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24 लाख के इनामी 6 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, कमांडर ने भी डाले हथियार

सुकमा जिले में शुक्रवार को कुल 24 लाख रुपये की इनामी राशि वाले छह नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इनमें से प्रत्येक नक्सली पर लाखों रुपये का इनाम घोषित था।

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सुकमा जिले में शुक्रवार को कुल 24 लाख रुपये की इनामी राशि वाले छह नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इनमें से प्रत्येक नक्सली पर लाखों रुपये का इनाम घोषित था।

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की पहचान

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की पहचान कमलू हेमला उर्फ पवन, उसकी पत्नी बांदी दूधि उर्फ कमला, बांदी सोढ़ी उर्फ बंदू, मड़वी/नागुल सुशीला, कुंजाम रोशन उर्फ महादेव और कोटेश सोढ़ी उर्फ दशरू के रूप में हुई है।

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पुलिस अधिकारी ने बताया कि कमलू, उसकी पत्नी बांदी, बंदू और सुशीला पर 5-5 लाख रुपये का इनाम था, जबकि महादेव और दशरू पर 2-2 लाख रुपये का इनाम घोषित था। अधिकारी ने कहा, "कमलू प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के दक्षिण उप-जोनल ब्यूरो प्रेस टीम का कमांडर और क्षेत्रीय समिति का सदस्य था। उसकी पत्नी बांदी सिल्गेर के स्थानीय संगठन दस्ते (एलओएस) की कमांडर थी। सुशीला किस्ताराम एलओएस की उप-कमांडर और बंदू दक्षिण उप-जोनल ब्यूरो समन्वय दल की सदस्य थी।" महादेव संगठन की प्लाटून नंबर 4 का सदस्य था, जबकि दशरू पामेड़ क्षेत्रीय समिति का सदस्य था। इन सभी ने पुलिस और सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण किया।

पुलिस ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि यह आत्मसमर्पण सरकार की पुनर्वास नीति और सुरक्षा बलों की सतत कार्रवाई का परिणाम है।

छत्तीसगढ़ नक्सलियों का मुख्यधारा

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने के लिए सरकार पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण के बाद वित्तीय सहायता, पुनर्वास, शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करती है। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के आत्मसमर्पण न केवल क्षेत्र में शांति लाने में सहायक हैं बल्कि नक्सलियों के बीच हिंसा का रास्ता छोड़ने की बढ़ती प्रवृत्ति को भी दर्शाते हैं।