TRUST Mutual Fund की निवेश रणनीति- लार्ज कैप से ज्यादा मिड-स्मॉल कैप पर भरोसा, मिहिर वोरा ने बताई वजह
म्यूचुअल फंड हाउस Trust Mutual Fund के CIO मिहिर वोरा ने लार्ज कैप शेयरों में कम निवेश को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि फंड का पोर्टफोलियो तैयार करते समय मार्केट कैप से ज्यादा कंपनियों की ग्रोथ क्षमता पर ध्यान दिया जाता है। आखिर मिड और स्मॉल कैप में ऐसा क्या दिख रहा है?

ट्रस्ट म्यूचुअल फंड के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर (CIO) मिहिर वोरा ने लार्ज कैप शेयरों में फंड हाउस के कम निवेश को लेकर स्थिति स्पष्ट की है।
उन्होंने बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर शैलेंद्र भटनागर के सवालों का जवाब देते हुए साफ किया है कि फंड हाउस का लार्ज कैप में कम वेटेज रखना कोई बाजार को लेकर ऊपर से लिया गया फैसला नहीं है। यह कंपनी चुनने के उनके ग्रोथ आधारित नजरिए का नतीजा है, जहां उन्हें मिड कैप और स्मॉल कैप कंपनियों में ज्यादा कमाई बढ़ाने के मौके दिख रहे हैं।
मिहिर वोरा ने साफ किया कि फंड हाउस का नजरिया 'मार्केट कैप एग्नोस्टिक' और 'सेक्टर एग्नोस्टिक' है। उन्होंने कहा कि उनकी निवेश शैली 'ग्रोथ एट रीजनबल वैल्यूएशन' पर आधारित है। यानी वे ऐसी कंपनियों की तलाश करते हैं जिनकी कमाई बढ़ने की क्षमता मजबूत हो और वैल्यूएशन बहुत महंगा न हो।
ग्रोथ के आधार पर बनता है पोर्टफोलियो
एक्सपर्ट ने कहा कि जब आप नीचे से ऊपर की ओर कंपनियों का विश्लेषण करते हैं और देखते हैं कि सबसे ज्यादा ग्रोथ कहां मिल सकती है, तो आपको लार्ज कैप के मुकाबले ज्यादा ऑप्शन मिड कैप और स्मॉल कैप में मिलती है।
उनके मुताबिक पोर्टफोलियो में किसी कंपनी को शामिल करने का आधार उसका मार्केट कैप नहीं, बल्कि उसकी कमाई बढ़ाने की क्षमता है। यही वजह है कि फंड हाउस के पोर्टफोलियो में छोटे और मध्यम आकार की कंपनियों की हिस्सेदारी ज्यादा नजर आती है।
लार्ज कैप सुरक्षित, लेकिन हर बार सबसे तेज नहीं
मिहिर वोरा ने लार्ज कैप कंपनियों को खारिज नहीं किया। उन्होंने कहा कि ये कंपनियां 'अच्छी, क्वालिटी वाली, सुरक्षित और स्थिर' होती हैं, लेकिन इससे यह तय नहीं होता कि वे सबसे तेज ग्रोथ देंगी।
उनके अनुसार, जिन सेक्टरों में बड़ी कंपनियां पहले से मजबूत स्थिति में हैं, वहां तेजी से विस्तार की गुंजाइश सीमित हो सकती है। वहीं, उभरती कंपनियों में कमाई बढ़ने की संभावना ज्यादा हो सकती है।
सेक्टर के हिसाब से बदलता है निवेश नजरिया
एक्सपर्ट मिहिर वोरा ने बताया कि मार्केट कैप से ज्यादा अहम सेक्टर की स्थिति होती है। बैंकिंग क्षेत्र में उन्होंने कहा कि बेहतर ऑप्शन मिड और लार्ज कैप में हैं। वहीं कैपिटल मार्केट और इंडस्ट्रियल सेक्टर में मिड और स्मॉल कैप कंपनियों में ज्यादा अवसर दिखाई देते हैं।
इंडस्ट्रियल सेक्टर पर उन्होंने कहा कि ऐसी बहुत कम मेगा कैप या लार्ज कैप कंपनियां हैं जो 25-30% की ग्रोथ कर रही हैं। इसके मुकाबले मिड और स्मॉल कैप स्पेस में उन्हें 20-35% ग्रोथ देने वाली कम से कम दस, बीस कंपनियां मिल सकती हैं।

