
Exclusive Interview: फंडामेंटल और टेक्नीकल देखे बगैर ना करें निवेश-अभिषेक शुक्ला
वो कौन से फंडामेंटल रेश्यों हैं जिनको देखकर ही आपको निवेश करना चाहिए। आमतौर पर रिटेल निवेशक किसी की टिप पर निवेश कर देते हैं।

इन दिनों डिजिटल मीडिया पर ऐसे इनफ्लूयंशर की बाढ़ है जो डायरेक्ट स्टॉक खरीदने की सलाह देते हैं लेकिन क्या आपको पता है कि किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। वो कौन से फंडामेंटल रेश्यों हैं जिनको देखकर ही आपको निवेश करना चाहिए। आमतौर पर रिटेल निवेशक किसी की टिप पर निवेश कर देते हैं। आज हम बात करते हैं मार्केट एक्सपर्ट अभिषेक शुक्ला से, जो शेयर बाज़ार में सोच-समझकर निवेश करने की सलाह देते हैं।

सवाल- जब भी हम किसी भी कंपनी का सेलेक्शन करते है तो कौन से फाइनेंसियल रेश्यो देखने चाहिए?
Abhishek Shukla- कई सारे रेश्यो होते है जिसे देखना चाहिये, सबसे पहले हमे बैलेंस शीट की मजबूती देखनी चाहिए, Debt to Equity ratio से हम यह पता लगा सकते है की कितना Debt है। हमें यह भी देखना चाहिये की जिस कंपनी को हम चुन रहे है उसका Debt और Equity 0.8 के नीचे हो, मजबूती के लिए हम इंटरेस्ट कवरेज Ratio को भी देख सकते है, ये रेश्यो हमें यह भी बताता है की कंपनी की ऑपरेटिव इनकम कितनी है और कंपनी की जो लोन है उस पर कितना ब्याज देना है। इसके अलावा हम, रिटर्न् ऑन कैपिटल ( ROCE) को भी देख सकते हैं। ROCE से ये पता चलता है कि कंपनी कितनी पूंजी लगा रही है और उस पर कितना कमा रही है।
सवाल- किसी भी बिज़नेस को समझने के लिए या किसी स्टॉक का सिलेक्शन करने कौन से स्क्रीनर का उपयोग करना चाहिए?
जवाब - बिजनेस को समझने के लिए या किसी स्टॉक का सिलेक्शन करना हमारे ऊपर निर्भर करता है की हम कौन से सेक्टर और कौन सी कंपनी को चुनते है स्क्रिनर वेबसाइट के माध्यम से हम क्राइटेरिया डाल के देख सकते है। Screener.in, Tijori Finance, Trendlyne हो, इस तरह की तमाम वेबसाइट मौजूद हैं जहां पर आप डेटा डालकर अच्छी कंपनियों को चुन सकते हैं।

