
क्यों Credit Card के चलन में हुआ इजाफा ?
संसद की दी गई जानकारी के मुताबिक क्रेडिट कार्ड का GNPA एक बार फिर से बढ़ने लगा है। मार्च 2021 में क्रेडिट कार्ड का GNPA 3.56 फीसदी मार्च 2022 में घटकर 1.91% और मार्च 2023 में ये बढ़कर 1.94% हो गया है।

हाल के बरसों के दौरान Credit Card के चलन में इजाफा हुआ है। इससे लोगों को शॉपिंग से लेकर बिल तक चुकाने में बड़ी सहूलियत मिली है। इसके अलावा अलग अलग ऑफर्स में लोगों को क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल पर डिस्काउंट भी मिलते हैं जिससे भी इसका यूज बढ़ गया है। लेकिन इन सब फायदों के साथ ही इसके बढ़ते ट्रेंड ने क्रेडिट कार्ड डिफॉल्ट की रकम में भी इजाफा कर दिया है। RBI के आंकड़ों के मुताबिक इस साल मार्च तक क्रेडिट कार्ड का डिफॉल्ट 4 हज़ार करोड़ रुपये के आंकड़े को भी पार कर गया। एक साल पहले के मुकाबले ये करीब दो फीसदी की बढ़ोतरी है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री Bhagwat Karad ने राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया है कि क्रेडिट कार्ड का ग्रॉस नॉन पर्फोर्मिंग असेट यानी GNPAs बढ़ रहा है। 31 मार्च 2022 को क्रेडिट कार्ड का GNPAs 3,122 करोड़ रुपये था जो इस साल 31 मार्च को बढ़कर 4,072 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। डिफॉल्ट में बढ़ोतरी के साथ साथ क्रेडिट कार्ड की कुल बकाया रकम में भी बढ़ोतरी हुई है। RBI के मुताबिक मार्च-2022 में ये 1.64 लाख करोड़ रुपये था जो मार्च 2023 में बढ़कर 2.10 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। संसद की दी गई जानकारी के मुताबिक क्रेडिट कार्ड का GNPA एक बार फिर से बढ़ने लगा है। मार्च 2021 में क्रेडिट कार्ड का GNPA 3.56 फीसदी मार्च 2022 में घटकर 1.91% और मार्च 2023 में ये बढ़कर 1.94% हो गया है।
Also Read: SEBI ने जारी किया नोटिफिकेशन, IPO लिस्टिंग में 6 की जगह सिर्फ लगेंगे 3 दिन
हालांकि इसी तारीख में शिड्यूल्ड कामर्शियल बैंकों का ग्रॉस एनपीए 3.87% हो गया था। इसके अलावा सरकार ने सहकारी बैंकों में की जा रही धोखाधड़ी पर भी चिंता जताई है। संसद को दी गई जानकारी के मुताबिक 2022-23 के दौरान सहकारी बैंकों ने 964 धोखाधड़ी के मामलों को रिपोर्ट किया था इसमें कुल 791.40 करोड़ रुपये की रकम शामिल थी। इसके पहले 2021-22 के दौरान इन बैंकों में धोखाधड़ी की कुल संख्या 729 थी और इसमें शामिल रकम 536.59 करोड़ रुपये थी। 2020-21 के दौरान सहकारी बैंकों में धोखाधड़ी के कुल 438 मामले सामने आए थे जिनमें 1,985.79 करोड़ रुपये की रकम फंसी थी। धोखाधड़ी के ये मामले सहकारी बैंकों की सेहत को बड़ा नुकसान पहुंचा रहे हैं। हालांकि इनकी रोकथाम के लिए RBI समय समय पर दिशानिर्देश जारी करके उनका पालन करने लिए बैंकों को हिदायत देता रहता है।


