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Alert! नकली सामान ने भारत की अर्थव्यवस्था में किया 8 लाख करोड़ का छेद!

भारत में अवैध कारोबार में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर उद्योग संगठन फिक्की ने सरकार से सख्त कानून लाने की मांग की है। अवैध कारोबार, स्मगलिंग और नकली सामानों के खिलाफ लंबे समय से जंग लड़ रहे फिक्की कास्केड का कहना है कि अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए सर्विलांस को भी पुख्ता करना चाहिए। फिक्की कास्केड का दावा है कि नकली सामानों की घुसपैठ और तस्करी पर रोक ना लगने से देश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो रहा है।

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भारत में अवैध कारोबार में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर उद्योग संगठन फिक्की ने सरकार से सख्त कानून लाने की मांग की है। अवैध कारोबार, स्मगलिंग और नकली सामानों के खिलाफ लंबे समय से जंग लड़ रहे फिक्की कास्केड का कहना है कि अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए सर्विलांस को भी पुख्ता करना चाहिए। फिक्की कास्केड का दावा है कि नकली सामानों की घुसपैठ और तस्करी पर रोक ना लगने से देश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो रहा है। 

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उद्योग संगठन ने इसपर रिपोर्ट जारी करते हुए कहा है कि केवल पांच प्रमुख सेक्टर्स में ही नकली सामानों और स्मगलिंग की वजह से सरकार को सालाना 8 लाख करोड़ का नुकसान हो रहा है।
इन सेक्टर्स में FMCG, टेक्सटाइल एंड अपैरल, अल्कोहल और टोबैको शामिल हैं। नकली सामानों का ये अवैध ट्रेड सबसे ज्यादा FMCG सेक्टर को नुकसान पहुंचा रहा है।  

रिपोर्ट के मुताबिक

-FMCG के पैकेज फूड्स में अवैध व्यापार का आकार करीब 2.24 लाख करोड़ रुपए का रहा जो इसके कुल मार्केट के एक चौथाई के बराबर है।
-वहीं पर्सनल और हेल्थकेयर गुड्स में नकली सामानों का कारोबार करीब 74 हजार करोड़ रुपए का है।
-टेक्सटाइल और कपड़ा सेगमेंट में अवैध कारोबार का अनुमान 4 लाख करोड रुपए का है जो 2-17-18 के 3.11 लाख करोड़ के मुकाबले करीब 30% बढ़ चुका है।
-अल्कोहल बेवरेज में ये 2021-22 के 48 हजार 134 करोड़ से बढ़कर 2022-23 में 66 हजार 106 करोड़ रुपए।
-और टोबैको में 2011-12 के 7699 करोड़ से बढ़कर 2022-23 में अवैध कारोबार 13 हजार 198 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।

फिक्की कास्केड का मानना है कि सरकारी एजेंसियों को देश की इकॉनमी को नुकसान पहुंचाने वाले इन दुश्मनों के खिलाफ अब सख्त एक्शन लेना शुरु कर देना चाहिए। नकली समान और स्मगलिंग के खिलाफ अभियान चला रहे सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्स एंड कस्टम्स के मुताबिक अभी तक इस तरह की गतिविधियों में शामिल 3 हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बीते 15 महीनों में 40 करोड़ का सामान भी जब्त किया गया है। CBIC का कहना है कि अब उन्होंने एक टेक्नोलॉजी ड्रिवन रिस्क मैनेजमेंट पोर्टल तैयार किया है जो इस तरह के स्मगलिंग ऑपरेशंस के बारे में सटीक जानकारी देने की क्षमता रखता है।