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Most Powerful Women 2026: महिला उद्यमियों को लेकर नितिन गडकरी ने क्या कहा?

Business Today के Most Powerful Women in Business कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने महिला उद्यमियों की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत को विश्वगुरु बनाने और अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में महिला उद्यमियों की अहम भूमिका है। गडकरी ने इनोवेशन, टेक्नोलॉजी, रिसर्च और सही बिजनेस फैसलों को सफलता की कुंजी बताया। उन्होंने कहा कि हारने से कोई व्यक्ति खत्म नहीं होता, बल्कि प्रयास छोड़ देने से होता है। कार्यक्रम में उन्होंने महिलाओं की सफलता की कहानियों को दूसरों के लिए प्रेरणा बताया। साथ ही ग्लोबल मार्केट, एक्सपोर्ट और भविष्य की तकनीक पर ध्यान देने का संदेश दिया।

Most Powerful Women: दुश्मन के ड्रोन हमलों को कैसे रोकेगा भारत? एंटी-ड्रोन सिस्टम और नई डिफेंस टेक्नोलॉजी पर चर्चा

दुनियाभर में बदलते युद्ध के तरीकों ने ड्रोन और एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी की अहमियत बढ़ा दी है। अब छोटे देश भी आधुनिक तकनीक के जरिए बड़ी सैन्य ताकतों को चुनौती दे सकते हैं। ऐसे में भारत अपनी रक्षा क्षमताओं को कैसे मजबूत कर रहा है? डिफेंस टेक्नोलॉजी से जुड़ी चर्चा में बताया गया कि 2018 से ही एंटी-ड्रोन सिस्टम पर निवेश शुरू कर दिया गया था। साथ ही AI, रोबोटिक्स और एम्बेडेड सिस्टम में कुशल युवाओं की जरूरत पर जोर दिया गया। कंपनियां नई तकनीक विकसित करने के लिए रिसर्च, अधिग्रहण और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप पर भी ध्यान दे रही हैं। जानिए आधुनिक युद्ध की चुनौतियां।

Most Powerful Women: मैन्युफैक्चरिंग में आगे बढ़ा भारत, फिर ग्लोबल मार्केट में कहां रह गई कमी?

भारत मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब दुनिया के लिए भी उत्पाद बना रहा है। लेकिन ग्लोबल मार्केट में मुकाबला करने के लिए अभी किन चुनौतियों को दूर करना जरूरी है? Data Patterns की रंगराजू ने बताया कि भारत में तकनीकी कौशल या संसाधनों की कमी नहीं, बल्कि लंबे समय तक डिजाइन और प्रोडक्ट डेवलपमेंट पर पर्याप्त फोकस नहीं रहा। उन्होंने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि मैन्युफैक्चरिंग के साथ डिजाइन पर भी ध्यान देना जरूरी है। आत्मनिर्भर भारत और रक्षा क्षेत्र में बदलाव से नए अवसर खुले हैं। जानिए भारत की अगली चुनौती क्या है।

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'त्योहारों में भी इतना नुकसान नहीं हुआ!' CJP के प्रदर्शन पर भड़के संजीव मेहरा

दिल्ली में लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों और सड़कों की बंदिशों से खान मार्केट और कनॉट प्लेस के व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव मेहरा ने आज तक से खास बातचीत में दावा किया कि प्रदर्शनों के कारण बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही घट रही है और कारोबारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि दुकानों का किराया, कर्मचारियों की सैलरी और अन्य खर्च व्यापारियों पर भारी पड़ रहे हैं। संजीव मेहरा ने राजनीतिक दलों पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की बात भी कही। देखिए यह खास रिपोर्ट।

बाढ़ से नुकसान हो या सड़कें टूटी हों, योगी बोले- जितना पैसा खर्च होगा, सरकार देगी!

उत्तर प्रदेश में बाढ़, भारी बारिश और नदियों के कटान से हुए नुकसान को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ से बचाव, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और आवागमन बहाल करने के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। सिंचाई विभाग, PWD, नगर विकास विभाग और विकास प्राधिकरणों को पर्याप्त फंड उपलब्ध कराया गया है। सीएम योगी ने अधिकारियों को कटान रोकने के लिए तत्काल काम शुरू करने को कहा है। उन्होंने किसानों, व्यापारियों, युवाओं और आम नागरिकों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है। जानिए मुख्यमंत्री ने और क्या निर्देश दिए।

डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर रुपया, क्या 100 तक पहुंचेगा USD/INR? एक्सपर्ट ने बताए अहम लेवल

रुपये को लेकर बाजार का नजरिया सतर्क हो गया है। एक विश्लेषक ने रुपये को लगातार कमजोर होने वाली करेंसी बताते हुए USD/INR के 98.50–100 तक पहुंचने की आशंका जताई है। इस चर्चा में रुपये की लंबी अवधि की कमजोरी, हाल के रिकॉर्ड निचले स्तरों और 95.50–95.75 के अहम सपोर्ट स्तर पर बात की गई है। जानिए, डॉलर के मुकाबले रुपया 100 के स्तर तक पहुंचने पर भारतीय शेयर बाजार और निवेशकों की धारणा पर क्या असर पड़ सकता है।

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Gold-Silver Price Outlook: सोने में ₹1.40 लाख और चांदी में ₹2 लाख का सपोर्ट, गिरावट पर खरीदारी करें या करें इंतजार?

बाजार में अनिश्चितता और बॉन्ड यील्ड बढ़ने के बावजूद सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट क्यों आई है? इस विश्लेषण में MCX के अहम सपोर्ट स्तरों, संभावित प्राइस टारगेट और गोल्ड व सिल्वर ETF में निवेश के विकल्पों पर चर्चा की गई है। सोने की कीमतें फिलहाल एक सीमित दायरे में नजर आ रही हैं, जबकि चांदी में कमजोरी बनी हुई है। जानिए, धीरे-धीरे निवेश बढ़ाने की रणनीति अपनाने से पहले किन अहम स्तरों पर ध्यान देना चाहिए।