'ब्रांड आंध्र की छवि खराब हुई, हम कानूनी कदम उठाएंगे': अडानी मामले पर बोले सीएम नायडू
उद्योगपति गौतम अडानी पर अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा लगाए गए रिश्वतखोरी के आरोपों के बाद आंध्र प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अडानी समूह पर आरोप है कि उन्होंने भारत में सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट्स के ठेके हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को करीब 2,250 करोड़ रुपये की रिश्वत दी।

उद्योगपति गौतम अडानी पर अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा लगाए गए रिश्वतखोरी के आरोपों के बाद आंध्र प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अडानी समूह पर आरोप है कि उन्होंने भारत में सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट्स के ठेके हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को करीब 2,250 करोड़ रुपये की रिश्वत दी।
सीएम नायडू का बयान
इस मुद्दे पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने विधानसभा में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस मामले में उचित कार्रवाई करेगी।
सीएम नायडू ने कहा
आज जो कुछ भी सामने आया है, उसने ब्रांड आंध्र प्रदेश की छवि को गंभीर रूप से धूमिल कर दिया है। यह हमारे लिए बहुत दुखद है। अब हम इस पर सोच-विचार कर रहे हैं कि हमें क्या करना चाहिए और इस मुद्दे पर क्या जवाब देना होगा।"
स्थिति का आकलन कर होगा फैसला
सीएम नायडू ने आगे कहा कि अभी इस मामले से जुड़े सभी तथ्य सामने आना बाकी हैं। हम स्थिति का गहराई से अध्ययन कर रहे हैं। तथ्यों के आधार पर फैसला लेंगे और सभी को इसकी जानकारी देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी सरकार की पहली जिम्मेदारी जनता के प्रति होती है।
अगर कोई गलत काम करता है तो हमें उसके खिलाफ कार्रवाई करनी होगी, ताकि दूसरे लोग ऐसी गलती न करें। सभी दस्तावेज सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं। हमने चार्जशीट रिपोर्ट देखी है और स्थिति का आकलन करके जरूरी कदम उठाएंगे।"
रिश्वत की पेशकश का मामला
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) के अधिकारियों का दावा है कि अगस्त 2021 में गौतम अडानी ने आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी से मुलाकात की थी। इस बैठक का मकसद SECI के साथ डील में आ रही बाधाओं को दूर करना था।
अमेरिकी कोर्ट की फाइलिंग के अनुसार, इस डील को पक्का करने के लिए अडानी ने राज्य सरकार के अधिकारियों को 1,750 करोड़ रुपये की रिश्वत देने का वादा किया था।