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दिवाली के बाद क्या अब इस महीने होगी ग्रेटर नोएडा में रजिस्ट्री?

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में रहने वाले करीब 30,000 लोगों का इस दिवाली अपने घर में बसने का सपना टूट गया है। ये लोग अपने सपनों के आशियाने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उन्हें इंतजार के बदले निराशा और आंसू मिले हैं। जानकारी के अनुसार, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र के लगभग 27 बिल्डर प्रोजेक्ट्स में करीब 30,000 खरीदारों का इंतजार और भी लंबा हो गया है। कोर्ट से स्टे ऑर्डर मिलने की वजह से इन प्रोजेक्ट्स में न तो खरीदारों को पजेशन मिल पा रही है और न ही रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी हो पा रही है।

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उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में रहने वाले करीब 30,000 लोगों का इस दिवाली अपने घर में बसने का सपना टूट गया है। ये लोग अपने सपनों के आशियाने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उन्हें इंतजार के बदले निराशा और आंसू मिले हैं। जानकारी के अनुसार, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र के लगभग 27 बिल्डर प्रोजेक्ट्स में करीब 30,000 खरीदारों का इंतजार और भी लंबा हो गया है। कोर्ट से स्टे ऑर्डर मिलने की वजह से इन प्रोजेक्ट्स में न तो खरीदारों को पजेशन मिल पा रही है और न ही रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी हो पा रही है।

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अमिताभ कांत समिति की सिफारिश से जगी थी उम्मीद

अमिताभ कांत समिति की सिफारिश के बाद घर खरीदारों में यह उम्मीद जगी थी कि दिवाली से पहले उनके सपनों का घर उन्हें मिल जाएगा। लेकिन कानूनी अड़चनों के कारण एक बार फिर उनका यह सपना अधूरा रह गया है।

इन प्रोजेक्ट्स पर कोर्ट ने लगाया स्टे

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले 98 बिल्डर प्रोजेक्ट्स को अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के तहत नीति के दायरे में लाया गया है। इनमें से 58 बिल्डर्स ने 25% का बकाया जमा कर दिया है, जबकि 13 बिल्डर्स ने अपने शत-प्रतिशत बकाया का भुगतान कर दिया है। वहीं, 27 ऐसे प्रोजेक्ट्स हैं जिन्होंने अभी तक 25 प्रतिशत का बकाया भी नहीं भरा है। इनमें से 22 प्रोजेक्ट्स पर कोर्ट ने स्टे लगा दिया है, जिसके कारण प्राधिकरण इन पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकता। बाकी पांच बिल्डर्स के खिलाफ बकाया वसूली की कार्यवाही की तैयारी की जा रही है, हालांकि अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

अब तक कितनी हुई रजिस्ट्री

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अंतर्गत इन परियोजनाओं में कुल 62,912 फ्लैट्स हैं। इनमें से 38,661 फ्लैट्स के लिए कार्य पूर्ति प्रमाण पत्र जारी किया जा चुका है और इनमें से 3,477 फ्लैट्स की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। बाकी बचे फ्लैट्स की रजिस्ट्री का लक्ष्य 2025 तक का रखा गया है। कोर्ट के स्टे की वजह से लगभग 30,000 घर खरीदारों का सपना अभी अधूरा ही है।