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एक साथ कई म्यूचुअल फंड्स में SIP करना सही या गलत? जानिए इसके फायदे और नुकसान

Mutual Fund में SIP के जरिए निवेश करने वाले कई लोग एक साथ कई स्कीम में पैसा लगाते हैं। इससे निवेश को बांटने का फायदा मिल सकता है, लेकिन ज्यादा SIP करने से पोर्टफोलियो संभालना मुश्किल भी हो सकता है। जानिए कई SIP करने के फायदे और नुकसान।

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AI Generated Image

In Short

  • कई Mutual Fund में SIP करने से निवेश अलग-अलग फंड में बंट जाता है और जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है।
  • ज्यादा SIP होने से निवेश को संभालना मुश्किल हो सकता है और कई फंड में एक जैसा निवेश हो सकता है।
  • SIP चुनते समय अपने निवेश लक्ष्य, जोखिम क्षमता और जरूरत के हिसाब से फैसला लेना जरूरी है।

Mutual Fund में SIP यानी Systematic Investment Plan के जरिए निवेश करने का तरीका काफी लोकप्रिय है। कई निवेशक अपने पैसे को अलग-अलग Mutual Fund स्कीम में लगाना पसंद करते हैं। उनका मानना होता है कि अलग-अलग फंड में निवेश करने से पोर्टफोलियो को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकता है। अलग-अलग कैटेगरी के फंड में निवेश करने से डायवर्सिफिकेशन का फायदा मिल सकता है। 

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लेकिन सवाल यह है कि क्या एक साथ कई Mutual Fund में SIP करना सही फैसला है? इसका जवाब निवेश के लक्ष्य, जोखिम लेने की क्षमता और पोर्टफोलियो की जरूरत पर निर्भर करता है।

कई SIP करने के क्या हैं फायदे?

अगर कोई निवेशक अलग-अलग कैटेगरी के Mutual Fund में SIP करता है तो उसे अपने निवेश को बांटने का मौका मिलता है। उदाहरण के तौर पर कोई निवेशक इक्विटी, डेट या अलग-अलग मार्केट कैप वाले फंड में निवेश कर सकता है।

इससे किसी एक फंड के खराब प्रदर्शन का असर पूरे पोर्टफोलियो पर कम हो सकता है। Mutual Fund में डायवर्सिफिकेशन का मकसद जोखिम को फैलाना होता है ताकि किसी एक निवेश पर पूरी निर्भरता न रहे। 

इसके अलावा अलग-अलग फंड चुनने से निवेशक अपने अलग-अलग लक्ष्यों के हिसाब से निवेश कर सकता है। जैसे लंबी अवधि के लक्ष्य के लिए अलग फंड और कम अवधि के लक्ष्य के लिए अलग ऑप्शन चुना जा सकता है।

ज्यादा SIP करने का नुकसान क्या है?

कई Mutual Fund में SIP करने का एक नुकसान यह भी है कि पोर्टफोलियो संभालना मुश्किल हो सकता है। ज्यादा फंड होने पर हर स्कीम की परफॉर्मेंस, बदलाव और जरूरत के हिसाब से समीक्षा करना कठिन हो जाता है।

कई बार अलग-अलग फंड में निवेश करने के बावजूद उनके अंदर मौजूद कंपनियां या सेक्टर एक जैसे हो सकते हैं। इससे निवेशक को असली डायवर्सिफिकेशन का फायदा नहीं मिल पाता और पोर्टफोलियो में दोहराव बढ़ सकता है। 

कितने Mutual Fund में SIP करनी चाहिए?

एक तय संख्या सभी निवेशकों के लिए सही नहीं होती। यह निवेश की रकम, लक्ष्य और जोखिम क्षमता पर निर्भर करता है। बहुत ज्यादा फंड जोड़ने के बजाय ऐसे फंड चुनना जरूरी है जो पोर्टफोलियो में अलग भूमिका निभाएं। 

प्रतीकात्मक तस्वीर

निवेशक को समय-समय पर अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करनी चाहिए और यह देखना चाहिए कि सभी SIP उसके वित्तीय लक्ष्य के हिसाब से सही दिशा में जा रही हैं या नहीं।

निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान

एक साथ कई Mutual Fund में SIP शुरू करने से पहले यह समझना जरूरी है कि हर फंड का उद्देश्य क्या है। सिर्फ ज्यादा फंड रखने से बेहतर रिटर्न की गारंटी नहीं मिलती।

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सही तरीका यह है कि निवेशक अपनी जरूरत, जोखिम क्षमता और लंबे समय के लक्ष्य के हिसाब से फंड का चुनाव करे। SIP में अनुशासन बनाए रखना और समय-समय पर निवेश की समीक्षा करना जरूरी है।

Disclaimer: म्यूचुअल फंड्स निवेश बाज़ार जोखिमों के अधीन है। ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।