकेगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना देशभर में अच्छा काम कर रही है, लेकिन दिल्ली में इसकी रफ्तार अपेक्षा के अनुसार नहीं थी। इसी को देखते हुए योजना में बदलाव किए गए हैं।
ढाई लाख घरों तक सोलर पैनल पहुंचाने का लक्ष्य
दिल्ली सरकार का लक्ष्य मार्च 2027 तक ढाई लाख घरों की छतों पर मुफ्त सोलर पैनल लगाने का है। साथ ही मौजूदा बिजली सब्सिडी भी जारी रहेगी।
रेखा गुप्ता ने बताया कि फिलहाल दिल्ली में 10,073 सोलर इंस्टॉलेशन किए जा चुके हैं, जिनमें सरकारी इमारतों की संख्या ज्यादा है।
जिन घरों में पर्याप्त रूफटॉप स्पेस नहीं है, उनके लिए सरकार कोई दूसरा समाधान निकालने पर काम कर रही है।

