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Debt Funds में निवेश का सही तरीका क्या? एक्सपर्ट ने बताया 1, 3 और 5 साल के लक्ष्य का प्लान

Debt Mutual Funds में निवेश करने वालों के लिए सिर्फ रिटर्न देखना काफी नहीं है। एक्सपर्ट के मुताबिक निवेश का सही विकल्प चुनने से पहले वित्तीय लक्ष्य और उसकी अवधि समझना जरूरी है। एक साल से लेकर पांच साल या उससे ज्यादा अवधि के लक्ष्यों के लिए रणनीति अलग हो सकती है।

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इक्विटी से अलग पोर्टफोलियो में स्थिरता लाने के लिए Debt Mutual Funds का इस्तेमाल करने वाले निवेशकों को सबसे पहले अपने वित्तीय लक्ष्य की अवधि देखनी चाहिए।

बिजनेस टुडे के एक शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए क्वांटम एएमसी की फंड मैनेजर स्नेहा पांडे ने बताया कि फिक्स्ड इनकम निवेश की मैच्योरिटी को उस समयसीमा से जोड़ना चाहिए, जब निवेशक को पैसे की जरूरत होगी। उनका साफ कहना है ज्यादा रिटर्न के लालच में ऐसा विकल्प नहीं चुनना चाहिए जो लंबे समय के वित्तीय लक्ष्य को जोखिम में डाल दे।

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एक साल के लक्ष्य के लिए क्या चुनें?

एक्सपर्ट ने कहा कि डेट फंड में निवेश करते समय ड्यूरेशन को सिर्फ ब्याज दरों पर दांव के तौर पर नहीं देखना चाहिए। इसे सीधे निवेशक के लक्ष्य से जोड़ना ज्यादा जरूरी है। उन्होंने इसे फिक्स्ड इनकम में निवेश के लिए सबसे सफल आदत बताया। 

एक्सपर्ट ने कहा कि अगर पैसा करीब एक साल बाद चाहिए, तो Liquid, Ultra Short Duration और Short Duration Funds पर विचार किया जा सकता है। एक साल की Fixed Deposit भी विकल्प हो सकती है। इन विकल्पों का मकसद ब्याज दरों में निकट अवधि के बदलाव से होने वाले बड़े प्राइस उतार-चढ़ाव से बचाव करना है।

तीन और पांच साल के लक्ष्य में रणनीति बदले

करीब तीन साल के लक्ष्य के लिए Short से Medium Duration Funds या समान अवधि वाली FD को बेहतर विकल्प बताया गया। वहीं, पांच साल या उससे ज्यादा अवधि वाले लक्ष्यों के लिए Medium Duration Funds या Dynamic Bond Strategies पर विचार किया जा सकता है। ऐसे फंड मैनेजर ब्याज दरों के चक्र के अनुसार पोर्टफोलियो में बदलाव कर सकते हैं।

ज्यादा यील्ड के चक्कर में न बढ़ाएं जोखिम

एक्सपर्ट ने लंबी अवधि के डेट पोर्टफोलियो में एक साथ कई तरह के जोखिम लेने से सावधान किया। लंबी मैच्योरिटी वाले निवेश में पहले से ही Interest Rate Risk होता है। ऐसे में ज्यादा यील्ड के लिए कम क्रेडिट क्वालिटी वाले विकल्प जोड़ना जोखिम को और बढ़ा सकता है।

डेट निवेश का मकसद सिर्फ सबसे ज्यादा यील्ड हासिल करना नहीं है। यह पोर्टफोलियो को स्थिरता देने, इमरजेंसी जरूरतों के लिए बफर बनाने और इक्विटी में उतार-चढ़ाव के दौरान संतुलन कायम रखने में भी मदद करता है। इसलिए Debt Mutual Funds में सही विकल्प चुनते समय रिटर्न से ज्यादा लक्ष्य, अवधि और जोखिम क्षमता को महत्व देना जरूरी है।

Disclaimer: म्यूचुअल फंड्स निवेश बाज़ार जोखिमों के अधीन है। ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।