Aadhaar Card का काम खत्म? सरकारी योजनाओं का पैसा देने के लिए केंद्र का नया प्लान, जानें क्या बदलेगा
सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले करोड़ों लोगों के लिए बड़ा बदलाव हो सकता है। केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने लाभार्थियों को भुगतान करने के लिए आधार कार्ड की जगह दूसरी पहचान व्यवस्था अपनाने के संकेत दिए हैं। आखिर क्या है सरकार का प्लान और किन योजनाओं पर पड़ सकता है असर?

In Short
- सरकारी योजनाओं में लाभार्थियों को भुगतान करने के तरीके में बदलाव के संकेत मिले हैं।
- केंद्रीय मंत्री ने आधार की जगह बायोमेट्रिक और वोटर ID के EPIC नंबर के इस्तेमाल की बात कही।
- नई व्यवस्था कब लागू होगी और किन योजनाओं पर असर पड़ेगा, इसे लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है।
सरकारी योजनाओं का फायदा लेने वाले लोगों के लिए आने वाले समय में बड़ा बदलाव हो सकता है। केंद्र सरकार लाभार्थियों को पैसे देने के लिए आधार कार्ड की जगह बायोमेट्रिक और वोटर ID के EPIC नंबर का इस्तेमाल कर सकती है। केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने इस बदलाव के संकेत दिए हैं। हालांकि, यह व्यवस्था कब से लागू होगी और किन योजनाओं पर लागू होगी, इसे लेकर अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय पंचायती राज, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने पिछले शुक्रवार को पंचायती राज मंत्रालय की ओर से आयोजित नेशनल वर्कशॉप ऑन पीपुल्स प्लान कैंपेन 2026-27 में यह बात कही।
आधार कार्ड को लेकर क्या बोले केंद्रीय मंत्री?
वर्कशॉप में राजीव रंजन सिंह ने कहा कि अब लाभार्थियों को भुगतान करने का आधार, आधार कार्ड नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि आज आधार कार्ड बनाने वाली संस्थाएं हर गली में उपलब्ध हैं। किसी का भी आधार कार्ड पांच मिनट में बनाकर तैयार करने की बात कही जा रही है।
मंत्री ने आगे कहा कि लाभार्थियों को भुगतान करने के लिए अब बायोमेट्रिक और वोटर ID के EPIC नंबर को आधार बनाया जाएगा। इसी के आधार पर उन्हें भुगतान किया जाएगा।
हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि सरकार किन योजनाओं में यह व्यवस्था लागू करेगी और इसकी शुरुआत कब से होगी।
अभी किन सरकारी योजनाओं में जरूरी है आधार?
पंचायती राज मंत्रालय के तहत फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है, जिसमें किसी व्यक्तिगत लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे पैसे ट्रांसफर किए जाते हों।
हालांकि, राजीव रंजन सिंह के पास मौजूद मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की कुछ योजनाओं में भुगतान के लिए आधार की जरूरत पड़ती है।
नेशनल लाइवस्टॉक मिशन के एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत लाभ लेने वाले पात्र लोगों को आधार नंबर होने का प्रमाण देना होता है या आधार ऑथेंटिकेशन कराना पड़ता है।
PM-Kisan समेत इन योजनाओं में होता है आधार का इस्तेमाल
केंद्र सरकार की कई बड़ी योजनाओं में लाभार्थियों को भुगतान करने के लिए आधार से जुड़े बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता है।
इनमें ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम VB-G RAM G, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan), प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम शामिल हैं।
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांग व्यक्तियों को पेंशन दी जाती है।
पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर
इस वर्कशॉप में केंद्रीय मंत्री ने आत्मनिर्भर और विकसित पंचायतें बनाने के लिए सभी संबंधित पक्षों की भागीदारी पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को अपनी कमाई के स्रोत बढ़ाने होंगे। इससे वे प्रदर्शन के आधार पर मिलने वाले अनुदान यानी परफॉर्मेंस ग्रांट के लिए पात्र बन सकेंगी।

