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इबोला के डर से भारत अलर्ट! DGCA ने एयरलाइनों के लिए जारी किए सख्त नियम, जानें क्या हैं नए प्रोटोकॉल

डब्ल्यूएचओ ने 17 मई को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इबोला वायरस को लेकर अलर्ट जारी किया था। इसके बाद DGCA ने 22 मई को नया ऑफिस आदेश जारी कर एयरलाइनों को सख्त निगरानी और सेफ्टी प्रोटोकॉल लागू करने के निर्देश दिए।

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AI Generated Image

Ebola Virus Update: अफ्रीका के कुछ हिस्सों में तेजी से फैल रहे इबोला वायरस को लेकर भारत भी अब पूरी तरह अलर्ट मोड में आ चुका है। वायरस के खतरे को देखते हुए भारत के विमानन नियामक (DGCA) ने एयरलाइनों के लिए नए सेफ्टी रूल्स जारी किए हैं। इनका मकसद भारत आने वाले वायरस से इंफेक्टिड यात्रियों पर नजर रखना है ताकि वायरस का फैलाव न हो पाए। 

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यह फैसला वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) की चेतावनी के बाद लिया गया। डब्ल्यूएचओ ने 17 मई को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इबोला वायरस को लेकर अलर्ट जारी किया था। इसके बाद DGCA ने 22 मई को नया ऑफिस आदेश जारी कर एयरलाइनों को सख्त निगरानी और सेफ्टी प्रोटोकॉल लागू करने के निर्देश दिए।

डीजीसीए के मुताबिक सिर्फ डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो ही नहीं, बल्कि पड़ोसी देश युगांडा और साउथ सूडान को भी हाई रिस्क जोन माना गया है, जहां से संक्रमण फैलने की आशंका ज्यादा है।

एयरलाइनों के लिए क्या बदला?

नए नियमों के तहत उन सभी एयरलाइनों को ज्यादा सावधानी बरतनी होगी जिनकी युगांडा और DRC से सीधी या वाया फ्लाइट कनेक्टिविटी है। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि प्रभावित देशों से आने वाले या वहां से होकर यात्रा करने वाले हर यात्री को Self Declaration Form भरना होगा। इसमें यात्रियों को अपनी यात्रा और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देनी होगी।

इसके अलावा फ्लाइट के दौरान यात्रियों को इबोला के सिम्टम्स को लेकर विशेष हेल्थ अनाउंसमेंट भी सुनाई जाएगी। इन सिम्टम्स में तेज बुखार, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, गले में खराश, उल्टी और दस्त और शरीर से असामान्य रक्तस्राव (Abnormal Bleeding) शामिल है। 

डीजीसीए ने साफ कहा है कि यात्रियों और क्रू मेंबर्स को चाहे वे किसी भी देश के हों, भारत पहुंचने पर ये घोषणा फॉर्म इमिग्रेशन काउंटर पर जमा करना कम्पलसरी होगा।

 21 दिन तक निगरानी रखने की सलाह

इबोला वायरस के मामलों में सिम्टम्स कई दिनों बाद भी दिखाई दे सकते हैं। डीजीसीए ने कहा है कि भारत आने के 21 दिनों के भीतर अगर किसी यात्री में लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत तय अस्पतालों में जांच करानी होगी और एयरपोर्ट हेल्थ ऑफिसर्स को इसकी जानकारी देनी होगी।

फ्लाइट के अंदर संदिग्ध मरीज मिलने पर क्या होगा?

डीजीसीए ने एयरलाइनों को ऑन-बोर्ड कंट्रोल के लिए भी डिटेल्ड गाइडलाइन दी हैं। अगर किसी यात्री में इबोला जैसे सिम्टम्स दिखाई देते हैं, तो केबिन क्रू को उसे बाकी यात्रियों से अलग बैठाना होगा। संभव हो तो उसके आसपास की सीटें खाली रखनी होंगी और उसके लिए अलग शौचालय तय करना होगा।

साथ ही एयरलाइन को यह सुनिश्चित करना होगा कि संदिग्ध यात्री (Suspicious passenger) को मास्क और जरूरी सुरक्षा उपकरण दिए जाएं।

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 एयरपोर्ट पर भी बढ़ेगी निगरानी

डीजीसीए ने एयरलाइनों को एयरपोर्ट हेल्थ ऑफिसर्स और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ लगातार संपर्क में रहने के निर्देश दिए हैं। इसमें यात्रियों को क्रम से विमान से उतारना, प्रभावित देशों से आने वाले लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग करना और जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य निगरानी के लिए यात्रियों की जानकारी साझा करना शामिल है।

क्रू के लिए खास ट्रेनिंग

नियामक ने एयरलाइनों से कहा है कि वे अपने क्रू मेंबर्स को खास ट्रेनिंग दें ताकि किसी भी संदिग्ध स्थिति से सही तरीके से निपटा जा सके। इसके अलावा एयरलाइनों को मास्क, दस्ताने, हैंड सैनिटाइजर, फर्स्ट एड किट और बायो-हैजर्ड डिस्पोजल बैग जैसे सुरक्षा उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक रखने का भी निर्देश दिया गया है।

डीजीसीए ने साफ कहा है कि इन नियमों का सख्ती से पालन करना कम्पलसरी है और एयरलाइन कंपनियों को इन्हें तुरंत अपने फ्लाइट ऑपरेशन, केबिन सेफ्टी और ग्राउंड स्टाफ तक पहुंचाना होगा।