होम लोन चुकाने के बाद बैंक ने खो दिए ओरिजिनल प्रॉपर्टी पेपर? Step by Step जानिए क्या करें
होम लोन चुकाने के बाद अगर बैंक आपके ओरिजिनल प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट नहीं लौटा पा रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसे मामले में बैंक को लिखित शिकायत देने से लेकर दस्तावेजों की पूरी लिस्ट मांगने तक कई जरूरी कदम उठाने होते हैं। RBI के नियम भी उधारकर्ता को कुछ अधिकार देते हैं।

होम लोन चुकाने के बाद जब बैंक आपका लोन अकाउंट बंद कर देता है, तो आमतौर पर ओरिजिनल प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट भी वापस मिलने चाहिए। लेकिन अगर बैंक यह कहे कि उसे आपके ओरिजिनल दस्तावेज मिल नहीं रहे हैं, तो इसे सिर्फ एक छोटी प्रशासनिक परेशानी समझकर छोड़ना नहीं चाहिए। प्रॉपर्टी के ओरिजिनल टाइटल डॉक्यूमेंट आगे चलकर प्रॉपर्टी बेचने, ट्रांसफर करने या दोबारा लोन लेने के समय काफी जरूरी हो सकते हैं।
ऐसे मामले में उधारकर्ता को तुरंत कुछ जरूरी कदम उठाने चाहिए। BASIC Home Loan के फाउंडर अतुल मोंगा ने बताया कि बैंक से दस्तावेज गायब होने की स्थिति में आपको क्या करना चाहिए और कैसे आगे का प्रोसेस करना चाहिए।
1) सबसे पहले लिखित में दर्ज कराएं शिकायत
अतुल मोंगा के मुताबिक सबसे पहला कदम यह होना चाहिए कि आप बैंक की ब्रांच और उसके कस्टमर सर्विस टीम को लिखित में जानकारी दें। शिकायत में अपना लोन अकाउंट नंबर, लोन बंद होने की तारीख और बैंक के पास जमा किए गए ओरिजिनल दस्तावेजों की जानकारी दें।
बैंक से यह भी लिखित में पूछें कि उसे कौन-कौन से दस्तावेज नहीं मिल रहे हैं। इससे आपके पास इस बात का रिकॉर्ड रहेगा कि आपने बैंक को समस्या की जानकारी कब दी थी और बैंक ने किस बात को स्वीकार किया था।
2) बैंक से डॉक्यूमेंट इन्वेंट्री मांगें
इसके बाद बैंक से उन ओरिजिनल दस्तावेजों की पूरी लिस्ट मांगें, जो लोन के बदले बैंक के पास जमा किए गए थे। इस लिस्ट को उन दस्तावेजों से मिलाएं जो बैंक ने आपको वापस किए हैं।
इससे यह साफ हो जाएगा कि आखिर कौन से दस्तावेज गायब हैं। आगे चलकर किसी तरह की गलतफहमी से बचने के लिए यह रिकॉर्ड काफी काम आ सकता है।
3) बैंक से पूछें आगे वो क्या करेगा?
RBI के नियमों के मुताबिक, रेगुलेटेड संस्थाओं को लोन का पूरा पेमेंट या सेटलमेंट होने के 30 दिनों के अंदर ओरिजिनल चल और अचल संपत्ति दस्तावेज जारी करने होते हैं। साथ ही, किसी रजिस्ट्री में दर्ज चार्ज को भी हटाना होता है। अगर देरी रेगुलेटेड संस्था की वजह से हुई है, तो ₹5,000 प्रति दिन के हिसाब से मुआवजे का प्रावधान है।
अगर ओरिजिनल दस्तावेज खो गए हैं या खराब हो गए हैं, तो RBI के नियमों के तहत रेगुलेटेड संस्था को की मदद से डुप्लीकेट या सर्टिफाइड कॉपी हासिल करनी होगी और इससे जुड़े खर्च भी उसे ही उठाने होंगे। इस प्रक्रिया के लिए नियमों में अतिरिक्त 30 दिनों का समय दिया गया है।
इसलिए बैंक से लिखित में इन सवालों के जवाब मांगें:
- कौन-कौन से दस्तावेज गायब हैं?
- बैंक डुप्लीकेट या सर्टिफाइड कॉपी कैसे हासिल करेगा?
- इससे जुड़े खर्च कौन उठाएगा?
- दस्तावेज मिलने में कितना समय लगेगा?
- प्रॉपर्टी पर दर्ज किसी चार्ज की स्थिति क्या है?
4) अपने सभी रिकॉर्ड संभालकर रखें
BASIC Home Loan के फाउंडर अतुल मोंगा के मुताबिक लोन लेने वालों को अपने पास मौजूद सभी दस्तावेज और बैंक से हुई बातचीत का रिकॉर्ड संभालकर रखना चाहिए। इसमें लोन क्लोजर लेटर, नो-ड्यूज सर्टिफिकेट, बैंक के साथ हुई बातचीत और ओरिजिनल दस्तावेजों की कोई कॉपी या स्कैन शामिल है।
अगर आपने पहले बैंक को दस्तावेजों की फोटोकॉपी या डिजिटल कॉपी दी थी, तो उसे भी सुरक्षित रखें। इससे यह साबित करने में मदद मिल सकती है कि बैंक के पास लोन फाइल के दौरान कौन-कौन से दस्तावेज जमा किए गए थे।
5) मामला हल न हो तो शिकायत आगे बढ़ाएं
अगर ब्रांच स्तर पर समस्या का समाधान नहीं होता है, तो बैंक की औपचारिक शिकायत निवारण व्यवस्था का इस्तेमाल करें। शिकायत दर्ज करने के बाद उसका रेफरेंस नंबर और बैंक के साथ हुई पूरी बातचीत का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
RBI के फ्रेमवर्क में उस स्थिति में मुआवजे का प्रावधान भी है, जब दस्तावेज वापस करने या रजिस्टर्ड चार्ज हटाने में देरी रेगुलेटेड संस्था की वजह से हुई हो। वहीं, दस्तावेज खोने या खराब होने के मामलों में अतिरिक्त 30 दिनों की अवधि को मुआवजे की टाइमलाइन में ध्यान में रखना होगा।

