ट्रैफिक नियम तोड़ना पड़ सकता है भारी! ₹5,000 से ₹25,000 तक लग सकता है जुर्माना
सड़क पर की गई छोटी सी लापरवाही कई बार जेब पर भारी पड़ सकती है। ट्रैफिक नियम तोड़ने पर शराब पीकर ड्राइविंग, ओवरलोडिंग, बिना लाइसेंस वाहन चलाने और नाबालिग को गाड़ी देने जैसे मामलों में हजारों रुपये का जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

सड़क पर छोटी सी गलती भी आपकी जेब पर बड़ा असर डाल सकती है। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर कई मामलों में हजारों रुपये का जुर्माना लग सकता है। शराब पीकर गाड़ी चलाना, ज्यादा सामान लादना, बिना लाइसेंस वाहन चलाना या इमरजेंसी गाड़ियों को रास्ता न देना जैसी गलतियां महंगी साबित हो सकती हैं।इनमें से कुछ गलतियां ऐसी हैं जिन पर सीधे भारी जुर्माने का प्रावधान है और कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

शराब पीकर ड्राइविंग करना सिर्फ चालान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसमें कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। पहली बार नियम तोड़ने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है या छह महीने तक की जेल हो सकती है।वहीं, अगर यही गलती दोबारा की जाती है तो जुर्माना बढ़कर 15,000 रुपये तक पहुंच सकता है। इसके साथ ही दो साल तक की जेल का भी प्रावधान है।

सड़क पर एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड या दूसरी इमरजेंसी गाड़ियों को रास्ता देना जरूरी है। अगर कोई वाहन चालक इन गाड़ियों को रास्ता नहीं देता है तो उस पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।ऐसे मामलों में छह महीने तक की जेल का भी प्रावधान है। इसलिए जल्दबाजी में किया गया फैसला बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है।

अगर कोई वाहन मालिक ऐसे व्यक्ति को गाड़ी चलाने देता है जिसके पास ड्राइविंग की कानूनी अनुमति नहीं है तो परेशानी वाहन मालिक की भी बढ़ सकती है।नाबालिग के वाहन चलाते पकड़े जाने पर गार्जियन या वाहन मालिक पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा तीन साल तक की जेल का प्रावधान भी है। साथ ही वाहन के रजिस्ट्रेशन पर भी कार्रवाई हो सकती है।ट्रैफिक नियमों का पालन सिर्फ चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि सड़क पर अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है।


