8वें वेतन आयोग में कर्मचारियों की 5 बड़ी मांगें, बेसिक सैलरी से HRA तक इन बदलावों पर जोर
8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों और पेंशन संगठनों की बैठकों में कई बड़ी मांगें सामने आई हैं। इनमें मिनिमम बेसिक सैलरी बढ़ाने, फिटमेंट फैक्टर 3.83 करने, हर साल 6 फीसदी वेतन बढ़ोतरी, ओपीएस बहाल करने और एचआरए समेत दूसरे भत्तों में बदलाव की मांग शामिल है।

In Short
- मिनिमम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़ाकर 69,000 रुपये करने की मांग की गई है।
- कर्मचारियों ने फिटमेंट फैक्टर 3.83 और हर साल 6 फीसदी वेतन बढ़ोतरी की मांग रखी है।
- ओपीएस बहाल करने और न्यूनतम एचआरए स्लैब 30 फीसदी करने की मांग भी आयोग के सामने रखी गई है।
8th Pay Commission: सरकार ने 8वें वेतन आयोग का गठन कर दिया है और सरकारी विभाग अपने कर्मचारियों का डेटा भी पोर्टल पर अपलोड कर चुके हैं। आयोग कर्मचारी और पेंशन संगठनों के साथ लगातार बैठकें कर रहा है। कई शहरों में ये बैठकें हो चुकी हैं, जबकि कई जगह अभी बैठकें होनी बाकी हैं। इन बैठकों में कर्मचारी सैलरी और पेंशन के साथ छुट्टी, भत्ते, हाउस रेंट अलाउंस और फिटमेंट फैक्टर से जुड़ी मांगें रख रहे हैं।
रिपोर्ट के बाद कैबिनेट की मंजूरी
कर्मचारियों और पेंशनर्स की मांगों के आधार पर आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपेगा। इसके बाद रिपोर्ट को कैबिनेट की मंजूरी के लिए रखा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू करने के लिए नियम बनाए जाएंगे और फिर नई व्यवस्था लागू होगी।
ज्यादातर एक्सपर्ट्स का मानना है कि 8वें वेतन आयोग को लागू होने में एक साल से ज्यादा समय लग सकता है। आयोग तेजी से काम कर रहा है, लेकिन फाइनल रिपोर्ट तैयार करने और उसकी समीक्षा में ज्यादा वक्त लग सकता है।
जनवरी 2026 से मिल सकता है एरियर
अगर 8वां वेतन आयोग 2027 के आखिर में लागू होता है, तब भी इसे जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा। ऐसे में करीब दो साल का एरियर सरकार सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के खातों में एक साथ जमा कर सकती है।
मिनिमम बेसिक सैलरी 69,000 रुपये करने की मांग
एनसी-जेसीएम ने मिनिमम बेसिक सैलरी को 18,000 रुपये से बढ़ाकर 69,000 रुपये करने की मांग रखी है। यह मांग परिवार की जरूरतों और महंगाई को ध्यान में रखकर की गई है।
फिटमेंट फैक्टर 3.83 करने की मांग
कर्मचारियों ने फिटमेंट फैक्टर बढ़ाकर 3.83 करने की मांग की है। बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी फिटमेंट फैक्टर के आधार पर होती है। 3.83 फिटमेंट फैक्टर होने पर मिनिमम बेसिक सैलरी 69,000 रुपये हो सकती है।
सरकारी कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें हर साल कम से कम 6 फीसदी वेतन बढ़ोतरी मिले, ताकि महंगाई से मुकाबला करने में आसानी हो सके।
OPS और HRA को लेकर भी मांग
कर्मचारी संगठन पुरानी पेंशन योजना यानी ओपीएस को फिर बहाल करने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ एनसी-जेसीएम ने न्यूनतम एचआरए स्लैब 30 फीसदी करने और दूसरे भत्तों में बदलाव की मांग रखी है। परिवार के कैलकुलेशन, प्रमोशन और पेंशन से जुड़े नियमों में बदलाव की मांग भी आयोग के सामने रखी गई है।

