Mutual Fund: आपके फंड में 18% की गिरावट, फिर भी हो सकता है अच्छा प्रदर्शन! जानिए कैसे पहचानें सही फंड
शेयर बाजार में गिरावट आते ही कई निवेशकों के म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो लाल निशान में पहुंच जाते हैं। ऐसे में अक्सर लोग अपने फंड को खराब मानकर बेचने की सोचने लगते हैं। लेकिन क्या नुकसान दिखना हमेशा गलत निवेश का संकेत है? कई बार बाजार के मुकाबले कम गिरने वाला फंड भी बेहतर प्रदर्शन कर रहा होता है। जानिए फंड की असली स्थिति कैसे पहचानें।

In Short
- म्यूचुअल फंड में नुकसान होने का मतलब हमेशा यह नहीं कि फंड का प्रदर्शन खराब है।
- फंड की तुलना उसके बेंचमार्क और समान कैटेगरी के दूसरे फंडों से करना जरूरी है।
- निवेश का समय, SIP या एकमुश्त निवेश और लंबी अवधि का रिटर्न आपके वास्तविक फायदे या नुकसान को प्रभावित करते हैं।
शेयर बाजार में गिरावट आने पर कई निवेशकों के म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो लाल निशान में चले जाते हैं। ऐसे में निवेशकों को लगने लगता है कि उन्होंने गलत फंड चुन लिया है। लेकिन क्या हर नुकसान का मतलब फंड का खराब प्रदर्शन है? जानिए फंड की परफॉर्मेंस जांचने का सही तरीका।
शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का असर म्यूचुअल फंड निवेशकों पर भी पड़ता है। खासकर सितंबर और अक्टूबर जैसे कमजोर बाजार वाले महीनों में कई निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में नुकसान दिखाई दे सकता है।
लेकिन सिर्फ इसलिए कि आपके म्यूचुअल फंड में पैसा घट गया है, यह मान लेना सही नहीं कि फंड खराब है। कई बार नुकसान की वजह निवेश का समय और बाजार की गिरावट होती है।
बाजार से कम गिरा फंड तो क्या समझें?
मान लीजिए आपने किसी इक्विटी म्यूचुअल फंड में बड़ी रकम निवेश की। इसके कुछ महीने बाद शेयर बाजार में तेज गिरावट आ गई। इस दौरान बाजार का बेंचमार्क इंडेक्स 24% गिर गया, जबकि आपके फंड में 18% की गिरावट आई।
आपको अपने निवेश पर नुकसान दिखेगा, लेकिन फंड ने बाजार के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया है।
उदाहरण के लिए, 18% गिरावट के बाद फंड को पुरानी वैल्यू पर लौटने के लिए करीब 22% बढ़ना होगा। वहीं, 24% गिरा इंडेक्स लगभग 32% बढ़ने के बाद अपनी पुरानी स्थिति में पहुंचेगा।
निवेश का समय भी करता है फर्क
एक ही म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले दो लोगों का रिटर्न अलग-अलग हो सकता है। अगर किसी ने बाजार की तेजी के दौरान एकमुश्त निवेश किया और उसके तुरंत बाद गिरावट आ गई, तो उसे नुकसान दिख सकता है।
वहीं, लंबे समय से SIP करने वाले निवेशक का अनुभव अलग हो सकता है।
मान लीजिए किसी फंड ने पिछले एक साल में 8% रिटर्न दिया, लेकिन पांच साल का सालाना औसत रिटर्न 18% रहा। इसका मतलब यह नहीं कि फंड अचानक खराब हो गया है।
इक्विटी म्यूचुअल फंड में हर साल एक जैसा रिटर्न नहीं मिलता।
खराब फंड की पहचान कैसे करें?
किसी फंड का प्रदर्शन जांचने के लिए सिर्फ अपना मुनाफा या नुकसान देखना काफी नहीं है। सबसे पहले फंड की तुलना उसके बेंचमार्क और उसी कैटेगरी के दूसरे फंड से करें।
अगर कोई फंड लगातार अपने बेंचमार्क और समान फंडों से कमजोर प्रदर्शन कर रहा है, तो उसकी समीक्षा करना जरूरी है। इसके अलावा, फंड मैनेजर, निवेश रणनीति और जोखिम के स्तर में हुए बदलावों पर भी ध्यान दें।
नुकसान होने पर तुरंत बेच देना सही है?
बाजार में गिरावट देखकर जल्दबाजी में म्यूचुअल फंड बेचना हमेशा सही फैसला नहीं होता। अगर आपका निवेश लंबी अवधि के लक्ष्य के लिए है, तो कुछ महीनों की गिरावट के बजाय लंबे समय का प्रदर्शन देखें।
हालांकि, लगातार कमजोर प्रदर्शन करने वाले फंड को बिना समीक्षा के बनाए रखना भी समझदारी नहीं है। ध्यान रखें: म्यूचुअल फंड में नुकसान और खराब फंड दो अलग बातें हैं। निवेश का फैसला बाजार की स्थिति, फंड के प्रदर्शन, अपने वित्तीय लक्ष्य और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखकर करें।

