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बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कुछ स्मॉलकैप फंड्स ने कैसे दी मात? एक्सपर्ट ने बताई बेहतर रिटर्न की वजह

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद कुछ स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड्स ने शानदार प्रदर्शन किया है। आखिर कुछ फंड्स बेहतर रिटर्न देने में कामयाब क्यों रहे, जबकि दूसरे पीछे रह गए? मनीफ्रंट के को-फाउंडर और सीईओ मोहित गैंग ने इसकी बड़ी वजह बताई है। साथ ही निवेशकों के लिए अहम बात भी कही है।

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In Short

  • बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कुछ स्मॉलकैप फंड्स ने बेहतर प्रदर्शन किया।
  • मोहित गैंग के मुताबिक, सही शेयरों का चुनाव बेहतर रिटर्न की बड़ी वजह बना।
  • छोटे फंड्स को बेंचमार्क से हटकर निवेश करने का फायदा मिला।

शेयर बाजार में इस साल उतार-चढ़ाव के बीच जहां प्रमुख इंडेक्स और लार्जकैप फंड्स में निवेश करने वालों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा है, वहीं कुछ स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड्स ने बेहतर प्रदर्शन किया है। हालांकि, सभी स्मॉलकैप फंड्स का प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा है। कुछ फंड्स ने शानदार रिटर्न दिया, जबकि कई दूसरे फंड्स पीछे रह गए। ऐसे में सवाल है कि आखिर कुछ स्मॉलकैप फंड्स दूसरों से बेहतर प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?

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बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए मनीफ्रंट के को-फाउंडर और सीईओ मोहित गैंग ने कहा कि मौजूदा बाजार में सही शेयरों का चुनाव सबसे ज्यादा मायने रखता है। उन्होंने इस दौर को 'स्टॉक पिकर्स मार्केट' बताया। उनके मुताबिक, जिन फंड मैनेजर्स ने बेंचमार्क इंडेक्स से हटकर बड़े और जोखिम भरे निवेश के फैसले लिए, उन्हें बेहतर रिटर्न मिला है।

छोटे फंड्स क्यों कर रहे हैं बेहतर प्रदर्शन?

मनीफ्रंट के को-फाउंडर और सीईओ मोहित गैंग के मुताबिक, छोटे फंड्स और नई एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) के पास निवेश के फैसले लेने में ज्यादा लचीलापन होता है। वे चुनिंदा सेक्टर और शेयरों में बड़ा निवेश कर सकते हैं।

इसके उलट, बहुत बड़े फंड्स के सामने अपने बड़े फंड साइज की चुनौती होती है। ऐसे फंड्स अक्सर बेंचमार्क इंडेक्स के आसपास ही निवेश करते हैं और उससे अलग बड़े फैसले लेना उनके लिए मुश्किल हो जाता है।

बेंचमार्क से हटकर निवेश करने का मिला फायदा

मोहित गैंग ने कहा कि इस साल बेहतर प्रदर्शन करने वाले कई फंड्स ने ऐसे शेयरों और सेक्टर्स में निवेश किया, जहां दूसरे फंड मैनेजर्स जाने से बच रहे थे।

उनके मुताबिक, कुछ फंड्स ने पारंपरिक म्यूचुअल फंड रणनीति के बजाय पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) जैसी निवेश रणनीति अपनाई।

इस रणनीति में फंड मैनेजर्स चुनिंदा शेयरों पर ज्यादा भरोसा दिखाते हैं और उनमें बड़ा निवेश करते हैं। सही फैसले होने पर ऐसे फंड्स को बेहतर रिटर्न का फायदा मिलता है।

क्या आगे भी जारी रहेगा शानदार प्रदर्शन?

मोहित गैंग के मुताबिक, जब तक बाजार में अलग-अलग सेक्टर्स और चुनिंदा शेयरों में तेजी के मौके बने रहेंगे, तब तक तेजी से निवेश के फैसले लेने वाले छोटे फंड्स को फायदा मिल सकता है।

हालांकि, यह रणनीति जोखिम से खाली नहीं है। जिन फंड्स ने चुनिंदा शेयरों में बड़ा निवेश किया है, उन्हें गलत फैसले होने पर ज्यादा नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।

निवेशकों के लिए क्या है अहम बात?

मोहित गैंग के मुताबिक, स्मॉलकैप फंड्स का बेहतर प्रदर्शन केवल उनकी कैटेगरी की वजह से नहीं है। इसमें फंड मैनेजर की शेयर चुनने की क्षमता, जोखिम लेने की तैयारी और बेंचमार्क से अलग निवेश करने की रणनीति की बड़ी भूमिका रही है।

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ऐसे में निवेशकों के लिए केवल पिछले रिटर्न देखकर फंड चुनने के बजाय उसकी निवेश रणनीति और जोखिम को समझना भी जरूरी है।

Disclaimer: म्यूचुअल फंड्स निवेश बाज़ार जोखिमों के अधीन है। ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।