
अब विदेशों में निवेश होगा आसान! इस कंपनी ने GIFT City से लॉन्च किए 2 ग्लोबल AIF फंड
भारतीय निवेशकों के लिए अब ग्लोबल मार्केट में निवेश का एक और विकल्प उपलब्ध हो गया है। Waterfield Advisors ने GIFT City से दो आउटबाउंड AIF लॉन्च किए हैं, जो अंतरराष्ट्रीय इक्विटी, कमोडिटी और फिक्स्ड इनकम एसेट्स में निवेश करेंगे। इनका लक्ष्य पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन को बढ़ावा देना है।

In Short
- Waterfield Advisors ने GIFT City से 2 ग्लोबल AIF लॉन्च किए।
- फंड्स अंतरराष्ट्रीय इक्विटी, कमोडिटी और ग्लोबल डेट में निवेश करेंगे।
- निवेशकों को पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन के लिए ग्लोबल एक्सपोजर मिलेगा।
भारतीय निवेशक अब घरेलू बाजार के अलावा दुनिया के दूसरे बाजारों में भी निवेश करने के लिए एक नए विकल्प का इस्तेमाल कर सकेंगे। एडवाइजरी फर्म Waterfield Advisors ने GIFT City से दो आउटबाउंड Alternative Investment Funds (AIFs) लॉन्च किए हैं। इन फंड्स का मकसद उन निवेशकों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निवेश का मौका देना है, जो अपने पोर्टफोलियो में ग्लोबल एक्सपोजर जोड़ना चाहते हैं।
कंपनी ने Waterfield Global Opportunity Fund और Waterfield Global Fixed Income Fund लॉन्च किए हैं। दोनों फंड अलग-अलग तरह के ग्लोबल एसेट्स में निवेश करेंगे और इनमें एक्टिव रिसर्च आधारित निवेश रणनीति अपनाई जाएगी।
किन एसेट्स में पैसा लगाएंगे दोनों फंड?
Waterfield Global Opportunity Fund का फोकस अंतरराष्ट्रीय इक्विटी, कमोडिटी और दुनिया के अलग-अलग निवेश थीम पर रहेगा। यह फंड किसी एक देश या किसी एक निवेश आइडिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अलग-अलग ग्लोबल अवसरों में निवेश करेगा।
वहीं Waterfield Global Fixed Income Fund का निवेश ग्लोबल डेट मार्केट और फिक्स्ड इनकम एसेट्स में किया जाएगा। इसका उद्देश्य निवेशकों को उनके मौजूदा भारतीय पोर्टफोलियो के साथ अंतरराष्ट्रीय निवेश का विकल्प देना है, न कि घरेलू निवेश को बदलना।
भारत से बाहर निवेश की जरूरत क्यों?
Waterfield Advisors के मुताबिक, दुनिया के कुल इक्विटी मार्केट कैपिटलाइजेशन में भारत की हिस्सेदारी करीब 3 फीसदी है। ऐसे में अगर किसी निवेशक का पूरा पोर्टफोलियो सिर्फ भारतीय बाजार में है, तो उसका जोखिम एक ही बाजार और एक ही करेंसी तक सीमित रह सकता है।
कंपनी ने कहा कि सेमीकंडक्टर, AI इंफ्रास्ट्रक्चर, एयरोस्पेस और ग्लोबल फार्मास्युटिकल्स जैसे सेक्टर में भारत के बाहर भी कई निवेश अवसर मौजूद हैं।
Waterfield ने फैमिली ऑफिस पोर्टफोलियो के लिए ग्लोबल एसेट्स में कम से कम 10 फीसदी निवेश की सलाह दी है। कंपनी के मुताबिक, इस आवंटन को समय-समय पर दोबारा संतुलित किया जाना चाहिए।
भारतीय निवेशक कैसे कर सकते हैं ग्लोबल निवेश?
भारतीय निवासी पहले से ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की Liberalised Remittance Scheme (LRS) के तहत विदेशों में सीधे निवेश कर सकते हैं। इस योजना के तहत एक व्यक्ति एक वित्त वर्ष में नियमों के अनुसार 2.5 लाख डॉलर तक विदेश भेज सकता है।

हालांकि Waterfield के GIFT City फंड्स एक अलग तरीका उपलब्ध कराते हैं। इसमें निवेशकों को खुद विदेशी ब्रोकरेज अकाउंट खोलने और अलग-अलग निवेश चुनने की जरूरत नहीं होगी। वे एक पूल्ड इन्वेस्टमेंट स्ट्रक्चर के जरिए ग्लोबल एसेट्स में निवेश कर पाएंगे।
निवेशकों के लिए बनाया गया स्ट्रक्चर
ये दोनों फंड गुजरात की GIFT City में स्थापित किए गए हैं और विदेशी करेंसी में ऑपरेट करेंगे। कंपनी के अनुसार, इनमें स्वतंत्र कस्टडी और थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेशन की व्यवस्था भी होगी।
Waterfield Advisors की फाउंडर और CEO सौम्या राजन ने कहा कि इन फंड्स को ग्राहकों की ग्लोबल मार्केट तक पहुंच की जरूरत को देखते हुए लॉन्च किया गया है, ताकि उन्हें एक व्यवस्थित और बेहतर गवर्नेंस वाले निवेश ढांचे के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निवेश का मौका मिल सके।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और हेड ऑफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटजी एंड सॉल्यूशंस रिद्धिमान जैन ने कहा कि इन फंड्स का उद्देश्य भारतीय निवेशकों को एक स्ट्रक्चर्ड इन्वेस्टमेंट व्हीकल के जरिए ग्लोबल डायवर्सिफिकेशन उपलब्ध कराना है।

