LPG सप्लाई संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला! रिफाइनरियों और कंपनियों के लिए तय किया उत्पादन का नया लक्ष्य
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पहली बार सरकारी और निजी रिफाइनरियों के साथ अपस्ट्रीम कंपनियों के लिए एलपीजी उत्पादन की अधिकतम सीमा तय की है। सप्लाई संकट की स्थिति में इन कंपनियों को तय स्तर तक उत्पादन बढ़ाना होगा।

पश्चिम एशिया संकट के दौरान LPG सप्लाई में आई मुश्किलों के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पहली बार सरकारी और निजी रिफाइनरियों के साथ अपस्ट्रीम कंपनियों के लिए एलपीजी उत्पादन की अधिकतम सीमा तय की है। सप्लाई संकट की स्थिति में इन कंपनियों को तय स्तर तक उत्पादन बढ़ाना होगा।
13 अगस्त के आदेश में 21 रिफाइनरियों और अपस्ट्रीम कंपनियों के लिए कुल 63,810 टन प्रतिदिन एलपीजी उत्पादन क्षमता तय की गई है। यह वित्त वर्ष 2025-26 के घरेलू उत्पादन से दोगुने से ज्यादा और देश की रोजाना खपत का करीब 70% है।
रिलायंस के पास सबसे बड़ा जिम्मा
सबसे बड़ा लक्ष्य Reliance Industries की जामनगर स्थित 3.3 करोड़ टन सालाना क्षमता वाली DTA रिफाइनरी को मिला है। इसे जरूरत पड़ने पर रोजाना 18,000 टन एलपीजी उत्पादन करना होगा। कंपनी की केवल निर्यात के लिए बनी दूसरी जामनगर रिफाइनरी के लिए कोई लक्ष्य नहीं रखा गया है।
सरकारी तेल कंपनियों की 18 रिफाइनरियों को कुल 31,470 टन प्रतिदिन उत्पादन का लक्ष्य मिला है। Nayara Energy की वाडिनार रिफाइनरी के लिए 4,480 टन और ONGC तथा GAIL जैसे गैस उत्पादकों-प्रोसेसरों के लिए कुल 6,460 टन प्रतिदिन का लक्ष्य तय किया गया है।
64% से ज्यादा LPG आयात पर निर्भर भारत
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 3.32 करोड़ टन LPG की खपत की। इसमें सिर्फ 1.31 करोड़ टन घरेलू स्तर पर बना, जबकि 2.13 करोड़ टन आयात करना पड़ा। यानी देश 64% से ज्यादा जरूरत के लिए आयात पर निर्भर था।
ईरान युद्ध के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सप्लाई प्रभावित हुई तो सरकार को मार्च में रिफाइनरियों से पेट्रोकेमिकल में इस्तेमाल होने वाले इनपुट को LPG उत्पादन में लगाने को कहना पड़ा। संकट के चरम पर घरेलू उत्पादन बढ़कर करीब 55,000 टन प्रतिदिन पहुंच गया था।
नए फ्रेमवर्क के तहत कंपनियों को LPG स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट और निकासी के लिए पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर भी बनाए रखना होगा। सरकार हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को उत्पादन शेड्यूल की समीक्षा करेगी।

