Amazon और Tata Motors ने मिलाया हाथ! भारत की सड़कों पर दौड़ेंगे 3,000 इलेक्ट्रिक ट्रक, जानें पूरा प्लान
अमेजन और टाटा मोटर्स ने भारत में माल ढुलाई का तरीका बदलने के लिए बड़ी साझेदारी की है। इसके तहत अमेजन के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में 3,000 इलेक्ट्रिक ट्रक तैनात किए जाएंगे। शुरुआत दिल्ली से होगी और आगे 2,800 किलोमीटर लंबे हाईवे कॉरिडोर तक विस्तार की योजना है। जानिए ट्रकों के मालिक कौन होंगे, इनमें क्या फीचर्स मिलेंगे और दिल्ली की ईवी पॉलिसी से क्या फायदा होगा।

In Short
- अमेजन और टाटा मोटर्स की साझेदारी के तहत भारत में 3,000 इलेक्ट्रिक ट्रक तैनात करने की योजना।
- दिल्ली से होगी शुरुआत, सात राज्यों से गुजरने वाले 2,800 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर तक विस्तार का लक्ष्य।
- टाटा अल्ट्रा ई.7 में फास्ट चार्जिंग और रिजेनरेटिव ब्रेकिंग, दिल्ली में चुनिंदा ट्रकों को 10 साल तक नो एंट्री से छूट।
ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने भारत में अपने ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को इलेक्ट्रिक बनाने के लिए टाटा मोटर्स के साथ बड़ी साझेदारी की है। इसके तहत 3,000 इलेक्ट्रिक ट्रक तैनात किए जाएंगे। शुरुआत दिल्ली से होगी और बाद में इन्हें प्रमुख हाईवे पर उतारा जाएगा। दोनों कंपनियों ने 27 अक्टूबर 2026 को इसकी घोषणा की। कंपनी के मुताबिक, यह भारत में किसी ई-कॉमर्स कंपनी की ओर से इलेक्ट्रिक ट्रकों की सबसे बड़ी तैनाती होगी।
दिल्ली से शुरुआत, 2,800 किलोमीटर के रूट पर नजर
टाटा मोटर्स के इलेक्ट्रिक ट्रकों का पहला बैच दिल्ली में त्योहारों के सीजन के दौरान उतारा जा रहा है। शुरुआत में हल्के और मध्यम श्रेणी के ट्रकों का इस्तेमाल शहर के भीतर सामान ढोने के लिए होगा।
अगले चरण में कंपनियों की योजना नेशनल हाईवे 48 पर दिल्ली-बेंगलुरु-चेन्नई कॉरिडोर को इलेक्ट्रिक ट्रकों से जोड़ने की है। यह करीब 2,800 किलोमीटर लंबा रूट सात राज्यों से गुजरता है और छह बड़े ई-कॉमर्स क्षेत्रों को जोड़ता है।
ट्रकों का मालिक कौन होगा?
समझौते के मुताबिक, टाटा मोटर्स इलेक्ट्रिक ट्रकों की सप्लाई करेगी, जबकि अमेजन के कैरियर पार्टनर इनके मालिक होंगे और संचालन करेंगे। यानी सभी 3,000 ट्रक सीधे अमेजन के स्वामित्व में नहीं होंगे।
टाटा मोटर्स चार्जिंग, सर्विसिंग और संचालन से जुड़ी सुविधाओं में भी सहयोग करेगी। इसका मकसद ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों के लिए इलेक्ट्रिक ट्रकों का इस्तेमाल आसान बनाना है।
Tata Ultra E.7 में क्या है खास?
इस साझेदारी के तहत टाटा अल्ट्रा ई.7 इलेक्ट्रिक ट्रकों की तैनाती शुरू हो रही है। इसमें इंटीग्रेटेड ई-एक्सल, सीसीएस2 फास्ट चार्जिंग और रिजेनरेटिव ब्रेकिंग जैसे फीचर्स मिलते हैं।
रिजेनरेटिव ब्रेकिंग से गाड़ी की रफ्तार कम होने पर कुछ ऊर्जा वापस बैटरी में पहुंचाई जा सकती है। सुरक्षा के लिए ट्रक में क्रैश-टेस्टेड केबिन और हाई-वोल्टेज सेफ्टी सिस्टम दिए गए हैं।
कंपनी का दावा है कि ये ट्रक ऑपरेटिंग खर्च कम करने में मदद करेंगे। हालांकि, बैटरी क्षमता, ड्राइविंग रेंज, चार्जिंग समय और कीमत की जानकारी नहीं दी गई है।
चार्जिंग और दिल्ली की ईवी पॉलिसी से मिलेगा फायदा
इलेक्ट्रिक ट्रकों की चार्जिंग के लिए अमेजन याह्वी के साथ काम कर रही है। कंपनी के मुताबिक, देश में पहले से 10 चार्जिंग यार्ड विकसित किए जा चुके हैं। हाईवे पर भी विशेष चार्जिंग हब बनाने की योजना है।
दिल्ली की 2026 ईवी पॉलिसी के तहत शुरुआती तीन महीनों में रजिस्टर्ड पहले 1,000 निजी स्वामित्व वाले मध्यम श्रेणी के इलेक्ट्रिक ट्रकों को 10 साल तक दिन के किसी भी समय दिल्ली में प्रवेश की सुविधा मिलेगी। इन्हें सामान्य 'नो एंट्री' समय से छूट दी जाएगी।
500 से ज्यादा शहरों में पहले से 15,000 इलेक्ट्रिक वाहन
अमेजन के मुताबिक, भारत के 500 से ज्यादा शहरों में उसके नेटवर्क में 15,000 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन चल रहे हैं। कंपनी का लक्ष्य 2040 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन हासिल करना है।
दिल्ली में ट्रकों के पहले बैच को केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में रवाना किया गया। टाटा मोटर्स के ट्रक बिजनेस प्रमुख राजेश कौल के मुताबिक, भारत में इलेक्ट्रिक ट्रकों का इस्तेमाल शुरुआती परीक्षण से आगे बढ़ रहा है।
हालांकि, सभी 3,000 ट्रकों की तैनाती कब पूरी होगी और साझेदारी की कुल कीमत कितनी है, इसकी जानकारी कंपनियों ने नहीं दी है।

