'सप्लाई चेन और व्यापार का हो रहा हथियार की तरह इस्तेमाल', Bloomberg Forum में पीएम मोदी ने दुनिया को दिया संदेश
दुनिया में व्यापार, टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन अब सिर्फ देशों को जोड़ने का जरिया नहीं रह गए हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित Bloomberg New Economy Forum में इनके इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में देशों के बीच भरोसा सबसे बड़ी चुनौती है। जानिए पीएम मोदी ने भारत की भूमिका और वैश्विक निवेश के अवसरों पर क्या कहा।

In Short
- PM मोदी ने व्यापार और सप्लाई चेन के दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल पर चिंता जताई।
- Bloomberg Forum में कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भरोसा सबसे अहम है।
- - प्रधानमंत्री ने भारत को भरोसेमंद साझेदार और निवेश के अवसरों वाला देश बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन को लेकर बड़ी चिंता जताई है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम मोदी ने कहा कि जिन व्यवस्थाओं ने कभी दुनिया को आपस में जोड़ा था, आज उन्हीं का इस्तेमाल दूसरे देशों पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। इनमें सप्लाई चेन, व्यापार और टेक्नोलॉजी शामिल हैं।
मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित Bloomberg New Economy Forum को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में सबसे बड़ी चुनौती भरोसे की है। उन्होंने भारत को एक ऐसे देश के रूप में पेश किया, जो बदलती दुनिया में अलग सोच के साथ भरोसेमंद साझेदारी को आगे बढ़ाना चाहता है।
सप्लाई चेन को लेकर PM मोदी ने क्या कहा?
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज दुनिया के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जरूरत के समय जरूरी सामान की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी। देशों के बीच भरोसा होना चाहिए कि मुश्किल परिस्थितियों में भी आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि कई दशकों के वैश्वीकरण के दौरान दुनिया ने व्यापार और सप्लाई के बड़े नेटवर्क तैयार किए थे। लेकिन अब इन व्यापारिक रास्तों पर ऐसी रुकावटें पैदा हो रही हैं, जो अंतरराष्ट्रीय कारोबार के लिए चुनौती बन सकती हैं।
'दुनिया को जोड़ने वाली चीजें अब हथियार बन रही हैं'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिन व्यवस्थाओं ने कभी दुनिया को एक-दूसरे से जोड़ा था, आज उनका इस्तेमाल दबाव बनाने और दूसरे देशों को प्रभावित करने के साधन के रूप में किया जा रहा है।
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते प्रभाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि AI लगभग हर क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में वैश्विक व्यापार और आर्थिक संबंधों में बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
वैश्विक व्यापार में भरोसा क्यों जरूरी?
पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा दौर में देशों के बीच विश्वास सबसे अहम मुद्दों में से एक बन गया है। केवल व्यापारिक संबंध होना काफी नहीं है, बल्कि यह भरोसा भी जरूरी है कि साझेदार देश अपने वादों को निभाएंगे।
उनके मुताबिक, जरूरत के समय सामान की सप्लाई जारी रहने और मुश्किल परिस्थितियों में एक-दूसरे का साथ देने का भरोसा वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
भारत को बताया भरोसेमंद वैश्विक साझेदार
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया में बढ़ती अनिश्चितताओं के बीच भारत एक अलग सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भारत को ऐसे साझेदार के रूप में पेश किया, जिस पर दूसरे देश भरोसा कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक प्रगति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और यहां वैश्विक निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं। उनके संबोधन का मुख्य संदेश था कि बदलते वैश्विक माहौल में भारत भरोसे और आर्थिक साझेदारी को प्राथमिकता दे रहा है।
