Zomato Orders पर बढ़ सकता है खर्च, सस्टेनेबल पैकेजिंग से 10 से 30 फीसदी तक महंगा हो सकता है खाना!
जॉमेटो से खाना ऑर्डर करना आने वाले समय में महंगा हो सकता है। कंपनी के मुताबिक प्लास्टिक की जगह सस्टेनेबल पैकेजिंग अपनाने से ऑर्डर की कीमत 10 से 30 फीसदी तक बढ़ सकती है। हालांकि बड़े स्तर पर इस्तेमाल बढ़ने के बाद इसकी लागत कम होने की उम्मीद है।

In Short
- सस्टेनेबल पैकेजिंग अपनाने पर फूड डिलीवरी ऑर्डर 10 से 30 फीसदी तक महंगे हो सकते हैं।
- अभी पैकेजिंग का खर्च कुल ऑर्डर बिल का करीब 5 फीसदी होता है।
- जॉमेटो ने रेस्टोरेंट के लिए PackSwitch प्लेटफॉर्म और लो प्लास्टिक पैकेजिंग फिल्टर शुरू किया है।
ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने वालों के लिए आने वाले समय में बिल थोड़ा ज्यादा हो सकता है। जॉमेटो ने कहा है कि अगर प्लास्टिक की जगह सस्टेनेबल और बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग का इस्तेमाल बढ़ता है तो ऑर्डर की कीमत 10 से 30 फीसदी तक बढ़ सकती है। कंपनी के मुताबिक, पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए पैकेजिंग में बदलाव जरूरी है, लेकिन इसकी कीमत कम करने के लिए बड़े स्तर पर इस्तेमाल बढ़ना जरूरी होगा।
यानी अब फूड डिलीवरी में पैकेजिंग का खर्च कितना बढ़ेगा और ग्राहकों पर इसका कितना असर पड़ेगा, यह सस्टेनेबल पैकेजिंग के इस्तेमाल पर निर्भर करेगा।
पैकेजिंग पहले से ही ऑर्डर बिल का 5 फीसदी हिस्सा
जॉमेटो की चीफ सस्टेनेबिलिटी ऑफिसर अंजलि रवि कुमार ने बताया कि अभी ज्यादातर फूड डिलीवरी प्लास्टिक कंटेनर या प्लास्टिक रैपिंग में होती है। आमतौर पर पैकेजिंग का खर्च किसी ऑर्डर के कुल बिल का करीब 5 फीसदी होता है और यह खर्च ग्राहक ही उठाता है।
उन्होंने कहा कि प्लास्टिक की जगह बैगेस, एल्युमिनियम, पेपर और मिट्टी के बर्तन जैसी सस्टेनेबल पैकेजिंग का इस्तेमाल करने में सबसे बड़ी चुनौती इसकी कीमत है।
ग्राहक ज्यादा कीमत देने को तैयार नहीं
अंजलि रवि कुमार के मुताबिक, ग्राहक पर्यावरण के लिए बेहतर पैकेजिंग चाहते हैं, लेकिन इसके लिए ज्यादा पैसे देने की उनकी क्षमता सीमित है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे सस्टेनेबल पैकेजिंग का इस्तेमाल बढ़ेगा और इसका उत्पादन बड़े स्तर पर होगा, वैसे-वैसे इसकी कीमत भी कम हो सकती है।
उनका कहना है कि बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने के बाद पैकेजिंग की लागत अपने आप कम होने लगेगी।
जॉमेटो ने शुरू किया पैकस्विच प्लेटफॉर्म
सस्टेनेबल पैकेजिंग को बढ़ावा देने के लिए जॉमेटो ने पैकस्विच नाम का एक इंटरैक्टिव वेबसाइट प्लेटफॉर्म शुरू किया है। इसके जरिए रेस्टोरेंट, क्लाउड किचन और छोटे फूड बिजनेस अपने खाने के हिसाब से सही पैकेजिंग का चुनाव कर सकते हैं।
इस प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग पैकेजिंग मटेरियल, उनके इस्तेमाल, बिजनेस पर असर और पर्यावरण से जुड़ी जानकारी दी गई है।
हर खाने के हिसाब से अलग पैकेजिंग जरूरी
जॉमेटो ने कहा कि फूड डिलीवरी में पैकेजिंग का चुनाव काफी अहम होता है। क्योंकि बिरयानी से लेकर मिठाई तक हर तरह के खाने को सुरक्षित तरीके से ग्राहक तक पहुंचाना होता है।
कंपनी के मुताबिक, रेस्टोरेंट को पैकेजिंग चुनते समय अपने खाने के प्रकार, ब्रांड और खर्च को ध्यान में रखना चाहिए।
10 हजार से ज्यादा रेस्टोरेंट जुड़े
जॉमेटो ने ऐप पर लो प्लास्टिक पैकेजिंग फिल्टर भी शुरू किया है। इसके जरिए ग्राहक ऐसे रेस्टोरेंट पहचान सकते हैं जो कम प्लास्टिक वाली पैकेजिंग का इस्तेमाल कर रहे हैं।
कंपनी के अनुसार, उसके प्लास्टिक फ्री फ्यूचर प्रोग्राम के तहत 500 से ज्यादा शहरों में 10 हजार से अधिक रेस्टोरेंट को सस्टेनेबल पैकेजिंग अपनाने के लिए पहचाना गया है। कंपनी अब इस पहल को और बढ़ाने पर काम कर रही है।

