हर साल निवेश में सिर्फ 10% की बढ़ोतरी से कैसे तैयार हो सकता है करोड़ों का फंड?
अगर आप हर महीने म्यूचुअल फंड में SIP करते हैं, तो निवेश का एक छोटा सा बदलाव आपकी भविष्य की बचत में बड़ा अंतर ला सकता है। एक्सपर्ट ने ऐसा तरीका बताया है, जिससे बिना ज्यादा रिटर्न की उम्मीद किए भी करोड़ों का फंड तैयार किया जा सकता है। जानिए पूरा कैलकुलेशन।

In Short
- ₹10,000 की मंथली SIP से 20 साल में ₹1 करोड़ का फंड बनने की संभावना।
- हर साल SIP में 10% की बढ़ोतरी से ₹2 करोड़ से ज्यादा का फंड बन सकता है।
- एक्सपर्ट की सलाह—सैलरी बढ़ने के साथ SIP भी बढ़ाएं, कंपाउंडिंग का मिलेगा ज्यादा फायदा।
अगर आप म्यूचुअल फंड में SIP के जरिए निवेश करते हैं, तो आपकी एक छोटी सी आदत भविष्य में बड़ा फंड बनाने में मदद कर सकती है। बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए Flexi Capital के मैनेजिंग डायरेक्टर नासिर सलीम ने कहा कि अगर निवेशक हर साल अपनी सैलरी बढ़ने के साथ SIP की रकम भी बढ़ाते रहें, तो लंबे समय में उनका निवेश दोगुने से ज्यादा बड़े फंड में बदल सकता है। खास बात यह है कि इसके लिए ज्यादा रिटर्न वाले फंड की तलाश करना भी जरूरी नहीं है।
हर साल SIP बढ़ाने से क्या होगा फायदा?
नासिर सलीम ने म्यूचुअल फंड और फाइनेंशियल फ्रीडम पर चर्चा के दौरान बताया कि ज्यादातर नौकरीपेशा लोगों की सैलरी हर साल बढ़ती है, लेकिन उनकी SIP की रकम कई साल तक एक जैसी बनी रहती है। यही वजह है कि वे कंपाउंडिंग का पूरा फायदा नहीं उठा पाते।
उनके मुताबिक, निवेशकों को अपनी बढ़ती कमाई के हिसाब से SIP में भी बढ़ोतरी करनी चाहिए। निवेश के इस तरीके को स्टेप-अप SIP कहा जाता है। इसमें हर साल निवेश की रकम एक तय प्रतिशत से बढ़ाई जाती है।
₹10,000 की SIP से कैसे बनेगा ₹2 करोड़ का फंड?
नासिर सलीम ने उदाहरण देकर समझाया कि अगर कोई व्यक्ति हर महीने ₹10,000 की SIP करता है और उसे सालाना 12 फीसदी रिटर्न मिलता है, तो 20 साल में करीब ₹1 करोड़ का फंड तैयार हो सकता है।
लेकिन अगर वही निवेशक हर साल अपनी SIP की रकम 10 फीसदी बढ़ाता है, तो उसका फंड ₹2 करोड़ से भी ज्यादा हो सकता है।
मसलन, पहले साल हर महीने ₹10,000 निवेश करने वाला व्यक्ति दूसरे साल अपनी SIP बढ़ाकर ₹11,000 कर दे। इसके बाद हर साल इसी तरह 10 फीसदी की बढ़ोतरी करता रहे। इस छोटे से बदलाव से लंबे समय में निवेश की कुल रकम में बड़ा अंतर आ सकता है।
ज्यादा रिटर्न नहीं, निवेश बढ़ाने पर दें ध्यान
नासिर सलीम के मुताबिक, इस उदाहरण की सबसे खास बात यह है कि दोनों स्थितियों में सालाना रिटर्न 12 फीसदी ही माना गया है। यानी ज्यादा पैसा बनाने के लिए निवेशक को अतिरिक्त जोखिम लेने या ज्यादा रिटर्न देने वाले फंड के पीछे भागने की जरूरत नहीं है।
फर्क सिर्फ इतना है कि निवेशक हर साल अपनी SIP में थोड़ी बढ़ोतरी करता है। इससे कंपाउंडिंग के साथ नियमित रूप से बढ़ते निवेश का फायदा भी मिलता है।
सैलरी बढ़े तो SIP भी बढ़ाएं
नासिर सलीम का कहना है कि निवेशकों को अपनी सैलरी बढ़ने के साथ SIP भी बढ़ानी चाहिए। खासकर जो लोग रिटायरमेंट या भविष्य की आर्थिक जरूरतों के लिए बड़ा फंड बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह तरीका फायदेमंद हो सकता है।
उनका संदेश है कि जल्दी निवेश शुरू करें, नियमित निवेश करते रहें और कमाई बढ़ने पर निवेश की रकम भी बढ़ाएं। इस तरह छोटी-छोटी सालाना बढ़ोतरी लंबे समय में करोड़ों का फंड बनाने में मदद कर सकती है।

