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कम समय के लिए निवेश करना चाहते हैं? ओवरनाइट फंड में पैसा लगाने से पहले जान लें इसके फायदे, जोखिम और टैक्स नियम

पैसा कुछ समय के लिए खाली पड़ा है तो उसे कहां लगाया जाए, यह सवाल कई निवेशकों के सामने रहता है। ओवरनाइट फंड ऐसे निवेश विकल्पों में शामिल है, जहां कम समय के लिए पैसे लगाए जाते हैं। जानिए कैसे काम करता है यह फंड और क्यों कम जोखिम वाले निवेशक इसे पसंद करते हैं।

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In Short

  • ओवरनाइट फंड में पैसा एक दिन या उससे कम अवधि वाले निवेश साधनों में लगाया जाता है।
  • कम समय के निवेश के कारण इसमें बाजार उतार-चढ़ाव का असर सीमित रहता है।
  • अतिरिक्त पैसे को थोड़े समय के लिए लगाने के लिए यह एक विकल्प हो सकता है।

Overnight Fund: म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले लोग अक्सर ज्यादा रिटर्न वाले विकल्पों पर ध्यान देते हैं, लेकिन कई बार निवेशकों को ऐसे विकल्प की जरूरत होती है जहां पैसा थोड़े समय के लिए रखा जा सके और जोखिम भी कम हो। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए ओवरनाइट फंड एक विकल्प के तौर पर सामने आता है। यह डेट म्यूचुअल फंड की एक श्रेणी है, जिसमें बहुत कम समय के लिए निवेश किया जाता है।

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ओवरनाइट फंड में कहां लगाया जाता है पैसा?

ओवरनाइट फंड एक ओपन एंडेड डेट म्यूचुअल फंड योजना होती है। सेबी के नियमों के अनुसार, यह फंड सिर्फ उन सिक्योरिटीज में निवेश कर सकता है, जिनकी अवधि एक दिन या उससे कम होती है।

आसान भाषा में समझें तो इसमें निवेश किया गया पैसा ऐसे साधनों में लगाया जाता है, जो अगले कारोबारी दिन तक मैच्योर हो जाते हैं। हर दिन फंड मैनेजर नए एक दिन वाले निवेश विकल्पों में पैसा लगाते हैं और यह प्रक्रिया लगातार चलती रहती है।

यही वजह है कि ओवरनाइट फंड को बहुत कम अवधि वाले निवेश विकल्पों में गिना जाता है।

कम जोखिम वाले निवेशकों के लिए क्यों है खास?

ओवरनाइट फंड का सबसे बड़ा फायदा इसका कम जोखिम वाला होना है। क्योंकि इसमें पैसा सिर्फ एक दिन की अवधि वाले साधनों में लगाया जाता है, इसलिए ब्याज दरों में बदलाव या लंबे समय के बाजार उतार-चढ़ाव का असर इस पर काफी कम पड़ता है।

ऐसे निवेशक जो अपना अतिरिक्त पैसा कुछ समय के लिए रखना चाहते हैं, लेकिन उसे बैंक खाते में खाली नहीं छोड़ना चाहते, उनके लिए यह एक विकल्प हो सकता है।

पैसे की जरूरत पड़ने पर निकालना आसान

ओवरनाइट फंड में निवेश की एक खास बात यह भी है कि इसमें पैसा निकालने की सुविधा आसान रहती है। इसमें आमतौर पर एंट्री और एग्जिट चार्ज नहीं होता, जिससे जरूरत के समय निवेशक अपनी रकम निकाल सकते हैं।

हालांकि, निवेश करने से पहले फंड के नियम और उससे जुड़े खर्चों को समझना जरूरी होता है।

ओवरनाइट फंड और टैक्स का नियम

ओवरनाइट फंड पर डेट म्यूचुअल फंड वाले टैक्स नियम लागू होते हैं। अगर निवेश तीन साल से कम समय में बेचा जाता है तो उस पर होने वाला फायदा निवेशक की आय के हिसाब से टैक्स स्लैब के अनुसार जुड़ता है।

अगर निवेश लंबी अवधि तक रखा जाता है तो टैक्स नियमों के अनुसार अलग तरीके से गणना की जाती है।

ओवरनाइट फंड उन निवेशकों के लिए उपयोगी विकल्प हो सकता है, जो कम समय के लिए पैसे को कम जोखिम के साथ लगाना चाहते हैं और अपने अतिरिक्त फंड का बेहतर इस्तेमाल करना चाहते हैं।

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Disclaimer: म्यूचुअल फंड्स निवेश बाज़ार जोखिमों के अधीन है। ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।