मुंबई छोड़ भोपाल क्यों पहुंचे? शख्स ने बताईं 14 वजहें, ₹17 हजार में 2BHK ने चौंकाया
एक्स पर Kalyan Kumar Biswal ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ मुंबई छोड़कर भोपाल चले गए। उनका कहना है कि यहां कम खर्च में ज्यादा आराम की जिंदगी मिल रही है।

In Short
- ₹17 हजार में 2BHK: भोपाल में कम किराए में अच्छी सोसाइटी में सजा हुआ 2BHK मिला।
- कम सफर, ज्यादा समय: शहर में आने-जाने का समय कम होने से रोजमर्रा की भागदौड़ घट गई।
- कम खर्च में आराम की जिंदगी: सस्ती सुविधाओं और जल्दी खत्म होने वाले दफ्तर के काम से परिवार और दोस्तों के लिए ज्यादा समय मिला।
मुंबई को अक्सर सपनों का शहर कहा जाता है। लेकिन एक शख्स की कहानी ने अब मुंबई और भोपाल की जिंदगी को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। एक्स पर Kalyan Kumar Biswal ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ मुंबई छोड़कर भोपाल चले गए। उनका कहना है कि यहां कम खर्च में ज्यादा आराम की जिंदगी मिल रही है।
भोपाल आने की एक बड़ी वजह कम किराया है। बिस्वाल के मुताबिक, उन्हें एक अच्छी सोसाइटी में पूरी तरह सजा हुआ दो कमरों का घर सिर्फ 17 हजार रुपये महीने में मिल गया। घर में एसी, फ्रिज, सोफा और बिस्तर जैसी जरूरी चीजें भी हैं। उनके मुताबिक, मुंबई में इसी तरह के घर के लिए काफी ज्यादा किराया देना पड़ सकता है।
इसके अलावा आने-जाने में लगने वाला समय भी कम है। बिस्वाल का कहना है कि भोपाल में शहर के ज्यादातर हिस्सों तक करीब 17 मिनट में पहुंचा जा सकता है। टैक्सी भी आसानी से मिल जाती है। कम सफर की वजह से उन्हें हर दिन गाड़ी की जरूरत भी कम पड़ती है।
उन्होंने भोपाल की हवा, सस्ता घरेलू काम, कम कीमत वाला व्यायाम केंद्र और सिनेमा टिकट का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि ब्लिंकिट और अर्बन कंपनी जैसी सुविधाएं भी यहां मिलती हैं। यानी छोटे शहर में रहने का मतलब सुविधाओं से समझौता करना नहीं है।
लेकिन उनके लिए सबसे बड़ा फायदा ज्यादा खाली समय है। बिस्वाल के मुताबिक, भोपाल में दफ्तर करीब 5:30 बजे तक खत्म हो जाता है। ऐसे में लोग शाम को जल्दी घर पहुंच जाते हैं। इस अतिरिक्त समय की वजह से उनका सामाजिक जीवन भी बेहतर हुआ है। अब सप्ताह के कामकाजी दिनों में भी दोस्तों के साथ घर पर मिलना और पार्टी करना आसान हो गया है।
एक्स पोस्ट में उन्होंने मुंबई से भोपाल जाने की वजहें बताई है:



एक्स पर साझा की गई पोस्ट में उन्होंने मुंबई और भोपाल की जिंदगी के बीच अपना अनुभव बताया।
बिस्वाल का कहना है कि भोपाल में लोगों के पास एक-दूसरे के लिए ज्यादा समय है। यही चीज उन्हें मुंबई की तेज और भागदौड़ वाली जिंदगी से सबसे अलग लगती है।
भोपाल की जगह और आने-जाने की सुविधा भी उन्हें पसंद आई। उन्होंने रेलवे नेटवर्क का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली, मुंबई, वाराणसी और कोलकाता जैसे शहरों तक जाना आसान है।
हालांकि, हर कोई इस बात से सहमत नहीं है। कुछ लोगों का कहना है कि मुंबई में नौकरी के मौके, बड़ी कंपनियां और बेहतर सुविधाएं ज्यादा हैं। इसलिए भोपाल में कम खर्च और आराम वाली जिंदगी हर किसी के लिए सही हो, यह जरूरी नहीं है।
बच्चों की पढ़ाई और आगे नौकरी के मौकों को लेकर भी सवाल उठे। बड़े शहरों में स्कूल, कॉलेज और नौकरी के ज्यादा विकल्प मिलते हैं।
फिर भी बिस्वाल के लिए भोपाल का फैसला सही साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि उन्हें मुंबई की सिर्फ मरीन ड्राइव की कमी महसूस होती है। बाकी, भोपाल की झीलें और आराम वाली जिंदगी उन्हें पसंद आ रही है।

