
Parag Parikh का Flexi Cap Fund क्यों कर रहा है Underperform? एक्सपर्ट ने बताया वजह
पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड के हालिया कमजोर प्रदर्शन ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। आनंद राठी वेल्थ की म्यूचुअल फंड हेड श्वेता रजनी के मुताबिक ज्यादा नकदी रखने बाजार की टाइमिंग और फंड का बड़ा आकार रिटर्न पर दबाव डाल सकते हैं और कमजोर प्रदर्शन का दौर लंबा खिंच सकता है।

In Short
- Parag Parikh Flexi Cap Fund के कमजोर प्रदर्शन के पीछे ज्यादा कैश और मार्केट टाइमिंग हो सकती है बड़ी वजह।
- श्वेता रजनी के मुताबिक 15 फीसदी कैश तेजी के बाजार में पोर्टफोलियो रिटर्न पर डाल सकता है बड़ा असर।
- फंड का बड़ा आकार अगर निवेश में बाधा बनने लगे तो underperformance का दौर लंबे समय तक चल सकता है।
Parag Parikh Flexi Cap Fund के हालिया कमजोर प्रदर्शन को लेकर निवेशकों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या फंड का बड़ा आकार और ज्यादा कैश रखना उसके रिटर्न पर असर डाल रहा है। बड़े Flexi Cap Fund में निवेश की रकम लगातार बढ़ने के साथ सही समय पर पैसा बाजार में लगाना भी एक बड़ी चुनौती बन सकता है।
इसी मुद्दे पर बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर शैलेंद्र भटनागर के सवालों का Anand Rathi Wealth की म्यूचुअल फंड हेड श्वेता रजनी ने जवाब देते हुए कहा कि Parag Parikh Flexi Cap Fund का हालिया कमजोर प्रदर्शन जरूरी नहीं कि उसकी निवेश रणनीति में किसी बड़ी खामी का संकेत हो। उनके मुताबिक इसके पीछे बाजार की टाइमिंग और फंड के बड़े आकार जैसे कारण अहम हो सकते हैं।
हर फंड में आता है उतार चढ़ाव का दौर
श्वेता रजनी ने कहा कि हर म्यूचुअल फंड अलग-अलग समय पर अच्छे और कमजोर प्रदर्शन के दौर से गुजरता है। एक्टिव फंड मैनेजमेंट में ऐसा होना सामान्य है। जरूरी यह समझना है कि कमजोर रिटर्न की असली वजह क्या है।
उनके मुताबिक कई बार फंड मैनेजर बाजार की चाल को समझने में थोड़ा जल्दी या देर कर सकते हैं। ऐसे में किसी सेक्टर पर लगाया गया दांव उम्मीद के मुताबिक काम नहीं करता। किसी खास शेयर में तेज गिरावट भी पूरे पोर्टफोलियो के प्रदर्शन पर असर डाल सकती है।
ज्यादा कैश बन सकता है रिटर्न पर बोझ
रजनी के मुताबिक बड़े Flexi Cap Fund के लिए ज्यादा कैश रखना भी underperformance की बड़ी वजह बन सकता है। अगर कोई फंड 10 से 20 फीसदी तक रकम कैश में रखता है और उसी दौरान शेयर बाजार लगातार ऊपर जाता है तो ज्यादा निवेशित दूसरे फंड उससे बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि 15 फीसदी कैश और 4 से 5 फीसदी कैश के बीच का अंतर ही पूरे पोर्टफोलियो के प्रदर्शन पर बड़ा असर डाल सकता है।
Parag Parikh Flexi Cap Fund जैसे 1.10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा एसेट वाले फंड में यह मुद्दा और बड़ा हो जाता है। रजनी के मुताबिक अगर इतने बड़े फंड में कैश का हिस्सा करीब 15 फीसदी है तो बहुत बड़ी रकम बाजार की तेजी में हिस्सा नहीं ले पाती।
क्या फंड का बड़ा आकार बन रहा है चुनौती?
श्वेता रजनी ने कहा कि केवल फंड का बड़ा आकार देखकर यह नहीं कहा जा सकता कि उसका प्रदर्शन कमजोर ही होगा। कुछ फंड मैनेजर कम एसेट के साथ भी मुश्किल का सामना करते हैं जबकि कुछ बड़े फंड को बेहतर तरीके से संभाल लेते हैं।
हालांकि फंड का आकार लगातार बढ़ने के साथ बड़ी रकम को सही निवेश के मौकों पर लगाना ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि Flexi Cap Fund निवेशकों में लोकप्रिय बने हुए हैं क्योंकि निवेशक इन्हें Large Cap में निवेश के विकल्प की तरह देखते हैं और साथ ही इनमें Mid Cap और Small Cap शेयरों में निवेश की गुंजाइश भी रहती है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
रजनी के मुताबिक निवेशकों को केवल कुछ समय के कमजोर प्रदर्शन को देखकर तुरंत फैसला नहीं करना चाहिए। पहले यह समझना जरूरी है कि underperformance किस वजह से है।
अगर किसी शेयर या सेक्टर से जुड़ा फैसला गलत साबित हुआ है तो प्रदर्शन में सुधार जल्दी हो सकता है। लेकिन अगर फंड का बड़ा आकार निवेश में बाधा बन रहा है और लगातार ज्यादा कैश रखना पड़ रहा है तो कमजोर प्रदर्शन का दौर लंबा चल सकता है।
