प्रॉपर्टी खरीदे बिना रियल एस्टेट में निवेश का नया मौका! एडलवाइस के REIT फंड में क्या है खास?
कमर्शियल प्रॉपर्टी में निवेश के लिए अब बड़ी रकम लगाकर ऑफिस खरीदना जरूरी नहीं है। एडलवाइस म्यूचुअल फंड की नई स्कीम के जरिए निवेशक एक ही फंड से REITs और रियल एस्टेट कंपनियों में पैसा लगा सकेंगे। जानिए यह फंड कैसे काम करेगा और इसमें क्या जोखिम हैं।

In Short
- एडलवाइस का नया REIT आधारित इंडेक्स फंड 5 अगस्त से खुलेगा।
- इंडेक्स का करीब 60% हिस्सा REITs और 40% रियल एस्टेट शेयरों में है।
- फंड के जरिए बिना प्रॉपर्टी खरीदे कमर्शियल रियल एस्टेट में निवेश किया जा सकेगा।
Edelweiss Mutual Fund: कमर्शियल रियल एस्टेट में निवेश के लिए अब महंगी प्रॉपर्टी खरीदना जरूरी नहीं होगा। एडलवाइस म्यूचुअल फंड ने भारत का पहला REIT आधारित इंडेक्स फंड लॉन्च किया है। इसका NFO 5 अगस्त से खुलेगा।
यह पैसिव स्कीम निफ्टी REITs एंड रियल्टी टोटल रिटर्न इंडेक्स के हिसाब से निवेश करेगी। फंड का ज्यादातर पैसा इंडेक्स में शामिल REITs और रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में लगाया जाएगा, जबकि थोड़ी रकम डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में रखी जा सकती है।
एक स्कीम से कई जगह निवेश
सीधे कमर्शियल प्रॉपर्टी खरीदने के लिए बड़ी रकम की जरूरत होती है। इसके मुकाबले इस फंड के जरिए निवेशकों को एक ही स्कीम से अलग-अलग REITs और रियल एस्टेट कंपनियों में पैसा लगाने का मौका मिलेगा।
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फिलहाल इंडेक्स का करीब 60 फीसदी हिस्सा भारत में लिस्टेड REITs में है। बाकी लगभग 40 फीसदी हिस्सा रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में है। इस तरह निवेशकों को किराये से कमाई करने वाली कमर्शियल प्रॉपर्टी के साथ प्रॉपर्टी बनाने वाली कंपनियों के कारोबार में भी निवेश का मौका मिलता है।
इंडेक्स में कुल 15 नाम शामिल
इस फंड का बेंचमार्क इंडेक्स फिलहाल 15 शेयरों और REITs की यूनिट्स से मिलकर बना है। इसमें एम्बेसी ऑफिस पार्क्स REIT, ब्रुकफील्ड इंडिया रियल एस्टेट ट्रस्ट, नेक्सस सेलेक्ट ट्रस्ट, माइंडस्पेस बिजनेस पार्क्स REIT और नॉलेज रियल्टी ट्रस्ट शामिल हैं।
इसके अलावा DLF, गोदरेज प्रॉपर्टीज, लोढ़ा डेवलपर्स, फीनिक्स मिल्स और प्रेस्टीज एस्टेट्स जैसी रियल एस्टेट कंपनियां भी इंडेक्स का हिस्सा हैं। किसी एक कंपनी या REIT की हिस्सेदारी अधिकतम 15 फीसदी तक रखी गई है। इससे फंड का ज्यादा पैसा किसी एक कंपनी में लगाने का खतरा कम हो सकता है।
केवल REITs में क्यों नहीं लगेगा पैसा?
भारत में अभी बहुत कम REITs शेयर बाजार में लिस्टेड हैं। ऐसे में केवल REITs में पैसा लगाकर अलग-अलग निवेश वाला पोर्टफोलियो बनाना मुश्किल है। इसी वजह से इंडेक्स में REITs के साथ रियल एस्टेट कंपनियों के शेयर भी शामिल किए गए हैं।
एडलवाइस का कहना है कि आने वाले समय में जैसे-जैसे नए REITs बाजार में लिस्ट होंगे, इंडेक्स में उनकी हिस्सेदारी बढ़ सकती है। आगे चलकर यह इंडेक्स मुख्य रूप से या पूरी तरह REIT आधारित भी हो सकता है।
REIT सेक्टर की मौजूदा स्थिति
देश में लिस्टेड छह REITs के पास करीब 3.1 लाख करोड़ रुपये की कमर्शियल प्रॉपर्टी है। इनकी कुल बाजार कीमत 2.1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। इन प्रॉपर्टीज में 90 से 99 फीसदी तक जगह भरी हुई है।
साल 2019 से अब तक इन REITs ने निवेशकों को 31,700 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम बांटी है। इसके बावजूद देश की केवल करीब 13 फीसदी ग्रेड-A ऑफिस प्रॉपर्टी ही REITs के जरिए लिस्ट हुई है। इससे पता चलता है कि इस सेक्टर में अभी आगे बढ़ने की काफी गुंजाइश है।
किन निवेशकों के लिए है यह फंड?
यह स्कीम उन निवेशकों के लिए बनाई गई है, जो लंबे समय में पैसा बढ़ाने के लिए REIT और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश करना चाहते हैं। हालांकि इसका रिटर्न बाजार के प्रदर्शन से जुड़ा रहेगा। निवेश का लक्ष्य पूरा होने की कोई गारंटी नहीं है और फंड की कीमत में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

