scorecardresearch

दिल्ली में 1 नवंबर से इन गाड़ियों की एंट्री होगी बंद! कहीं लिस्ट में आपकी कार तो नहीं?

दिल्ली में गाड़ी लेकर आने वालों के लिए बड़ी खबर है। प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सरकार 1 नवंबर से वाहनों की एंट्री से जुड़ा नया नियम लागू करने जा रही है। इसके तहत दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड कुछ गाड़ियों के प्रवेश पर रोक लगेगी। आखिर किन वाहनों पर लागू होगा यह प्रतिबंध और किसे मिलेगी छूट? जानिए पूरी डिटेल।

Advertisement
दिल्ली सरकार ने कहा कि वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध की जानकारी पहले से दी जाएगी। (फोटो: पेक्सेल्स)
दिल्ली सरकार ने कहा कि वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध की जानकारी पहले से दी जाएगी। (फोटो: पेक्सेल्स)

In Short

  • 1 नवंबर से दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड गैर-BS-VI वाहनों की दिल्ली में एंट्री बंद होगी।
  • दिल्ली में 1 नवंबर से 28 फरवरी तक अधिकृत पार्किंग स्थलों पर शुल्क दोगुना होगा।
  • - प्रदूषण रोकने के लिए निर्माण कार्यों और बिना PUC वाले वाहनों पर भी सख्ती होगी।

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार ने सर्दियों से पहले कई बड़े कदम उठाने का ऐलान किया है। 1 नवंबर से दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड ऐसी गाड़ियों को दिल्ली में प्रवेश नहीं मिलेगा, जो BS-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करती हैं। इसके अलावा पार्किंग फीस बढ़ाने, निर्माण कार्यों पर रोक लगाने और प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों की जांच सख्त करने की तैयारी है।

advertisement

किन गाड़ियों की दिल्ली में एंट्री होगी बंद?

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार को बताया कि 1 नवंबर से दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड गैर-BS-VI वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। सरकार इस नियम को लागू करने से पहले लोगों को जागरूक करेगी। हालांकि, प्रतिबंध कब तक लागू रहेगा, इसकी जानकारी अभी नहीं दी गई है।

सिरसा ने यह भी बताया कि BS-IV वाहनों से जुड़े एक अलग प्रतिबंध में CNG गाड़ियों को छूट मिलेगी।

यह फैसला केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में दिल्ली-NCR के प्रदूषण को लेकर हुई बैठक के बाद लिया गया। बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और PWD मंत्री प्रवेश वर्मा भी शामिल हुए।

1 नवंबर से पार्किंग फीस होगी दोगुनी

सरकार ने 1 नवंबर से 28 फरवरी तक अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना करने का फैसला किया है। इसका मकसद निजी गाड़ियों का इस्तेमाल कम करना है। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की पार्किंग सुविधाओं को इस बढ़ोतरी से छूट मिलेगी।

इस दौरान MCD के दफ्तर सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक और दिल्ली सरकार के दफ्तर सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक खुलेंगे। सार्वजनिक और निजी दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम कराने की भी योजना है।

बिना PUC नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

दिल्ली के 500 पेट्रोल पंपों पर लगे ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचानने वाले कैमरों की मदद से 'No PUC, No Fuel' नियम लागू किया जाएगा। इसके तहत वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र नहीं होने पर गाड़ी को ईंधन नहीं दिया जाएगा।

सरकार करीब 2.5 लाख वाहनों की फिटनेस जांच भी कराएगी। इसके अलावा सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए मौजूदा 5,088 इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े में 150 नई बसें जोड़ी जाएंगी।

निर्माण कार्यों पर भी लगेगी रोक

दिल्ली में 1 नवंबर से 10 दिसंबर तक धूल पैदा करने वाले निर्माण और तोड़फोड़ के बाहरी कामों पर रोक लगाने की योजना है। इसके बाद 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक घरों के अंदर होने वाले कामों सहित सभी निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की तैयारी है।

निर्माण स्थलों पर नजर रखने के लिए AI आधारित निगरानी सिस्टम का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

प्रदूषण वाले इलाकों पर खास नजर

advertisement

पर्यावरण मंत्री के मुताबिक, दिल्ली के 62 प्रदूषण हॉटस्पॉट में से 42 को नियंत्रण में लाया गया है। बाकी इलाकों में प्रदूषण के स्रोतों की निगरानी बढ़ाई जाएगी।

सरकार ने 31 अक्टूबर तक सड़कों की गहरी सफाई करने का लक्ष्य भी रखा है। इसके अलावा कचरा जलाने की घटनाओं पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें तैनात की जाएंगी।

यानी साफ है कि, दिल्ली सरकार का विंटर एक्शन प्लान गाड़ियों से निकलने वाले धुएं, सड़कों की धूल, निर्माण गतिविधियों और कचरा जलाने से होने वाले प्रदूषण को कम करने पर केंद्रित है।