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अब म्यूचुअल फंड निवेश होगा और सुरक्षित! जानिए क्या है सेबी की नई Voluntary Lock-in Facility

SEBI ने म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए Voluntary Lock-in Facility शुरू की है। इस सुविधा के तहत Non-Demat फोलियो पर Voluntary Debit Freeze लगाया जा सकता है। OTP आधारित लॉक और अनलॉक प्रक्रिया से अनधिकृत लेनदेन का जोखिम कम होगा और निवेश की सुरक्षा पहले से अधिक मजबूत बनेगी।

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AI Generated Image

In Short

  • SEBI ने म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए Voluntary Lock-in Facility शुरू की है, जिससे निवेश को अतिरिक्त सुरक्षा मिलेगी।
  • Non-Demat फोलियो वाले निवेशक Voluntary Debit Freeze लगाकर अनधिकृत निकासी और ट्रांजैक्शन पर रोक लगा सकते हैं।
  • फोलियो को लॉक और अनलॉक करने की प्रक्रिया OTP आधारित होगी, जिससे निवेशकों को बेहतर सुरक्षा और अपने निवेश पर अधिक नियंत्रण मिलेगा।

म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने हाल ही में एक अहम सुविधा शुरू की थी। सेबी ने म्यूचुअल फंड फोलियो के लिए Voluntary Lock-in Facility को शुरू किया था जिसका मकसद निवेशकों के निवेश को अतिरिक्त सुरक्षा देना और अनअथॉराइज्ड (Unauthorized) ट्रांजैक्शन के जोखिम को कम करना है।

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क्या है Voluntary Lock-in Facility?

SEBI की ओर से शुरू की गई यह सुविधा पूरी तरह स्वैच्छिक (Voluntary) है। यानी निवेशक अपनी जरूरत के हिसाब से इसे चुन सकता हैं। इस सुविधा के जरिए निवेशक अपने म्यूचुअल फंड फोलियो पर Voluntary Debit Freeze लगा सकते हैं। इसका मतलब है कि फोलियो से निकासी या डेबिट से जुड़े लेनदेन पर रोक लगाई जा सकती है, जिससे निवेश को अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है।

किन निवेशकों को मिलेगा फायदा?

यह सुविधा Non-Demat Folios के लिए उपलब्ध कराई गई है। यानी जिन निवेशकों के म्यूचुअल फंड यूनिट्स डिमैट खाते में नहीं हैं, वे इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इससे ऐसे निवेशकों को अपने निवेश पर पहले से ज्यादा सुरक्षा मिलेगी।

OTP के जरिए होगा लॉक और अनलॉक

इस नई सुविधा में फोलियो को लॉक और अनलॉक करने की प्रक्रिया OTP आधारित होगी। यानी जब भी निवेशक अपने फोलियो को लॉक या अनलॉक करना चाहेंगे, इसके लिए वन-टाइम पासवर्ड (OTP) का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे प्रक्रिया अधिक सुरक्षित बनेगी और केवल अधिकृत व्यक्ति ही यह बदलाव कर सकेगा।

निवेश की सुरक्षा होगी और मजबूत

SEBI का कहना है कि इस सुविधा का मकसद निवेशकों के म्यूचुअल फंड निवेश को अतिरिक्त सुरक्षा देना है। फोलियो पर स्वैच्छिक डेबिट फ्रीज लगाने की सुविधा और OTP आधारित लॉकिंग-अनलॉकिंग प्रक्रिया के जरिए निवेशकों को अपने निवेश पर बेहतर कंट्रोल मिलेगा। खासतौर पर Non-Demat Folios रखने वाले निवेशकों के लिए यह सुविधा उनके निवेश की सुरक्षा को और मजबूत बनाने में मददगार साबित हो सकती है।

Disclaimer: म्यूचुअल फंड्स निवेश बाज़ार जोखिमों के अधीन है। ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।