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शेयरों से ज्यादा सोने-चांदी पर भरोसा! FY26 में कमोडिटी ETF में आया ₹99,280 करोड़ का निवेश

भारतीय निवेशकों की पसंद में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। FY26 में कुछ ऐसे निवेश विकल्प तेजी से आगे बढ़े, जिन्होंने सबका ध्यान खींचा। Passive Investment में आए इस बदलाव के पीछे क्या वजह रही और क्या यह Equity से अलग नई रणनीति का संकेत है? जानिए पूरी कहानी।

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In Short

  • FY26 में Gold और Silver ETFs ने मिलकर Equity ETFs से ज्यादा निवेश आकर्षित किया, कुल ₹99,280 करोड़ का इनफ्लो आया।
  • Gold ETFs का AUM मार्च 2026 तक बढ़कर ₹1.71 लाख करोड़ पहुंचा, जो एक साल में करीब 191% की तेजी है।
  • निवेशक अब सिर्फ शेयर बाजार तक सीमित नहीं हैं, Precious Metals को भी Portfolio Diversification के विकल्प के तौर पर अपना रहे हैं।

भारतीय निवेशकों की पसंद में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। FY26 में Gold और Silver ETFs में निवेश इतना बढ़ गया कि इन दोनों ने मिलकर Equity ETFs से ज्यादा पैसा आकर्षित किया। यह बदलाव दिखाता है कि निवेशक अब सिर्फ शेयर बाजार पर निर्भर रहने के बजाय अपने पोर्टफोलियो में Precious Metals को भी शामिल कर रहे हैं।

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Gold और Silver ETFs में आया ₹99,280 करोड़ का निवेश

CRISIL-AMFI Factbook 2026 के अनुसार, FY26 में Passive Funds में कुल ₹2.07 लाख करोड़ का नेट इनफ्लो आया। यह FY21 के ₹1.3 लाख करोड़ के मुकाबले करीब चार गुना ज्यादा है।

Zerodha Fund House के AMFI डेटा विश्लेषण के मुताबिक, FY26 में Gold ETFs में ₹68,868 करोड़ और Silver ETFs में ₹30,412 करोड़ का निवेश आया। दोनों को मिलाकर कुल ₹99,280 करोड़ का इनफ्लो हुआ, जो कुल ETF इनफ्लो का करीब 55% है।

वहीं Equity ETFs में FY26 के दौरान ₹77,780 करोड़ का निवेश आया, जो कुल ETF इनफ्लो का करीब 43% रहा।

Gold ETF का Asset Size तेजी से बढ़ा

Gold ETFs में बढ़ती दिलचस्पी का असर इनके Assets Under Management यानी AUM पर भी दिखा। मार्च 2025 में Gold ETFs का AUM करीब ₹59,000 करोड़ था, जो मार्च 2026 तक बढ़कर ₹1.71 लाख करोड़ पहुंच गया। इसमें करीब 191% की बढ़ोतरी हुई।

मार्च 2026 तक Passive Fund AUM में Gold ETFs की हिस्सेदारी 12.5% रही। मार्च 2021 से अब तक Gold ETF AUM में 64.7% का CAGR दर्ज किया गया है।

Silver ETFs ने भी पकड़ी रफ्तार

भारत में 2022 में शुरू हुए Silver ETFs में भी निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी। FY26 में Silver ETFs में ₹30,000 करोड़ से ज्यादा का निवेश आया।

रिपोर्ट के मुताबिक, Silver की कीमतों में तेजी, Industrial Demand में बढ़ोतरी और Equity Market में अनिश्चितता के कारण निवेशकों का रुझान Silver ETFs की तरफ बढ़ा।

क्या निवेशकों को Portfolio में बदलाव करना चाहिए?

FY26 के ETF फ्लो से पता चलता है कि निवेशक अब ETFs को सिर्फ Equity Investment के लिए इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। Precious Metal ETFs को भी Portfolio Diversification के एक विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि निवेशक पूरी तरह Equity से हटकर Gold और Silver में पैसा लगाएं। Precious Metals Portfolio में Diversification का काम कर सकते हैं, लेकिन इनके दाम भी कई कारणों से प्रभावित होते हैं।

इस बदलाव से साफ है कि भारतीय निवेशक अब Stocks और Bonds के अलावा Commodities को भी अपने निवेश विकल्पों में शामिल कर रहे हैं।

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Disclaimer: म्यूचुअल फंड्स निवेश बाज़ार जोखिमों के अधीन है। ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।