Buy Now Pay Later: बिना पैसे दिए शॉपिंग का मजा पड़ सकता है महंगा! ये गलती भूलकर भी न करें
त्योहारी सीजन में ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान बाय नाउ पे लेटर की सुविधा लोगों को खूब लुभा रही है। बिना तुरंत पैसे चुकाए खरीदारी करना आसान लगता है, लेकिन इसमें एक छोटी सी लापरवाही आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है। जानिए इस सुविधा के पीछे छिपे खतरे और जरूरी सावधानियां।

In Short
- त्योहारी सीजन में बाय नाउ पे लेटर की सुविधा से खरीदारी करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
- बिना तुरंत भुगतान किए शॉपिंग करने की सुविधा बन सकती है बड़ी आर्थिक परेशानी की वजह।
- समय पर भुगतान नहीं करने से भारी पेनल्टी और सिबिल स्कोर खराब होने का खतरा।
त्योहारी सीजन में ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज तेजी से बढ़ता है। ग्राहकों को लुभाने के लिए कंपनियां तरह-तरह के ऑफर्स देती हैं। इन्हीं में से एक है 'बाय नाउ पे लेटर' यानी अभी खरीदें और पैसे बाद में चुकाएं। पहली नजर में यह सुविधा काफी अच्छी लगती है, लेकिन इसका इस्तेमाल बिना सोचे-समझे करना भारी पड़ सकता है। दरअसल, यह भी एक तरह का कर्ज है, जिसमें समय पर भुगतान नहीं करने से आपकी परेशानी बढ़ सकती है।
तेजी से बढ़ रहा बाय नाउ पे लेटर का बाजार
ऑनलाइन शॉपिंग बढ़ने के साथ बाय नाउ पे लेटर का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ा है। साल 2023 के आखिर में इसका बाजार करीब 30.38 अरब डॉलर का था। रिपोर्ट्स में अनुमान लगाया गया था कि 2026 तक यह बढ़कर 45 से 50 अरब डॉलर से ज्यादा हो सकता है।
इस सुविधा का इस्तेमाल सिर्फ बड़े शहरों में ही नहीं, बल्कि छोटे शहरों में भी बढ़ रहा है। अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के विस्तार से टियर-2 और टियर-3 शहरों के ग्राहक भी इसका फायदा उठा रहे हैं।
कैसे काम करती है यह सुविधा?
बाय नाउ पे लेटर की सुविधा क्रेडिट कार्ड या पर्सनल लोन की तरह काम करती है। इसमें ग्राहक तुरंत सामान खरीद सकता है, जबकि भुगतान बाद में करना होता है। फिनटेक कंपनियां खरीदारी की रकम चुकाती हैं और ग्राहक को भुगतान के लिए एक तय तारीख देती हैं।
ईपे लेटर, लेजीपे और सिंपल जैसी कंपनियां यह सुविधा देती हैं। आमतौर पर 100 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की खरीदारी पर इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। कुछ कंपनियां बड़ी खरीदारी के लिए भी यह विकल्प देती हैं।
समय पर पैसे नहीं चुकाए तो क्या होगा?
इस सुविधा में सबसे बड़ा खतरा भुगतान की डेडलाइन चूकना है। अगर ग्राहक तय तारीख तक पैसे नहीं चुका पाता, तो उसे पेनल्टी और ब्याज देना पड़ सकता है।
दिए गए विवरण के मुताबिक, कुछ मामलों में पेनल्टी कुल बकाया रकम के 30 फीसदी तक पहुंच सकती है। ऐसे में छोटी खरीदारी भी महंगी पड़ सकती है। बार-बार भुगतान में देरी होने से ग्राहक कर्ज के जाल में फंस सकता है।
सिबिल स्कोर पर भी पड़ सकता है असर
बाय नाउ पे लेटर का इस्तेमाल आपके सिबिल स्कोर को भी प्रभावित कर सकता है। खासकर समय पर भुगतान नहीं करने से क्रेडिट रिकॉर्ड खराब होने का जोखिम रहता है।
इसके अलावा बाद में पैसे चुकाने की सुविधा लोगों को जरूरत से ज्यादा खरीदारी के लिए भी प्रेरित कर सकती है। क्रेडिट कार्ड में अतिरिक्त भुगतान समय के साथ कैशबैक और रिवॉर्ड पॉइंट जैसे फायदे भी मिल सकते हैं।
इसलिए बाय नाउ पे लेटर का विकल्प चुनने से पहले भुगतान की समयसीमा, ब्याज और पेनल्टी की शर्तें समझना जरूरी है। याद रखें, यह मुफ्त में खरीदारी करने की सुविधा नहीं, बल्कि एक तरह का उधार है।