सवाल- जो निवेशक Direct Stock Investing करते हैं तो उन्हें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
जवाब - डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट करने वाले भी दो तरह के होते है, एक होते है जिन्होंने ने कुछ भी नहीं सीखा ना तो टेक्निकल एनालिसिस होती है ना फंडामेन्टल अनालिसिस होती है और वो लोग कही सुनी बातो पर इन्वेस्टमेंट कर रहे होते है, ऐसे लोगो के लिए डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट के बजाय इंडेक्स पर ध्यान देना चाहिए, स्टॉक के बड़ी कंपनियों का इंडेक्स देख सकते है, इसमें गड़बड़ होने मौका कम होता है, अगर किसी ने टेक्निकल और फंडमेन्टल दोनों सीख लिया है उन्हें भी कुछ समय के लिए किसी इन्वेस्टर्स के साथ काम करना चाहिए, आप किसी फंड मैनेजर की सर्विस भी ले सकते हैं। जब आपके अंदर स्टॉक चुनने का आत्मविश्वास आ जाए तभी ये करना चाहिए।
इसमें बिहेवियर भी एक अहम रोल प्ले करता है। बाज़ार में अच्छी बुरी दोनों तरह की खबरें आएंगी। रूस-यूक्रेन युद्ध भी होगा। बुरे समय में आप कैसे बिहेव करेंगे ये महत्वपूर्ण होगा क्योंकि बियर मार्केट में आप अपने शेयर बेचकर चले जाएंगे चाहे कंपनी के फंडामेंटल कितने ही मजबूत क्यों ना हो। जब तक आपको बियर मार्केट का अनुभव नहीं होगा तब तक आप एक अच्छे इनवेस्टर नहीं बन सकते हैं।
सवाल- ब्राइटकॉम कंपनी में काफ़ी रिटेल निवेशक फंसे हुए है, SEBI ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि कंपनी के अकाउंटिंग ठीक नहीं है, जानकारियां छुपाई गईं हैं? आम निवेशक इन रेड फ्लैग्स को कैसे पहचान सकता है?
जवाब- इसे देखने के लिए सबसे जरूरी है प्रमोटर होल्डिंग, अगर कंपनी की ग्रोथ अच्छी, कंपनी अच्छी चल रही है तो कंपनी के लोग खुद उसमे हिस्सा लेंगे, ब्राइटकॉम कंपनी की प्रमोटर होल्डिंग 18 से 20 % रही है, अगर कंपनी इतनी अच्छी है तो फिर कंपनी के लोग ही उसमे हिस्सा नहीं ले रहे हैं, आम निवेशकों को यह देखना चाहिए की कम से कम कंपनी का 40% शेयर मजबूत हाथों में हो या फिर प्रमोटर के पास हो। अगर मेजर होल्डिंग प्रमोटर या मजबूत हाथों में नहीं है तो आप समझ लिजिए कि कंपनी में गड़बड़ है। इस कंपनी का इतिहास भी गड़बड़ रहा है। कंपनी ने कई बार अपने नाम बदले हैं, पर एक अच्छी कंपनी बार-बार अपना नाम कभी नहीं बदलती है, SEBI जब भी किसी कंपनी के ऊपर प्रश्न खड़े करती हैं तो तुरंत ही वहां से निकल जाए, अगर किसी कंपनी का ऑडिटर कंपनी छोड़ता है तो उसे यह मालूम होता है कि कंपनी में क्या गड़बड़ी है या नहीं,ऑडिटर का कंपनी छोड़ना अपने आप एक बहुत बड़ा रेड फ्लैग होता है।
सवाल- आजकल कुछ नई कंपनियां वो अपने रिजल्ट्स डिक्लेयर कर रही है जिसमें कुछ एडजस्टमेंट किए जा रहे हैं? जैसे पेटीएम ने अपने रिजल्ट्स में एडजस्टिड EBitda दिखाया है, आप इस रिवाज से कितना सहमत हैं?
जवाब - मैं इसको अच्छा ही मानता हूं, उदाहरण के तौर पर पेटीएम का जो परिणाम सामने आया है उनका रेवेन्यू बहुत अच्छा है, पेटीएम को 182 करोड़ का इंसेंटिव सरकार से मिला है UPI प्रमोशन के लिए, अगर एडजेस्टेड EBitda में 182 करोड़ हटा देंगे क्योंकि ये वन टाइम इनकम है यह कोई बिज़नेस इनकम नहीं है, एडजेस्टेड EBitda को मैं अच्छा मानता हूं क्योंकि इससे हमें कंपनी के बारे में क्लीयर पिक्चर मिलती है।
सवाल - आज कल कुछ लोग टेलीग्राम और व्हाट्सएप से टिप्स लेकर निवेश करते हैं? या किसी के कहने पर स्टॉक मार्किट मे निवेश करते हैं, आपकी क्या सलाह होगी इन लोगों के लिए?
जवाब - पहले के निवेशको की समस्या यह थी की उन्हें जानकारी कम मिलती थी और अभी के निवेशकों की समस्या यह है की उन्हें जानकारी बहुत अधिक मिल रही है, इंटरनेट सोशल मीडिया व्हाट्सएप ग्रुप प्रिंट मीडिया टेलीविजन से भी कई जानकारियां मिल रही है, इन सभी जगहों से हमें सिर्फ जानकारी लेनी चाहिए ना की कही इन्वेस्टमेंट करना चाहिए। आप इन सभी जगहों से जानकारी लीजिये और जानकारी लेने के बाद उसे पढ़े और क्रॉस चेक करे, क्योंकि इन्ही कारणों की वजह से कई बड़े बड़े फ़्रॉड हो चुके है। कुछ बॉलीवुड एक्टर भी टेलीग्राम के जरिए फ्रॉड में आरोपित हो चुके हैं। आप खुद की स्टडी जरूरी करें। क्योंकि आपको हर चीज की अपडेट तो मिलेगी नहीं।
